सोनारी राजकीय जनता मध्य विद्यालय में साइबर सुरक्षा जागरूकता और नशा मुक्ति कार्यक्रम
JSRnews.com | Local | 31 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर के सोनारी थाना क्षेत्र अंतर्गत राजकीय जनता मध्य विद्यालय में हाल ही में साइबर सुरक्षा और नशा मुक्ति पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को डिजिटल खतरे और नशे के दुष्प्रभावों से सजग करना था।
महत्वपूर्ण बिंदु
- कार्यक्रम में साइबर थाना के प्रभारी श्रीनिवास और सब-इंस्पेक्टर कुणाल कुमार ने हिस्सा लिया।
- विद्यार्थियों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, ओटीपी सुरक्षा, और सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग पर सलाह दी गई।
- नशे से उत्पन्न स्वास्थ्य और मानसिक प्रभावों पर बच्चों को विस्तृत जानकारी दी गई।
- शिक्षकगण ने भी इस कार्यक्रम में भाग लेकर बच्चों को प्रोत्साहित किया।
पृष्ठभूमि
आज डिजिटल युग में छात्रों को साइबर खतरों से बचाने की आवश्यकता अत्यंत महत्वपूर्ण हो गई है। साथ ही नशा मुक्ति भी युवा पीढ़ी के समग्र विकास के लिए जरूरी है। स्कूल स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम इन प्रकार की गंभीर समस्याओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ताज़ा जानकारी
कार्यक्रम गुरुवार को सुबह 11:30 बजे शुरू होकर दोपहर 1:00 बजे तक चला, जिसमें स्कूल के सभी छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने सक्रिय भागीदारी की। अधिकारीयों ने डिजिटल सुरक्षा के साथ-साथ नशा मुक्त जीवनशैली अपनाने की भी जोरदार अपील की।
साइबर सुरक्षा जागरूकता
साइबर थाना प्रभारी श्रीनिवास ने विद्यार्थियों को बताया कि ऑनलाइन धोखाधड़ी, फिशिंग, OTP शेयर करना कितना खतरनाक हो सकता है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सावधानी बरतने के लिए आवश्यक कदम भी विस्तार से समझाए।
नशा मुक्ति
सब-इंस्पेक्टर कुणाल कुमार ने छात्रों को नशे के शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया और नशा छोड़ने तथा दूसरों को भी इस बात के लिए प्रेरित करने की अपील की।
आधिकारिक बयान
कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने बच्चों को जागरूकता अभियान को पूरी तरह से अपनाने और अपने दैनिक जीवन में लागू करने हेतु प्रोत्साहित किया। इस पहल को स्कूल प्रशासन ने भी काफी सराहा।
जनता पर प्रभाव
ऐसे कार्यक्रम न केवल छात्र-छात्राओं की सुरक्षा के लिए आवश्यक हैं, बल्कि समग्र समाज के लिए भी जागरूकता फैलाने में मददगार साबित होते हैं। इससे परिवार और समाज में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।
आगे क्या होगा?
स्कूल प्रशासन ने इस तरह के कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की योजना बनाई है ताकि न केवल साइबर सुरक्षा बल्कि अन्य सामाजिक मुद्दों पर भी बच्चों में ज्ञान और समझदारी बढ़े।
निष्कर्ष
साइबर सुरक्षा जागरूकता और नशा मुक्ति जैसे विषयों पर होने वाले कार्यक्रम विद्यार्थियों के समग्र विकास के लिए आवश्यक हैं। राजकीय जनता मध्य विद्यालय, सोनारी द्वारा आयोजित ये पहल स्थानीय समुदाय में एक सकारात्मक संदेश का संचार करती है।
अकसर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- साइबर सुरक्षा जागरूकता क्यों जरूरी है?
आज छात्र डिजिटल दुनिया का हिस्सा हैं, जहां ऑनलाइन धोखा और साइबर अपराध दिनोंदिन बढ़ रहे हैं। जागरूकता से इनसे बचाव संभव है। - नशा बच्चों के स्वास्थ्य पर क्या प्रभाव डालता है?
नशा शारीरिक व मानसिक दोनों तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा करता है तथा भविष्य को खराब करता है। - स्कूलों में ऐसे कार्यक्रम कितनी बार आयोजित होने चाहिए?
नियमित अंतराल पर ताकि बच्चे नयी जानकारियाँ प्राप्त करते रहें और जागरूक बने रहें। - क्या शिक्षकों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है?
हां, शिक्षक बच्चों को मार्गदर्शन देने और प्रेरित करने में अहम भूमिका निभाते हैं। - परिवार इस तरह की जागरूकता में कैसे योगदान दे सकता है?
घर में खुले तौर पर चर्चा और साइबर तथा नशा जैसे खतरों से सचेत करने में परिवार सहयोग कर सकता है।



