पूर्वी सिंहभूम की सड़क परियोजनाओं को लेकर सांसद विद्युत वरण महतो की केंद्रीय मंत्री से अहम बैठक
JSRnews.com | Local | 31 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर के सांसद विद्युत वरण महतो ने हाल ही में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर पूर्वी सिंहभूम जिले एवं आस-पास के क्षेत्रों में सड़क एवं पुल निर्माण परियोजनाओं की प्राथमिकता से स्वीकृति देने का आग्रह किया। यह कदम स्थानीय विकास व कनेक्टिविटी को मजबूत करने के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्य बिंदु
- जमशेदपुर के पारडीह काली मंदिर से पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा तक नए सड़क मार्ग का प्रस्ताव
- चाईबासा-हाता NH-220 मार्ग का ओडिशा के बंबई चौक तक विस्तार
- CRIF के तहत धालभूमगढ़ से ओडिशा सीमा तक 16.825 किमी सड़क का निर्माण
- बामडोल घाट पर स्वर्णरेखा नदी पर हाई लेवल PSC पुल की मांग
- धालभूमगढ़ फ्लाईओवर के पास स्थायी सीमेंट कंक्रीट सड़क का प्रस्ताव
पृष्ठभूमि
पूर्वी सिंहभूम जिला झारखंड के प्रमुख औद्योगिक एवं खनन क्षेत्रों में से एक है, जहाँ कनेक्टिविटी की कमी ने विकास में बाधा उत्पन्न की है। लंबे समय से स्थानीय जनता एवं सांसद द्वारा बेहतर सड़क और पुल परियोजनाओं की मांग होती रही है ताकि क्षेत्रीय व्यापार, उद्योग और आवागमन को गति मिल सके।
ताजा अपडेट्स
सांसद विद्युत वरण महतो ने केंद्रीय मंत्री के समक्ष जमशेदपुर के पारडीह काली मंदिर से बांकुड़ा तक नए राष्ट्रीय राजमार्ग मार्ग के निर्माण की मांग रखी। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग-18 से जुड़ा एक मजबूत कनेक्शन बनेगा जो टाटा स्टील, दुर्गापुर स्टील प्लांट जैसे बड़े औद्योगिक प्रतिष्ठानों को जोड़ने में मदद करेगा। साथ ही, NH-220 के विस्तार की भी माँग की गई जो खनन क्षेत्र से ओडिशा तक अंतरराज्यीय आवागमन में सुधार लाएगा।
केंद्रीय सड़क और पुल निर्माण के प्रस्ताव
Central Road and Infrastructure Fund (CRIF) के तहत धालभूमगढ़-नरसिंहगढ़ रेलवे क्रॉसिंग से मुसाबनी-डुमरिया मार्ग तक 16.825 किलोमीटर सड़कों के निर्माण की परियोजना प्रस्तुत की गई है। प्रस्तावित परियोजना की अनुमानित लागत लगभग 118.65 करोड़ रुपये बताई गई है। इसके अतिरिक्त, बामडोल घाट पर स्वर्णरेखा नदी पर हाई लेवल PSC पुल के निर्माण की भी मांग की गई, जिसका अनुमानित खर्च 162.14 करोड़ रुपये है।
धालभूमगढ़ फ्लाईओवर का स्थायी समाधान
फ्लाईओवर के आस-पास लगातार बारिश के दौरान रोड क्षतिग्रस्त हो जाती है जिससे स्थानीय लोगों को भारी परेशानी होती है। सांसद ने यहां सीमेंट कंक्रीट (PQC) की उच्च गुणवत्ता वाली सड़क निर्माण की मांग की, जो टिकाऊ हो और बार-बार मरम्मत की आवश्यकता से बचाए।
आधिकारिक बयान
विद्युत वरण महतो ने कहा, "हमने पूर्वी सिंहभूम के विकास को ध्यान में रखते हुए सभी परियोजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर मंजूर कराने का आग्रह किया है। यह क्षेत्र आर्थिक और सामाजिक प्रगति के लिए अहम है।" केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सांसद के प्रस्तावों को गंभीरता से लिया और क्षेत्रीय विकास के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया।
जनता पर प्रभाव
इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन से पूर्वी सिंहभूम के ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में बेहतर सड़क संपर्क स्थापित होगा, जिससे रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं तक पहुंच में सुधार होगा। औद्योगिक गतिविधियाँ भी तेज होंगी और पूरे क्षेत्र की आर्थिक दिशा सुधरेगी।
आगे क्या होगा
सांसद महतो ने सभी परियोजनाओं के लिए वित्तीय एवं प्रशासनिक अनुमोदन की मांग की है। अब केंद्रीय मंत्रालय की ओर से इन प्रस्तावों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। सफल अनुमति मिलने पर शीघ्र इन परियोजनाओं का क्रियान्वयन शुरू होगा, जो क्षेत्र के विकास में एक नया अध्याय खोलेगा।
निष्कर्ष
पूर्वी सिंहभूम को सड़क और पुलों के जरिए बेहतर जोड़ने के लिए सांसद विद्युत वरण महतो की पहल क्षेत्रीय सुधार और विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इनके समर्थन में आवश्यक स्वीकृति मिलने पर इलाके में विकास के साथ-साथ जीवन स्तर में सुधार संभव है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- प्रश्न: सांसद विद्युत वरण महतो ने किन परियोजनाओं के लिए केंद्रीय मंत्री से मुलाकात की?
उत्तर: पूर्वी सिंहभूम में नए राष्ट्रीय राजमार्ग, NH-220 का विस्तार, CRIF के तहत सड़क निर्माण, हाई लेवल पुल बनाने व धालभूमगढ़ फ्लाईओवर के लिए स्थायी सड़क समाधान की मांग की गई। - प्रश्न: इन परियोजनाओं का क्षेत्रीय विकास पर क्या प्रभाव होगा?
उत्तर: बेहतर कनेक्टिविटी से औद्योगिक विकास, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और आदिवासी ग्रामीण क्षेत्रों के जीवन स्तर में सुधार होगा। - प्रश्न: प्रस्तावित परियोजनाओं की कुल लागत कितनी है?
उत्तर: प्रमुख परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत लगभग 280 करोड़ रुपये है। - प्रश्न: केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने सांसद के प्रस्तावों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
उत्तर: उन्होंने क्षेत्र के विकास को लेकर सांसद के प्रयासों को महत्व देते हुए आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया। - प्रश्न: आगे क्या प्रक्रिया होगी?
उत्तर: मंत्रालय इन प्रस्तावों की समीक्षा के बाद वित्तीय और प्रशासनिक मंजूरी प्रदान करेगा, उसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।



