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टाटा स्टील का नया ग्रीन कंक्रीट : पर्यावरण के लिए अहम कदम

टाटा स्टील का नया ग्रीन कंक्रीट : पर्यावरण के लिए अहम कदम

JSRnews.com  |  Business  |  26 Jun 2026

परिचय

टाटा स्टील ने निर्माण और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक नया कदम उठाते हुए एलडी स्लैग से बने एम-सैंड का उपयोग करके ग्रीन कंक्रीट विकसित किया है। यह पहल सतत निर्माण और सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने के लिए अहम मानी जा रही है।

मुख्य बिंदु

  • टाटा स्टील ने एलडी स्लैग से एम-सैंड बनाया
  • ग्रीन कंक्रीट के निर्माण में इसका सफल उपयोग
  • भारतीय मानकों के अनुसार M15, M20, M25 ग्रेड कंक्रीट का परीक्षण सफल
  • प्राकृतिक संसाधनों की बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी
  • बेहतर निर्माण प्रदर्शन और कार्यशीलता

पृष्ठभूमि

स्टील निर्माण प्रक्रिया के दौरान एलडी (लिंज़-डोनाविट्ज़) स्लैग एक उप-उत्पाद के रूप में निकलता है जिसका उपयोग लंबे समय तक चुनौती रहा है। टाटा स्टील के इंडस्ट्रियल बाय-प्रोडक्ट्स मैनेजमेंट डिवीजन (IBMD) ने इस चुनौती का समाधान खोजा और एलडी स्लैग से एम-सैंड तैयार किया, जिसे निर्माण सामग्री के विकल्प के रूप में उपयोग करने की दिशा में कदम बढ़ाया।

नवीनतम अपडेट

टाटा स्टील यूआईएसएल और क्रॉस-फंक्शनल टीम ने इस एम-सैंड की गुणवत्ता का परीक्षण भारतीय मानकों IS 10262 और IS 456 के तहत किया और यह पाया कि यह M15, M20 और M25 ग्रेड के कंक्रीट मिक्स के लिए पूरी तरह उपयुक्त है। इस नए ग्रीन कंक्रीट में हर घन मीटर के लिए लगभग एक टन एम-सैंड का इस्तेमाल किया जाता है, जो निर्माण कार्य में प्राकृतिक रेत की मांग को कम करेगा।

टाटा स्टील के बयान

कंपनी ने कहा कि यह उपलब्धि नवाचार, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के दक्ष उपयोग की उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। परीक्षणों में ग्रीन कंक्रीट ने उत्तम पंपेबिलिटी, मजबूती और लगभग दो घंटे तक कार्यशीलता बनाए रखने की क्षमता दिखाई जिससे व्यावहारिक निर्माण कार्यों में इसका उपयोग सुनिश्चित हुआ।

जनता पर प्रभाव

इस नवाचार से स्थानीय और राष्ट्रीय स्तर पर निर्माण उद्योग को पर्यावरण के अनुकूल विकल्प मिलेगा। प्राकृतिक संसाधनों की बचत के साथ-साथ यह पर्यावरण में कार्बन फुटप्रिंट को भी कम करेगा, जो जलवायु परिवर्तन के खिलाफ एक सकारात्मक कदम होगा।

आगे क्या होगा

टाटा स्टील अब इस ग्रीन कंक्रीट के व्यापक और व्यावसायिक स्तर पर उपयोग के लिए तैयार है। भविष्य में इसे बड़े सरकारी और निजी निर्माण परियोजनाओं में अपनाने की योजना है, जिससे उद्योग में स्थिरता और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

निष्कर्ष

टाटा स्टील के द्वारा विकसित यह ग्रीन कंक्रीट पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ निर्माण की गुणवत्ता में सुधार लाने वाला कदम है, जो देश के स्थायी विकास लक्ष्यों में सहायक होगा।

सामान्य प्रश्न

  • ग्रीन कंक्रीट क्या है? - ऐसा कंक्रीट जो पर्यावरण के अनुकूल सामग्री जैसे एम-सैंड का उपयोग करता हो।
  • एलडी स्लैग क्या है? - स्टील निर्माण में इस्तेमाल होने वाला उप-उत्पाद जो कंक्रीट में इस्तेमाल किया जाता है।
  • एम-सैंड का क्या लाभ है? - यह प्राकृतिक रेत की जगह लेता है और पर्यावरण के लिए बेहतर है।
  • क्या यह नई तकनीक महंगी होगी? - अभी तक लागत के बारे में नहीं बताया गया है, लेकिन प्राकृतिक संसाधनों की बचत से कुल खर्च कम हो सकता है।
  • क्या टाटा स्टील का ग्रीन कंक्रीट अन्य परियोजनाओं में काम आएगा? - कंपनी इसे बड़े पैमाने पर अपनाने की योजना बना रही है।
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Author
JSRNews ब्यूरो
JSRNews ब्यूरो JSRnews.com की टीम के सदस्य हैं। जमशेदपुर और झारखंड की ताज़ा खबरें, स्थानीय मुद्दे और विकास की रिपोर्टिंग में विशेषज्ञ।
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