टाटा स्टील वेतन समझौता: 7 साल के लिए 18 से 30 हजार रुपये तक वेतन वृद्धि
JSRnews.com | Business | 24 Jun 2026
परिचय
टाटा स्टील और टाटा वर्कर्स यूनियन के बीच वर्षों की लंबी बातचीत के बाद आखिरकार वेतन वृद्धि का समझौता अंतिम रूप में बुधवार को हो गया। कंपनी के एमडी एवं सीईओ टीवी नरेंद्रन की मध्यस्थता में यह समझौता सात सालों के लिए लागू किया जाएगा, जिससे कर्मचारियों के वेतन में ठोस वृद्धि सुनिश्चित होगी।
मुख्य बिंदु
- पुराने कच्चे कर्मचारियों को वेतन में 18,116 से 30,793 रुपये तक वृद्धि मिलेगी।
- एनएस ग्रेड कर्मचारियों के वेतन में 16,111 से 18,747 रुपये तक का इजाफा होगा।
- परफॉर्मेंस मैनेजमेंट सिस्टम (पीएमएस) के दायरे में कर्मचारियों को नहीं लाया जाएगा।
- मूल वेतन में वृद्धि के साथ एमजीबी लाभ दो चरणों में मिलेगा।
- विभिन्न भत्तों में भी वृद्धि की गई है।
पृष्ठभूमि
टाटा स्टील, देश की सबसे बड़ी स्टील उत्पादक कंपनी, पिछले कई वर्षों से अपने कर्मचारियों के वेतन वार्ता में सशक्त प्रयास कर रही थी। लंबे समय तक चलती चरमसीमा वार्ता के बाद यह समझौता कर्मचारियों और प्रबंधन दोनों के लिए संतुलित विकल्प प्रदान करता है। इसके अलावा, कंपनी के सीईओ टीवी नरेंद्रन ने वार्ता को अंतिम रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
स्वीकृत वेतन वृद्धि योजना
समझौते के अनुसार, पुराने श्रेणी के कर्मचारियों को 1 जनवरी 2025 से 31 मार्च 2026 तक 5 प्रतिशत की वृद्धि (एमजीबी) मिलेगी, और 1 अप्रैल 2026 से अतिरिक्त 5 प्रतिशत की बढ़ोतरी लागू होगी। इस तरह कुल एमजीबी वृद्धि 10 प्रतिशत निर्धारित हुई है। उसी प्रकार, एनएस ग्रेड के कर्मचारियों को न्यूनतम 5,500 और अधिकतम 9,300 रुपये प्रतिमाह एमजीबी लाभ दिया जाएगा।
अधिकतम वेतन लाभ और भत्ते
वेतन बृद्धि के तहत सभी कर्मचारियों को न्यूनतम 18,116 से लेकर अधिकतम 30,793 रुपये तक अतिरिक्त वेतन मिलेगा, जबकि एनएस ग्रेड कर्मचारियों को न्यूनतम 16,111 से 18,747 रुपये का बढ़ा हुआ वेतन मिलेगा। इसके अलावा, कंपनी ने विभिन्न भत्तों में वृद्धि कर कर्मचारियों को अतिरिक्त वित्तीय लाभ प्रदान किए हैं।
अधिकृत बयान
टाटा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों ने बताया कि इस समझौते से कर्मचारियों को वित्तीय सुरक्षा मिलेगी और यह भविष्य में स्थिरता का भरोसा देगा। उन्होंने कहा कि पीएमएस के दायरे में न लाने से कर्मचारियों के हितों का भी संरक्षण हुआ है।
जनता पर प्रभाव
यह समझौता न केवल टाटा स्टील कर्मचारियों बल्कि उनके परिवारों की सामाजिक-आर्थिक स्थिति मजबूत करेगा। वेतन वृद्धि करुणात्मक खर्चों को कम करेगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था में भी योगदान देगी।
आगे क्या होगा?
वेतन वृद्धि का लाभ अगले आने वाले वर्षों में चरणबद्ध तरीके से कर्मचारियों को मिलेगा। नवंबर 2026 में एरियर भुगतान भी किया जाएगा, जो कर्मचारियों के लिए अतिरिक्त आय का स्रोत होगा। टाटा वर्कर्स यूनियन आगामी प्रेस कॉन्फ्रेंस में समझौते की पूरी जानकारी साझा करेगी।
निष्कर्ष
टाटा स्टील का यह सात साल का वेतन समझौता कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक उपलब्धि है। यह संतुलित वृद्धि कर्मचारियों की योग्यता और कंपनी की क्षमता दोनों को ध्यान में रखता है। साथ ही, यह वार्ता प्रक्रिया को सकारात्मक उदाहरण के रूप में भी स्थापित करता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- क्या सभी कर्मचारियों को समान वेतन वृद्धि मिलेगी? नहीं, वेतन वृद्धि श्रेणी अनुसार भिन्न होगी।
- क्या कर्मचारी पीएमएस के दायरे में आएंगे? इस समझौते में कर्मचारियों को पीएमएस के दायरे में नहीं लाया गया है।
- एमजीबी लाभ कैसे मिलेगा? एमजीबी लाभ दो चरणों में प्रदान किया जाएगा।
- एरियर भुगतान कब होगा? नवंबर 2026 में कर्मचारियों को एरियर का भुगतान किया जाएगा।
- क्या भत्तों में कोई वृद्धि हुई है? हाँ, विभिन्न भत्तों में भी वृद्धि हुई है।



