सुवर्णरेखा परियोजना कार्यालय में उच्चस्तरीय बैठक: विधायक सविता महतो ने चांडिल डैम जलस्तर RL 180 मीटर तक सीमित करने की मांग की
JSRnews.com | Local | 24 Jul 2026
परिचय
आदित्यपुर में सुवर्णरेखा बहुउद्देशीय परियोजना प्रशासक कार्यालय में एक उच्चस्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमें विस्थापितों की समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया। बैठक में ईचागढ़ विधायक सविता महतो, परियोजना प्रशासक सह जमशेदपुर उपायुक्त राजीव रंजन और अन्य विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
मुख्य बिंदु
- विधायक सविता महतो ने 19 सूत्री मांग पत्र सौंपा।
- चांडिल डैम का जलस्तर RL 180 मीटर तक सीमित रखने की मांग की गई।
- विस्थापित युवाओं के लिए रोजगार और बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने पर जोर।
- विकास पुस्तिका और पहचान पत्र जल्द जारी करने की आवश्यकता।
- परियोजना प्रशासक ने चरणबद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पृष्ठभूमि
सुवर्णरेखा परियोजना के अंतर्गत विस्थापन प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा और पुनर्वास सुविधाएं प्रदान करना महत्वपूर्ण है। चांडिल डैम के जलस्तर को नियंत्रित करना भी स्थानीय निवासियों के लिए अत्यंत आवश्यक है ताकि बाढ़ जैसी स्थिति से बचा जा सके। यह मुद्दा वर्षों से आसपास के इलाकों के निवासियों के लिए चिंता का विषय रहा है।
ताज़ा जानकारी
बैठक में विधायक सविता महतो ने कहा कि चांडिल डैम के जलस्तर को RL 180 मीटर तक सीमित रखने से आसपास के गांवों में जलभराव की समस्या नहीं आएगी। इसके साथ ही, विस्थापितों को रोजगार, बिजली, सड़क, पेयजल, और शिक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं से लैस करने की मांग की गई।
वहीं, उन्होंने विकास पुस्तिका और पहचान पत्र जल्दी जारी करने के लिए विशेष कैंप लगाने की योजना का उल्लेख भी किया।
आधिकारिक बयान
परियोजना प्रशासक राजीव रंजन ने कहा कि सभी मांगों की जांच और समाधान के लिए चरणबद्ध कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि RL 173 से 175 मीटर तक प्रभावित लोगों के मुआवजा और पुनर्वास से जुड़ी समस्याओं का जल्द ही प्राथमिकता के साथ समाधान किया जाएगा।
झामुमो के केंद्रीय सदस्य काबलु महतो ने भी कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए, जिन्हें प्रशासन के समक्ष रखा गया।
प्रभावित जनता पर प्रभाव
विस्थापित परिवारों ने लंबे समय से उचित पुनर्वास और मुआवजे की मांग की है। इस बैठक से उनकी परेशानियों के समाधान की उम्मीद बढ़ी है, विशेष रूप से जलस्तर नियंत्रण के कारण जलभराव की समस्या कम होगी। रोजगार और आधारभूत सुविधाओं की मांग उनके जीवनमान को बेहतर बनाने के लिए महत्वपूर्ण है।
आगे क्या होगा
प्रशासन चरणबद्ध तरीके से मांग पत्र में बताई गई समस्याओं को दूर करेगा। विकास पुस्तिका और पहचान पत्र जल्द जारी किए जाएंगे। पहला प्राथमिकता क्षेत्र RL 173 से 175 मीटर तक प्रभावित इलाके को पुनर्वास सुविधा और मुआवजा प्रदान करना होगा।
निष्कर्ष
सुवर्णरेखा परियोजना कार्यालय में हुई इस उच्चस्तरीय बैठक ने विस्थापितों के हित में महत्वपूर्ण कदम उठाने की दिशा में ठोस संकेत दिये हैं। विधायक सविता महतो और प्रशासन के बीच संवाद से स्थानीय जनता के जीवन में सुधार की उम्मीद है।
प्रश्न और उत्तर
- सवाल: चांडिल डैम का जलस्तर कितने मीटर तक सीमित रखने की मांग की गई है?
जवाब: RL 180 मीटर तक सीमित रखने की मांग की गई है। - सवाल: विकास पुस्तिका और पहचान पत्र क्यों जरूरी हैं?
जवाब: ये दस्तावेज़ सरकारी सुविधाओं और बच्चों के स्कूल नामांकन में सहायता करते हैं। - सवाल: पहले चरण में किस क्षेत्र के पुनर्वास पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा?
जवाब: RL 173 से 175 मीटर तक प्रभावित इलाके का पुनर्वास। - सवाल: बैठक में और कौन-कौन मौजूद था?
जवाब: परियोजना प्रशासक, उपायुक्त, विभागीय अधिकारी और झामुमो सदस्य काबलु महतो शामिल थे। - सवाल: विस्थापित युवाओं के लिए क्या सुविधाएं मांगी गई हैं?
जवाब: रोजगार, सड़क, बिजली, पेयजल और शिक्षा की व्यवस्था।



