सिनी रेलवे प्रशिक्षण संस्थान में 490 रेलकर्मियों को आपदा प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण
JSRnews.com | Local | 24 Jun 2026
परिचय
जमशेदपुर के सिनी रेलवे प्रशिक्षण संस्थान में हाल ही में एक विशेष आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य रेलवे कर्मचारियों को आपदा के समय त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के लिए तैयार करना था। इस प्रशिक्षण में 490 से अधिक रेलवे कर्मियों ने भाग लिया।
प्रमुख बिंदु
- सिनी रेलवे प्रशिक्षण संस्थान में आपदा प्रबंधन पर खास प्रशिक्षण
- 490 रेलवे कर्मचारियों ने लिया हिस्सा, जिसमें विभिन्न पदों के कर्मचारी शामिल थे
- प्रशिक्षण में फायर फाइटिंग, प्राथमिक उपचार, ट्रायेज़ प्रणाली जैसे विषय शामिल
- टाटानगर रेल सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने डिजिटल प्रजेंटेशन के जरिए जानकारी दी
- दो शिफ्ट में प्रशिक्षण सत्र आयोजित कर प्रतिभागियों की संख्या को सुनिश्चित किया
पृष्ठभूमि
रेलवे नेटवर्क देश की रीढ़ माना जाता है और सुरक्षा इसके संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। आपदा प्रबंधन की दक्षता रेलकर्मियों की तत्परता पर निर्भर करती है, ताकि किसी भी आकस्मिक स्थिति में मानव जीवन और संपत्ति की रक्षा की जा सके। इसी संदर्भ में सिनी प्रशिक्षण संस्थान ने यह विशेष प्रोग्राम तैयार किया।
नवीनतम अपडेट
इस प्रशिक्षण में रेल कर्मियों को गोल्डेन आवर के महत्व को समझाया गया, जो दुर्घटना के बाद प्रारंभिक एक घंटे का समय होता है और इसमें त्वरित सहायता जीवन रक्षा के लिए निर्णायक होती है। साथ ही एंबुलेंस सेवा, ट्रायेज़ सिस्टम, प्राथमिक उपचार, फर्स्ट एडर की भूमिका पर भी व्याख्यान दिया गया। फायर फाइटिंग की तकनीकों और सांप काटने व कुत्ते के काटने के मामले में बचाव उपायों पर विशेष जोर दिया गया।
प्रशिक्षण प्रक्रिया और प्रतिभागी
प्रशिक्षण कार्यक्रम दो शिफ्ट में सम्पन्न हुआ ताकि अधिक संख्या में कर्मचारी शामिल हो सकें। इसमें रिफ्रेशर स्टेशन मैनेजर, ट्रेन मैनेजर, प्रो सहायक लोको पायलट, पॉइंटसमैन और पैसेंजर ट्रेन मैनेजर समेत रेलवे के कई विभागों के कर्मी थे।
अधिकृत बयान
प्रशिक्षण के दौरान, टाटानगर रेल सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर एवं राष्ट्रपति सम्मानित सदस्य संतोष कुमार ने कहा, “यह प्रशिक्षण कर्मचारियों को दुर्घटना और आपदा के दौरान त्वरित एवं समुचित कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार करता है। हम सभी के लिए सुरक्षा पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।”
जनता पर प्रभाव
इस प्रशिक्षण से न केवल रेलवे कर्मियों के आत्मविश्वास में वृद्धि हुई है बल्कि यात्रियों को भी एक सुरक्षित यात्रा का भरोसा मिला है। बेहतर आपदा प्रबंधन से रेलवे प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ेगी और दुर्घटना के खतरे कम होंगे।
आगे क्या होगा?
रेलवे विभाग भविष्य में भी समय-समय पर इस प्रकार के प्रशिक्षण सत्र आयोजित करेगा, ताकि कर्मचारियों की सतत क्षमता विकास होता रहे। इसके साथ ही प्रतिक्रिया तंत्र को और अधिक सशक्त बनाया जाएगा।
निष्कर्ष
सिनी रेलवे प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित यह विशेष आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम रेलवे सुरक्षा को बढ़ाने की दिशा में एक सफल प्रयास है। इसमें 490 से अधिक कर्मियों की भागीदारी से इसे व्यापक स्केल पर प्रभावी बनाया गया। रेलवे क्षेत्र में इस प्रकार के प्रशिक्षण कर्मचारियों की दक्षता को बढ़ाते हैं और संभावित आपदाओं में जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- प्रशिक्षण कहाँ आयोजित किया गया? - सिनी रेलवे प्रशिक्षण संस्थान, जमशेदपुर में।
- प्रशिक्षण में कितने कर्मचारी शामिल हुए? - कुल 490 से अधिक रेलकर्मी शामिल हुए।
- प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य क्या था? - आपदा के समय त्वरित और प्रभावी प्रतिक्रिया के लिए कर्मचारियों को तैयार करना।
- कौन-कौन से रेलवे क्षेत्र के कर्मचारी इसमें शामिल हुए? - स्टेशन मैनेजर, ट्रेन मैनेजर, लोको पायलट, पॉइंटसमैन, पैसेंजर ट्रेन मैनेजर आदि।
- प्रमाणित अतिथि व्याख्याता कौन थे? - संतोष कुमार, टाटानगर रेल सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर एवं राष्ट्रपति सम्मानित सदस्य।



