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झारखंड में राशन कार्ड से जुड़े नए सदस्य के लिए ई-केवाईसी करना होगा जरूरी

झारखंड में राशन कार्ड से जुड़े नए सदस्य के लिए ई-केवाईसी करना होगा जरूरी

JSRnews.com  |  Local  |  25 Jun 2026

परिचय

झारखंड सरकार ने राशन कार्ड प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के लिए नया नियम जारी किया है। अब किसी भी परिवार में नए सदस्य का नाम राशन कार्ड में शामिल करने के लिए ई-केवाईसी (इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी) कराना अनिवार्य होगा। यह कदम राज्य के खाद्य, सार्वजनिक वितरण और उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा लागू किया गया है।

मुख्य बिंदु

  • राशन कार्ड में नया सदस्य जोड़ने के लिए परिवार के सदस्यों की ई-केवाईसी आवश्यक।
  • यह प्रक्रिया पूरे राज्य में निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही है।
  • इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी और फर्जी लाभार्थी रोका जा सकेगा।
  • पीडीएस दुकानों पर आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन की सुविधा उपलब्ध।
  • ई-केवाईसी न कराने वाले लाभार्थियों को राशन वितरण में परेशानी हो सकती है।

पृष्ठभूमि

भारत में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) के माध्यम से गरीब और पिछड़े वर्गों को अनाज एवं खाद्य सामग्री प्रदान की जाती है। झारखंड सरकार लगातार सिस्टम को पारदर्शी व विश्वसनीय बनाने के लिए कदम उठा रही है। ई-केवाईसी की शुरूआत इस दिशा में एक बड़ी पहल है जो लाभार्थियों की विश्वसनीय पहचान सुनिश्चित करती है।

नवीनतम अपडेट

खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग ने राज्य के सभी जिलों को निर्देशित किया है कि वे राशन कार्डों के लिए ई-केवाईसी प्रक्रिया को पूरी तरह लागू करें। पीडीएस दुकानदारों को आदेश दिया गया है कि वे जितना संभव हो सके, लाभार्थियों का ई-केवाईसी जल्द से जल्द पूरा करें। इसके लिए जिले में केंद्र स्थापित किए गए हैं जहां निःशुल्क आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन कराया जा सकता है।

आधिकारिक बयान

विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "हमारा उद्देश्य है कि राशन कार्ड में केवल वास्तविक और पात्र लाभार्थी ही शामिल हों। इससे गलत लाभ उठाने वालों पर रोक लगेगी और संसाधनों का सही वितरण सुनिश्चित होगा।" अधिकारी ने जनता से अपील की है कि वे जल्द से जल्द ई-केवाईसी करा लें ताकि उन्हें राशन वितरण में किसी प्रकार की दिक्कत न हो।

जनता पर प्रभाव

इस नई व्यवस्था के बाद लोगों को राशन कार्ड संबंधित सेवाओं का लाभ लेने में आसानी होगी और भ्रष्टाचार की संभावनाएं कम होंगी। हालांकि जिन परिवारों ने अभी तक ई-केवाईसी नहीं कराया है, उनके लिए आगे चलकर राशन लेने में बाधा उत्पन्न हो सकती है। इसलिए समय रहते पूरा कराना आवश्यक है।

आगे क्या होगा

सरकार इस अभियान को लगातार मॉनिटर कर रही है और पीडीएस दुकानदारों को निर्देश दे रही है कि वे लाभार्थियों की मदद करें और प्रक्रिया पूरी कराएं। आगे यह भी उम्मीद की जा रही है कि इस तकनीकी सुधार से पूरे राज्य में खाद्यान्न वितरण प्रणाली और अधिक प्रभावी और विश्वसनीय बन जाएगी।

निष्कर्ष

झारखंड सरकार का ई-केवाईसी लागू करना राशन कार्ड प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह प्रभावी पहलकदमी न केवल फर्जी लाभार्थियों को रोकने में सहायक होगी, बल्कि वास्तविक जरूरतमंदों को समय पर राशन उपलब्ध कराने में भी मददगार साबित होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

  • ई-केवाईसी क्या है?
    ई-केवाईसी का अर्थ इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी है, जो डिजिटल तरीके से पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया है।
  • राशन कार्ड में नया नाम जोड़ने के लिए ई-केवाईसी क्यों जरूरी है?
    यह फर्जीवाड़े को रोकने और वास्तविक परिवार के सदस्यों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए जरूरी है।
  • ई-केवाईसी कैसे कराया जा सकता है?
    लाभार्थी नजदीकी पीडीएस केंद्र पर जाकर बिना किसी शुल्क के आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन करवा सकते हैं।
  • ई-केवाईसी न कराने पर क्या दिक्कत आएगी?
    बिना ई-केवाईसी के राशन कार्ड में नाम जोड़ना संभव नहीं होगा और राशन वितरण में समस्या हो सकती है।
  • क्या ई-केवाईसी के लिए कोई शुल्क देना होगा?
    नहीं, यह सेवा राज्य सरकार द्वारा पूरी तरह निशुल्क प्रदान की जा रही है।
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Author
JSRNews ब्यूरो
JSRNews ब्यूरो JSRnews.com की टीम के सदस्य हैं। जमशेदपुर और झारखंड की ताज़ा खबरें, स्थानीय मुद्दे और विकास की रिपोर्टिंग में विशेषज्ञ।
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