सरायकेला पुलिस ने साइबर ठगी के जाल से 40 से अधिक युवाओं को बचाया, सोशल मीडिया कमिशन छलावा था
JSRnews.com | Local | 04 Aug 2026
परिचय
सरायकेला-खरसावां पुलिस द्वारा की गई एक सक्रिय कार्रवाई में लगभग 40 से ज्यादा युवाओं को साइबर धोखाधड़ी के जाल से बचाया गया है। यह घटना सामाजिक मीडिया पर कमिशन की झांसा देकर उन्हें फंसा कर की जाने वाली ठगी से संबंधित है।
मुख्य बिंदु
- सरायकेला-खरसावां पुलिस ने गुप्त सूचना पर आदित्यपुर के नगर में विभिन्न होटलों में छापेमारी की।
- युवाओं को सोशल मीडिया के माध्यम से पैसे कमाने का झांसा दिया जा रहा था।
- लगभग 40 से ज्यादा लोग साइबर ठगी के जाल में फंसने से बचाए गए।
- जांच में कोई भी युवा अपराध में संलिप्त नहीं पाया गया।
- पुलिस ने आम जनता को सतर्क रहने के लिए आगाह किया।
प्रसंग
आधुनिक डिजिटल युग में सोशल मीडिया पर धोखाधड़ी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। कई बार अपराधी युवाओं को आसान कमाई या बैंक में पैसे आने का लालच देकर जाल में फांस लेते हैं। इसके चलते पूर्व में भी विभिन्न राज्यों में लाखों रुपए की ठगी के मामलों का पता चला है।
सरायकेला-बिरसा इलाके में जांच
30 जुलाई से आदित्यपुर क्षेत्र के होटलों में कई छात्र और युवा ठहरे हुए थे। इनमें झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल के विभिन्न जिलों के लोग शामिल थे। इनके साथ पूछताछ में पता चला कि उन्हें सोशल मीडिया पर बहते पैसे और 6-10 प्रतिशत कमीशन का झांसा दे कर बुलाया गया था, लेकिन पुलिस जांच में इस बात का पुख्ता सबूत नहीं मिला कि कोई भी इनमें अपराध की योजना या भागीदार था।
ताजा जानकारी
पुलिस ने प्रभावित युवाओं को हिरासत में लेकर विस्तार से पूछताछ की। तकनीकी जांच और साक्ष्य के अभाव के कारण सभी युवाओं को सम्मानपूर्वक छोड़ दिया गया और उन्हें सुरक्षित उनके परिवार के पास भेज दिया गया।
पुलिस के बयान
आदित्यपुर थाना प्रभारी अंजनी कुमार सिंह ने बताया कि यदि समय रहते कार्रवाई न होती तो यह युवा अनजाने में बड़े साइबर अपराधियों का हिस्सा बन सकते थे। उन्होंने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर आने वाले बंदरों में सावधानी बरतें और संदिग्ध गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
जनता पर प्रभाव
यह पहल युवाओं के लिए जागरूकता का संदेश है कि वे सोशल मीडिया के हर ऑफर पर विश्वास न करें और बिना जांच-पड़ताल के किसी भी वित्तीय लेन-देन में लिप्त न हों।
आगे क्या होगा?
पुलिस साइबर अपराधों के प्रति सतर्कता बढ़ाने के साथ ही आमजन को जागरूक करने के लिए अभियान चलाएगी। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की मॉनिटरिंग भी कड़ी की जाएगी।
निष्कर्ष
सरायकेला पुलिस की समय पर कार्रवाई ने साइबर ठगी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यह कदम युवा वर्ग के लिए सकारात्मक संदेश देता है और साइबर सुरक्षा के प्रति समाज की जागरूकता को बढ़ाता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- सवाल: युवाओं को साइबर ठगी का झांसा कैसे दिया गया?
जवाब: सोशल मीडिया के जरिए इन्हें बैंक खाते में पैसे आने और कमीशन मिलने का लालच दिया गया। - सवाल: पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
जवाब: गुप्त सूचना के आधार पर मौके पर छापेमारी कर युवाओं को सुरक्षा प्रदान की और पूछताछ की। - सवाल: क्या कोई आरोप सिद्ध हुआ?
जवाब: प्रारंभिक जांच में युवाओं पर कोई साइबर अपराध का सबूत नहीं मिला। - सवाल: कैसे आमजन सतर्क रह सकते हैं?
जवाब: बिना जांच किए किसी भी ऑनलाइन ऑफर पर विश्वास न करें और संदिग्ध गतिविधि पुलिस को रिपोर्ट करें। - सवाल: भविष्य में क्या कदम उठाए जाएंगे?
जवाब: पुलिस साइबर जागरूकता अभियान चलाएगी और सोशल मीडिया मॉनिटरिंग बढ़ाएगी।



