सरयू राय की मुख्यमंत्री से अपील: रिम्स के पूर्व निदेशक के पत्र की निष्पक्ष जांच हो
JSRnews.com | Local | 26 Jun 2026
परिचय
जमशेदपुर पश्चिम के विधायक सरयू राय ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से आग्रह किया है कि रिम्स (राँची इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज) के पूर्व निदेशक डॉ. राजकुमार द्वारा स्वास्थ्य मंत्री को लिखे गए पत्र की पूरी निष्पक्ष जांच कराई जाए। इस पत्र में स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनकी जांच आवश्यक बताई जा रही है।
मुख्य बिंदु
- डॉ. राजकुमार ने स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव के खिलाफ 22 बिंदुओं में गंभीर आरोप पत्र में लिखे।
- डॉ. राजकुमार से सीआईडी ने आठ घंटे तक पूछताछ की, जिसके बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दिया।
- सरयू राय ने कहा कि रिम्स में प्रशासनिक अनियमितताएं और सरकारी हस्तक्षेप संस्थान की कार्यप्रणाली प्रभावित कर रहे हैं।
- उन्होंने योग्य चिकित्सकों के लिए स्वतंत्र कार्य वातावरण की जरूरत पर जोर दिया।
पृष्ठभूमि
डॉ. राजकुमार, जो अनुसूचित जाति वर्ग से हैं, रिम्स में एक प्रसिद्ध न्यूरोलॉजी विशेषज्ञ के रूप में कार्यरत थे। उन्होंने कई जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए, लेकिन हाल ही में स्वास्थ्य विभाग में उच्च अधिकारियों के कथित दबाव और प्रशासनिक हस्तक्षेप के कारण उन्होंने इस्तीफा दिया। उनके इस्तीफे से पहले, उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को एक विस्तृत पत्र लिखकर विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
डॉ. राजकुमार के पत्र के प्रमुख आरोप
- स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव द्वारा शासी परिषद के सदस्यों पर मनमानी तरीके से दबाव डालना।
- कई मामलों में न्यायालय के आदेशों की अवहेलना।
- सरकारी हस्तक्षेप से रिम्स की कार्यप्रणाली प्रभावित होना।
- संगठन में माहौल ऐसा होना कि योग्य चिकित्सकों को काम करने में बाधा आती हो।
ताज़ा जानकारी
सरयू राय ने कहा कि ये आरोप रिम्स में व्याप्त गंभीर व्यवस्थागत दोषों और स्वास्थ्य विभाग के दबाव को दर्शाते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है ताकि इन मुद्दों का समाधान निकाला जा सके। उन्होंने कहा कि बिना जांच के संस्थान की विश्वसनीयता पर प्रश्न उठता रहेगा।
आधिकारिक बयान
सरयू राय के मुताबिक, डॉ. राजकुमार को आठ घंटे तक सीआईडी द्वारा पूछताछ की गई थी, इसके बाद उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। विधायक ने कहा कि संस्थान के कुछ निदेशक इतने दबाव में रहते हैं कि वे अपना कार्यकाल पूरा नहीं कर पाते, जो प्रशासन में गंभीर समस्या का संकेत है।
जनता पर प्रभाव
रिम्स जैसे बड़े अस्पताल की कार्यप्रणाली में गड़बड़ी से स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता प्रभावित होती है। योग्य चिकित्सकों और अधिकारियों का मनोबल गिरने से मरीजों को गुणवत्ता सेवा नहीं मिल पाती। साथ ही ऐसे मामले जनता में विश्वास की कमी पैदा करते हैं।
आगे क्या होगा?
सरयू राय की मांग के बाद मुख्यमंत्री स्तर पर इस मामले की जांच संभव है। यदि जांच निष्पक्ष और प्रभावी हुई तो रिम्स की कार्यशैली में सुधार की उम्मीद की जा सकती है। अन्यथा दबी-छपी समस्याएं और बढ़ सकती हैं।
निष्कर्ष
डॉ. राजकुमार के पत्र में उठाए गए आरोप रिम्स और स्वास्थ्य विभाग में विगत दिनों से चल रहे विवादों को उजागर करते हैं। सार्थक सुधार हेतु उच्च स्तरीय जांच और सरकारी हस्तक्षेप कम करना आवश्यक प्रतीत होता है ताकि चिकित्सा क्षेत्र में काम करने वाले योग्य अधिकारियों को खुला माहौल मिल सके।
प्रश्न और उत्तर
- प्रश्न: डॉ. राजकुमार ने किसे पत्र लिखा था?
उत्तर: उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखा था। - प्रश्न: पत्र में मुख्य आरोप किस पर थे?
उत्तर: स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव पर। - प्रश्न: क्या डॉ. राजकुमार ने इस्तीफा दिया है?
उत्तर: हां, सीआईडी की पूछताछ के बाद उन्होंने इस्तीफा दिया। - प्रश्न: सरयू राय ने क्या मांग की है?
उत्तर: उन्होंने निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। - प्रश्न: रिम्स में क्या समस्या है?
उत्तर: प्रशासनिक अनियमितता और सरकारी हस्तक्षेप।



