राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में रेल सिविल डिफेंस टीम बच्चों को घर-घर पोलियो ड्रॉप पिलाएगी
JSRnews.com | Local | 27 Jun 2026
परिचय
जमशेदपुर में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत रेल सिविल डिफेंस टीम घर-घर जाकर बच्चों को पोलियो ड्रॉप पिलाने के लिए तीन दिवसीय विशेष योजना में सहभागी होगी। यह अभियान 28 जून से 30 जून तक चलेगा और इसमें शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियो से बचाव की खुराक दी जाएगी।
मुख्य बिंदु
- राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में रेल सिविल डिफेंस टीम की सक्रिय भागीदारी।
- 28 जून को रेलवे बूथों पर पोलियो ड्रॉप पिलाने का कार्य।
- दो और तीसरे दिन विभिन्न कॉलोनियों में घर-घर जाकर पोलियो ड्रॉप देना।
- टाटानगर रेलवे अस्पताल में प्रशिक्षण शिविर आयोजित।
- अभियान का संचालन वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. पाली टारगेन के मार्गदर्शन में।
पृष्ठभूमि
देश में बच्चों में पोलियो के मामलों को समाप्त करने के लिए विभिन्न पहल की गई हैं। रेलवे सिविल डिफेंस टीम भी इस राष्ट्रीय प्रयास में सहयोग कर रही है। इस टीम ने पहले प्रशिक्षण प्राप्त किया और अब पोलियो ड्रॉप पिलाने की जिम्मेदारी निभा रही है ताकि पूरी तरह से पोलियो मुक्त भारत का सपना साकार हो सके।
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के मुख्य उद्देश्य
यह अभियान सभी बच्चों को पोलियो के खतरों से बचाने और पोलियो की रोकथाम के लिए आवश्यक टीकाकरण को सुनिश्चित करता है। शून्य से पांच वर्ष के बच्चों को समय पर पोलियो ड्रॉप देना इसका मुख्य लक्ष्य है।
ताजा अपडेट
रेल सिविल डिफेंस टीम 28 जून से अभियान शुरू करेगी। पहले दिन वे रेलवे के विभिन्न बूथों पर पोलियो ड्रॉप पिलाएंगे। अगले दो दिनों में साउथ सेटलमेंट, ट्रैफिक, गोलपहाड़ी, खासमहल, बागबेड़ा समेत कई कॉलोनियों में टीम घर-घर जाकर पोलियो की खुराक देगी।
प्रशिक्षण शिविर का विवरण
अभियान से पहले, टाटानगर रेलवे अस्पताल में प्रशिक्षण शिविर आयोजित हुआ जहां टीम के सदस्यों को पोलियो ड्रॉप देने के नियमानुसार निर्देश दिए गए। इसमें सरस्वती मुर्मू, कंचन कुमारी, तेजीता, विनोद कुमार, रमेश कुमार, वीरेंद्र कुमार, संजय कुमार मंडल, अमित कुमार सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।
अधिकारिक बयान
रेल अस्पताल के वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. पाली टारगेन ने कहा, "यह अभियान बच्चों को पोलियो से बचाने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। रेल सिविल डिफेंस टीम की भागीदारी से हम बड़े स्तर पर जागरूकता और टीकाकरण कर पाएंगे।"
जनता पर प्रभाव
पोलियो जैसी बीमारी को रोकने के लिए घर-घर जाकर ड्रॉप देना बच्चों को सुरक्षित रखने में अहम भूमिका निभाता है। इससे न केवल संक्रमण कम होगा बल्कि समुदाय में स्वास्थ्य जागरूकता भी बढ़ेगी। खासकर छोटे बच्चों के माता-पिता को इस पहल से राहत मिलेगी।
आगे क्या होगा?
इस अभियान के सफल संचालन के बाद स्थानीय रेलवे स्वास्थ्य विभाग पोलियो टीकाकरण का नियमित अभ्यास सुनिश्चित करेगा। साथ ही, आवश्यकतानुसार नए अभियान भी चलाए जाएंगे ताकि पोलियो संक्रमण पूरी तरह खत्म हो सके।
निष्कर्ष
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान में रेलवे की सक्रिय भागीदारी यह दर्शाती है कि पोलियो के विरुद्ध लड़ाई में सभी संस्थान एकजुट हैं। यह अभियान बच्चों के स्वास्थ्य की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान कब है? 28 जून से 30 जून तक।
- कौन सी उम्र के बच्चों को पोलियो ड्रॉप दिया जाएगा? शून्य से पांच वर्ष तक के बच्चे।
- रेल सिविल डिफेंस टीम कहाँ-कहाँ पोलियो ड्रॉप देगी? रेलवे बूथों पर तथा बाद के दिनों में विभिन्न कॉलोनियों में घर-घर।
- प्रशिक्षण शिविर कहाँ आयोजित हुआ? टाटानगर रेलवे अस्पताल में।
- अभियान का संचालन कौन कर रहा है? रेलवे स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ मंडल चिकित्सा अधिकारी डॉ. पाली टारगेन।



