एमजीएम अस्पताल गायनिक ओपीडी पर जमशेदपुर में विवाद, सुरक्षा ने संभाली स्थिति
JSRnews.com | Local | 27 Jun 2026
परिचय
जमशेदपुर स्थित डिमना के एमजीएम अस्पताल की गायनिक ओपीडी के बाहर शनिवार की दोपहर मरीज के परिजनों और एक महिला कर्मचारी के बीच तनावपूर्ण झड़प हुई, जिससे परिसर में अफरातफरी फैल गई। इस विवाद ने अस्पताल की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्य बिंदु
- एमजीएम अस्पताल की गायनिक ओपीडी में शनिवार को मरीज के परिजनों और महिला कर्मचारी के बीच विवाद हुआ।
- ओपीडी परिसर में आधे घंटे तक भारी हंगामे का माहौल रहा।
- परिजन महिला कर्मचारी पर दुर्व्यवहार का आरोप लगाते हुए वीडियो बनाना शुरू किया।
- सुरक्षा कर्मी पहुंचे और प्रभारी उपाधीक्षक की मौजूदगी में विवाद शांत कराया गया।
- अस्पताल नियमों और कर्मचारियों की व्याख्या को लेकर बहस हुई।
पृष्ठभूमि
डिमना क्षेत्र के एमजीएम अस्पताल की गायनिक ओपीडी में पूर्व में भी मरीजों के परिजनों और अस्पताल स्टाफ के बीच विवाद की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। ऐसा ही विवाद दो दिन पूर्व गायनिक ओटी में महिला चिकित्सक और कुछ परिजनों के बीच हुआ था, जिसे सुरक्षा कर्मियों ने नियंत्रित किया था। पुरुष परिजनों को ओपीडी में प्रवेश की मनाही तथा अस्पताल नियमों का बार-बार उल्लंघन भी तनाव की एक प्रमुख वजह मानी जा रही है।
ताजा घटनाक्रम
शनिवार दोपहर लगभग 1:30 बजे ओपीडी के बाहर मरीज के परिजन और महिला कर्मचारी के बीच कहासुनी और फिजिकल धक्का-मुक्की हो गई। परिजनों ने महिला कर्मचारी पर उनके साथ आए युवक के साथ बदसलूकी करने, सार्वजनिक रूप से नशे की स्थिति का आरोप लगाने का आरोप लगाया। वहीं, कर्मचारी ने इन आरोपों को अस्वीकार करते हुए कहा कि ओपीडी में अधिक भीड़ और नियमों के उल्लंघन के कारण वे व्यवस्था संभाल रही थीं। युवक को कतार में रहने को कहा गया था, लेकिन उसने वीडियो बनाकर विवाद बढ़ाने की कोशिश की।
अधिकारियों के बयान
स्पष्ट रूप से, अस्पताल के प्रभारी उपाधीक्षक डॉ. नारायण उरांव ने मौके पर परिजनों से अपील की कि वे वीडियो बनाना बंद करें और मरीजों के इलाज पर फोकस करें। अधिकारी ने कहा कि अस्पताल सुरक्षा कर्मी परिस्थिति को काबू में लेकर विवाद को शांत करने में सफल रहे।
जनता पर प्रभाव
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से मरीजों और उनके परिवारों में अस्पताल प्रशासन के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर जनता की चिंताएं बढ़ रही हैं और यह सवाल उठ रहा है कि क्या रोगी देखभाल सुरक्षित और संवेदनशील तरीके से हो रही है।
अब आगे क्या होगा?
अस्पताल प्रशासन की ओर से अभी तक ऐसी घटनाओं को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। चिंता और विवादों में कमी लाने के लिए प्रशासन से कड़े कदम उठाने की उम्मीद की जा रही है ताकि मीडिया और सामाजिक मंचों पर उठ रहे सवालों का समाधान हो सके।
निष्कर्ष
एमजीएम अस्पताल की गायनिक ओपीडी में आये इस विवाद ने अस्पताल व्यवस्था की कमजोर पकड़ को उजागर किया है। भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने और बेहतर सेवा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट नीति निर्माण और सुरक्षा प्रबंध आवश्यक हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- क्या एमजीएम अस्पताल सरकार द्वारा संचालित है? जी हां, यह अस्पताल सरकारी क्षेत्र में आता है।
- अस्पताल में पुरुष परिजनों के प्रवेश पर क्या नियम हैं? गायनिक ओपीडी में पुरुष परिजनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है।
- पिछली बार विवाद कब हुआ था? दो दिन पहले ही गायनिक ओटी में विवाद की एक घटना पहले हुई थी।
- क्या प्रशासन ने शिकायतों पर कोई कार्रवाई की? अभी तक कोई आधिकारिक बयान या कार्रवाई सार्वजनिक नहीं हुई है।
- इस विवाद के बाद क्या सुधार होंगे? उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन कड़े कदम उठा कर सुधार सुनिश्चित करेगा।



