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पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया से दो और मौतें, पांच साल की बच्ची की हुई जान, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया से दो और मौतें, पांच साल की बच्ची की हुई जान, स्वास्थ्य विभाग अलर्ट

JSRnews.com  |  Local  |  09 Jul 2026

परिचय: पूर्वी सिंहभूम जिले में मलेरिया संक्रमण की गंभीर स्थिति ने स्थानीय समुदाय में तनाव और चिंता बढ़ा दी है। 2026 में मलेरिया की वजह से मौतों का आंकड़ा सात तक पहुंच चुका है, जिसमें एक पांच वर्षीय बच्ची भी शामिल है।

मुख्य बिंदु

  • ब्रेन मलेरिया से पांच साल की बच्ची की मौत
  • स्वास्थ्य विभाग ने निलंबित की पोटका CHC की प्रभारी
  • टाटा मेन हॉस्पिटल में एक 50 वर्षीय महिला की भी मलेरिया से मौत
  • संक्रमण से निपटने के लिए चलाए जा रहे अभियान
  • मृतकों की संख्या हुई सात

पृष्ठभूमि

पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया को लेकर स्थिति पिछले कुछ समय से खराब होती जा रही है। मलेरिया एक घातक रोग है, जो संक्रमित मच्छरों के काटने से फैलता है। खासतौर से बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह अधिक खतरनाक साबित होता है। जिले के कई इलाकों में स्वास्थ्य सेवाओं की कमी और पर्यावरण प्रदूषण के कारण मलेरिया के मामले तेजी से बढ़े हैं, जिससे स्वास्थ्य विभाग की मुश्किलें बढ़ी हैं।

नवीनतम अपडेट

पोटका प्रखंड में रहने वाली गणेश सरदार की पांच वर्षीय बेटी राखी सरदार को तेज बुखार की शिकायत पर 5 जुलाई को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां स्थिति गंभीर होने पर उन्हें महात्मा गांधी मेमोरियल अस्पताल रेफर किया गया। वहां जांच में उन्हें ब्रेन मलेरिया diagnosed हुआ, जिसके कारण बुधवार को उनकी मौत हो गई। इसके अलावा, टुरियाबेरा गांव की 50 वर्षीय मेरी बंडारा का मलेरिया सहित निमोनिया और पीलिया की खराब हालत के कारण टाटा मेन हॉस्पिटल में इलाज के दौरान निधन हो गया।

स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई

स्वास्थ्य विभाग ने पोटका स्वास्थ्य केंद्र की प्रभारी डॉ. रजनी महाकुड़ को निलंबित कर दिया है। विभाग का आरोप है कि मलेरिया नियंत्रण में उनकी लापरवाही ने संक्रमण को बढ़ाया। प्रभावित क्षेत्रों में स्वास्थ्य जांच, दवा वितरण, और मच्छर नियंत्रण के लिए विशेष अभियान तेज कर दिए गए हैं। अतिरिक्त चिकित्सा टीमों को भी इन इलाकों में तैनात किया गया है।

सरकारी बयान

स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा है कि वे मलेरिया पर कड़ा नियंत्रण पाने के लिए हर प्रयास कर रहे हैं। वे सार्वजनिक सहयोग और स्वछता बनाए रखने की भी अपील कर रहे हैं ताकि बीमारी को फैलने से रोका जा सके।

जनता पर प्रभाव

मलेरिया के बढ़ते मामलों ने स्थानीय लोगों की जिंदगी को प्रभावित किया है। बचाव के लिए जागरूकता पैदा करने के बावजूद संक्रमण तेजी से फैला है, जिससे लोगों में डर और असुरक्षा की भावना व्याप्त है। क्षेत्र के स्कूल, बाजार और सार्वजनिक स्थल भी प्रभावित हुए हैं।

आगे क्या होगा?

स्वास्थ्य विभाग ने पोकटा और आस-पास के गांवों में विशेष निगरानी बढ़ाई है। संक्रमण पर नियंत्रण पाने के लिए समयानुकूल उपाय किए जाएंगे। साथ ही, नागरिकों से अपील की गई है कि वे स्वच्छता बनाए रखकर और मच्छरदानी व दवा का उपयोग कर इस महामारी से बचाव करें।

निष्कर्ष

पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया की स्थिति अब भी गंभीर बनी हुई है। मौतों की संख्या बढ़ने से स्थिति चिंताजनक हो गई है। स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग मिलकर इस संकट पर नियंत्रण पाने के लिए सक्रिय हैं, लेकिन प्रभावी रोकथाम और सतर्कता की आवश्यकता है।

सामान्य प्रश्न (FAQ)

  • मलेरिया क्या है? मलेरिया एक मच्छर जनित संक्रमित रोग है जो तेज बुखार, सिरदर्द और अन्य जटिलताएं पैदा करता है।
  • ब्रेन मलेरिया क्या होता है? यह मलेरिया का गंभीर रूप होता है जिसमें संक्रमण मस्तिष्क तक फैल जाता है, जिससे जानलेवा स्थिति बन सकती है।
  • मलेरिया से कैसे बचाव करें? मच्छरदानी का उपयोग, स्वच्छता बनाए रखना और मच्छर नियंत्रण के उपाय करना जरूरी है।
  • स्वास्थ्य विभाग क्या कार्रवाई कर रहा है? दवा वितरण, मच्छर नियंत्रण अभियान और प्रभावित इलाकों में चिकित्सा सहायता प्रदान की जा रही है।
  • मलेरिया के इलाज के लिए कहाँ संपर्क करें? निकटतम सरकारी स्वास्थ्य केंद्र या अस्पताल में संपर्क करें।
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Author
JSRNews ब्यूरो
JSRNews ब्यूरो JSRnews.com की टीम के सदस्य हैं। जमशेदपुर और झारखंड की ताज़ा खबरें, स्थानीय मुद्दे और विकास की रिपोर्टिंग में विशेषज्ञ।
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