महिला किसानों के लिए आधुनिक कृषि तकनीक: जमशेदपुर में खेती को लाभकारी बनाने की नई पहल
JSRnews.com | Local | 09 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर के पूर्वी सिंहभूम जिले में महिला किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण प्रयास के तहत नई कृषि तकनीकों को अपनाने का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस पहल का लक्ष्य महिला किसानों की कृषि उत्पादकता बढ़ाना और उनकी आय में सुधार लाना है।
मुख्य बिंदु
- कृषि विज्ञान केंद्र में महिला किसान गोष्ठी तथा कृषि यंत्र जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन।
- उपायुक्त राजीव रंजन ने तकनीकों अपनाने हेतु महिलाओं को किया प्रोत्साहित।
- नई तकनीक से श्रम कम और उत्पादन में वृद्धि का लक्ष्य।
- मिलेते और वैकल्पिक फसलों की खेती पर विशेष जोर।
- महिला अनुकूल कृषि उपकरणों का वितरण और उपयोग का व्यावहारिक प्रशिक्षण।
पृष्ठभूमि
पूर्वी सिंहभूम जिला कृषि विज्ञान केंद्र कृषि, उद्यानिकी, प्राकृतिक खेती, मशरूम उत्पादन और पोषण संबंधी कार्यक्रमों के तहत कृषि क्षेत्र में महिला सशक्तिकरण के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। जलवायु परिवर्तन के प्रभावों के कारण किसानों को विविध फसलों की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है।
नवीनतम अपडेट
हालिया कार्यक्रम में उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान और अन्य प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में महिला किसानों को विभिन्न कृषि उपकरणों के आसान और सुरक्षित उपयोग के बारे में प्रशिक्षित किया गया। साथ ही, बीज और कृषि यंत्रों का वितरण भी किया गया।
आधिकारिक बयान
उपायुक्त राजीव रंजन ने कहा, "नई खेती तकनीकों को अपनाने से महिला किसानों का श्रम कम होगा और उनकी उत्पादकता बढ़ेगी, जिससे उनकी आमदनी में सुधार होगा।" कृषि विज्ञान केंद्र की वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. सीमा सिंह ने जिले में कृषि विकास के लिए विशेष रूप से महिला किसानों को शामिल करने के उद्देश्य की पुष्टि की।
जनता पर प्रभाव
यह पहल महिला किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है, जिससे वे न केवल आत्मनिर्भर बनेंगी बल्कि स्थानीय कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी। अच्छी कृषि तकनीक के साथ उनकी फसल गुणवत्ता और मात्रा में सुधार होगा।
आगामी कदम
सरकार की योजना है कि इस मॉडल को अन्य जिलों तक भी विस्तारित किया जाए और महिलाओं की भागीदारी को कई सारे कृषि समर्थक कार्यक्रमों के जरिए बढ़ावा दिया जाए। साथ ही, कृषक उत्पादक संगठनों के माध्यम से मूल्य संवर्धन की प्रक्रियाओं को मजबूत किया जाएगा।
निष्कर्ष
जमशेदपुर में महिला किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने की यह पहल न केवल उनकी आय में वृद्धि करेगी, बल्कि कृषि क्षेत्र में लैंगिक समानता को भी बढ़ावा देगी। यह कदम राज्य के समग्र कृषि विकास के लिए भी एक महत्वपूर्ण उदाहरण साबित होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- महिला अनुकूल कृषि उपकरण क्या हैं? — यह ऐसे उपकरण होते हैं जिन्हें महिलाओं की क्षमता और सुविधा को ध्यान में रखकर डिजाइन किया गया है।
- मिलेट्स की खेती क्यों बढ़ाई जा रही है? — मिलेट्स कम पानी में अच्छी उपज देने वाली फसल है, जो जलवायु परिवर्तन से निपटने में मददगार है।
- सरकारी योजनाओं का कैसे लाभ मिलेगा? — महिला किसान सीधे कृषि विज्ञान केंद्र और स्थानीय प्रशासन के जरिए योजनाओं के अंतर्गत सहायता प्राप्त कर सकती हैं।
- कार्यक्रम में कौन-कौन से कृषि उपकरण वितरित किए गए? — निराई, बुवाई और कटाई जैसे कृषि कार्यों के लिए छोटे तथा महिला अनुकूल उपकरण।
- क्या इस पहल से रोजगार भी बढ़ेगा? — जी हां, इससे किसानों को उत्पाद बढ़ाने के साथ-साथ कृषि आधारित उद्यमों में भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।



