एमजीएम अस्पताल के मुख्य गेट पर स्कॉर्पियो में महिला ने दिया बच्ची को जन्म, एंबुलेंस नहीं मिलने का आरोप
JSRnews.com | Local | 27 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर के एमजीएम अस्पताल के मुख्य गेट पर सोमवार को एक अनोखी लेकिन चिंताजनक घटना घटित हुई, जहां एक महिला ने निजी स्कॉर्पियो कार के अंदर बच्ची को जन्म दिया। परिवार ने अस्पताल पहुंचने में देरी और एंबुलेंस सेवा न मिलने का आरोप लगाया है, जिससे यह मामला स्वास्थ्य सेवा की दृष्टि से गंभीर सवाल उठा रहा है।
मुख्य अंश
- दीपाली महतो ने अस्पताल के बाहर लेकर आये वाहन में ही बच्ची को जन्म दिया।
- परिवार ने एंबुलेंस न मिलने के कारण निजी वाहन का उपयोग किया।
- होमगार्ड और एएनएम की तुरंत मदद से मां-बच्ची को अस्पताल के बादरूम में भर्ती कराया गया।
- दोनों की स्थिति सामान्य है और चिकित्सकीय निगरानी में हैं।
पृष्ठभूमि
सरायकेला-खरसावां जिले के सालुकडीह गांव की निवासी दीपाली महतो को पहले तिरुलडीह सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, जहां प्रारंभिक जांच के बाद बेहतर इलाज हेतु एमजीएम अस्पताल रेफर किया गया। इसके बावजूद, अस्पताल तक पहुंचने के दौरान एंबुलेंस की अनुपलब्धता और प्रसव के अचानक तेज होने से यह घटना सामने आई।
एमजीएम अस्पताल मुख्य गेट पर बच्ची का जन्म
एमजीएम अस्पताल के गेट पर खड़ी स्कॉर्पियो में ही महिला ने दोपहर 2:30 बजे बच्ची को जन्म दिया। इस दौरान अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई, लेकिन तैनात होमगार्ड और एएनएम के समुचित सहयोग से मां और नवजात दोनों को सुरक्षित लेबर रूम में भर्ती कराया गया।
अधिकृत बयान
अस्पताल सूत्रों ने बताया कि जच्चा और नवजात की हालत स्थिर है। माँ और बच्ची को उचित चिकित्सीय देखभाल मिल रही है। साथ ही, अस्पताल प्रशासन ने घटना की समीक्षा करने का आश्वासन दिया है।
सामाजिक प्रभाव
यह घटना स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं की आपातकालीन सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है। एंबुलेंस न मिलने के कारण परिवार को निजी वाहन पर निर्भर रहना पड़ा, जो ग्रामीण एवं सीमांत इलाकों के लिए बड़ी चुनौती है।
आगे क्या होगा?
स्वास्थ्य विभाग इस मामले की जांच करेगा और स्थानीय अस्पतालों में एंबुलेंस सेवा की सुधार योजना पर विचार करेगा ताकि इसी तरह की घटनाओं से बचा जा सके। परिवारों को भी जागरूक किया जाएगा कि आपातकालीन स्थिति में क्या कदम उठाए जाएं।
निष्कर्ष
एमजीएम अस्पताल के मुख्य गेट पर हुई इस अप्रत्याशित घटना ने अस्पताल तक पहुंचने में सहयोगी सेवाओं के महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर किया है। बेहतर व्यवस्था और समय पर सेवाओं की उपलब्धता से ऐसे हादसों से बचा जा सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- प्रश्न: महिला को अस्पताल तक कैसे पहुंचाया गया?
उत्तर: 108 एंबुलेंस उपलब्ध न होने के कारण परिवार ने निजी स्कॉर्पियो वाहन से महिला को अस्पताल लाया। - प्रश्न: मां और नवजात की स्थिति क्या है?
उत्तर: दोनों की स्थिति सामान्य है और चिकित्सकीय निगरानी में हैं। - प्रश्न: घटना के बाद अस्पताल प्रशासन ने क्या कदम उठाए?
उत्तर: अस्पताल प्रशासन ने इस घटना की समीक्षा और स्वास्थ्य विभाग को रिपोर्ट करने की पुष्टि की है। - प्रश्न: क्या अस्पताल में एंबुलेंस की कमी को लेकर कोई प्रस्ताव है?
उत्तर: जांच के बाद सुधार के लिए कदम उठाए जाएंगे। - प्रश्न: परिवार को कोई सहायता मिली?
उत्तर: होमगार्ड और एएनएम ने तत्काल सहायता प्रदान की।



