यूसीआईएल विस्थापित समस्याओं पर विधायक एवं उपायुक्त की अहम बैठक, रोजगार व पुनर्वास पर जोर
JSRnews.com | Local | 27 Jul 2026
परिचय
यूरेनियम कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (यूसीआईएल) की खनन परियोजनाओं से प्रभावित परिवारों की समस्याओं को लेकर पोटका के विधायक संजीव सरदार और घाटशिला के विधायक सोमेश सोरेन ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त, राजीव रंजन से महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में विस्थापित परिवारों के प्रतिनिधि भी मौजूद थे, जिन्होंने रोजगार, पुनर्वास और बुनियादी सुविधाओं की अपनी मांगें रखीं।
प्रमुख बिंदु
- यूसीआईएल विस्थापित परिवारों के रोजगार और पुनर्वास की मांग
- प्रभावित क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और कौशल विकास पर जोर
- कई परिवारों को उनकी जमीन देने के बाद भी नौकरी नहीं मिली
- पूर्व बैठक में मुख्यमंत्री के निर्देशों का उल्लेख
पृष्ठभूमि
यूसीआईएल की माइन्स परियोजनाओं में तुरामडीह, नरवा, जादूगोड़ा, बांदूहुड़ांग और बागजामदा क्षेत्र शामिल हैं, जहां कई परिवारों को खनन के कारण अपनी जमीन छोड़नी पड़ी। इन परिवारों की दशकों से रोजगार, पुनर्वास और अन्य सुविधाओं को लेकर मांगें अधर में लटकी हुई हैं।
ताजा अपडेट
बैठक के दौरान उपायुक्त राजीव रंजन को विस्थापित परिवारों की व्यावहारिक समस्याएं समझाई गईं। प्रतिनिधिमंडल ने सरकार से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद जताई। विशेष रूप से रोजगार के मामलों पर जोर दिया गया कि जो परिवार परियोजना के लिए जमीन छोड़ चुके हैं उन्हें उनके हक के अनुसार नौकरी मिलनी चाहिए।
आधिकारिक बयान
विधायक संजीव सरदार ने कहा कि विस्थापित परिवारों के साथ न्याय अत्यंत जरूरी है और उनकी मांगों की उपेक्षा किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पहले ही मुख्य सचिव और उपायुक्त को विस्तृत रिपोर्ट तलब करने के निर्देश दिए हैं जिससे समाधान की प्रक्रिया तेज हो सके।
जनता पर असर
यूसीआईएल विस्थापित परिवारों की समस्याओं का सही समाधान न होना क्षेत्र में सामाजिक असंतोष बढ़ा सकता है। रोजगार और पुनर्वास के अभाव में परिवार की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है जो शिक्षा, स्वास्थ्य सहित अन्य सामाजिक पहलुओं पर भी प्रभाव डालती है।
आगे क्या होगा?
निगरानी में रखी जाने वाली इस प्रक्रिया में प्रशासन जल्द ही रिपोर्ट प्रस्तुत करेगा और सरकारी एजेंसियों को इन मामलों का समाधान सुनिश्चित करने के लिए निर्देश देगा। इसके बाद प्रभावित परिवारों को रोजगार व पुनर्वास योजनाओं का लाभ मिलना शुरू हो सकता है।
निष्कर्ष
यूसीआईएल विस्थापित परिवारों की समस्या को लेकर पोटका और घाटशिला विधायक की पहल ने प्रशासन के समक्ष एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया है। सरकार और प्रशासन की सक्रिय भागीदारी से ही इन परिवारों का भविष्य बेहतर हो सकेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- यूसीआईएल विस्थापित परिवारों की मुख्य मांगें क्या हैं?
रोजगार, पुनर्वास, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क और कौशल विकास जैसी बुनियादी सुविधाएं। - क्या सरकार ने इन परिवारों के लिए कोई योजना बनाई है?
मुख्यमंत्री ने उपायुक्त व मुख्य सचिव को विस्तृत रिपोर्ट तलब की है, जिसके आधार पर योजना बनाकर क्रियान्वयन किया जाएगा। - क्या जमीन देने वाले परिवारों को नौकरी मिलेगी?
प्रतिनिधिमंडल ने रोजगार में प्राथमिकता देने की मांग की है और प्रशासन ने जल्द निर्णय लेने की बात कही है। - विधायकों ने क्या कार्रवाई की मांग की?
लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा, योजनाओं का प्रभावशाली क्रियान्वयन और विस्थापितों को रोजगार में प्राथमिकता।



