मानगो नगर निगम में मेयर-विरोधी 20 से अधिक पार्षदों का ‘पार्षद एकता मंच’ गठन, राजेश सिंह अध्यक्ष
JSRnews.com | Local | 28 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर के मानगो नगर निगम में मेयर सुधा गुप्ता और नगर निगम के पार्षदों के बीच विवाद सार्वजनिक रूप से उभर आया है। करीब 20 से अधिक पार्षदों ने मिलकर ‘पार्षद एकता मंच’ नामक नया संगठन बनाया है। इस संघ के अध्यक्ष पद पर पार्षद राजेश सिंह चुने गए हैं। इस पहल का उद्देश्य पार्षदों की आवाज़ को मजबूत बनाकर मानगो क्षेत्र के विकास में तेजी लाना है।
मुख्य बिंदु
- मेयर और पार्षदों के बीच लंबे समय से चल रहा मतभेद अब सार्वजनिक हो गया है।
- 20 से अधिक पार्षदों ने ‘पार्षद एकता मंच’ बनाया है।
- राजेश सिंह को अध्यक्ष के रूप में सर्वसम्मति से चुना गया।
- पार्षदों का आरोप है कि मेयर जनता के मुद्दों और विकास प्रस्तावों को अनसुना कर रही हैं।
- विकास कार्यों में सहयोग और जनता की समस्याओं के समाधान के लिए पार्षद एकजुट हुए हैं।
पृष्ठभूमि
मानगो नगर निगम के अंतर्गत पार्षद जनता के प्रतिनिधि होते हैं जो वार्ड स्तर पर जनहित के कार्यों का पर्यवेक्षण करते हैं। पिछले कुछ महीनों में नगर निगम के विकास कार्यों में अंतराल और असंतोष के चलते पार्षदों में नाराजगी बढ़ी है। पार्षदों का आरोप है कि मेयर सुधा गुप्ता ने उनके कई जनहित के प्रस्तावों को गंभीरता से नहीं लिया। इस स्थिति में पार्षदों ने अपनी एकता दिखाने और प्रभावी भूमिका निभाने के लिए ‘पार्षद एकता मंच’ की स्थापना की है।
ताजा अपडेट
उप महापौर राहुल कुमार कश्यप ने बताया कि पार्षद जनता और प्रशासन के बीच अहम कड़ी हैं। उन्होंने कहा कि पार्षद एकता मंच का उद्देश्य किसी व्यक्तिगत विरोध से परे है, बल्कि यह मंच विकास को गति देने और पार्षदों की आवाज़ को प्रभावी बनाने का माध्यम है। उन्होंने यह भी कहा कि नगर निगम में फंड की कमी के कारण पिछली योजनाएं प्रभावित हुईं, लेकिन अब वित्तीय बाधाएं दूर हो चुकी हैं और योजना कार्य जल्द शुरू होंगे।
अधिकारियों का बयान
राहुल कुमार कश्यप ने स्पष्ट किया कि पार्षदों की भागीदारी के बिना विकास संभव नहीं है। वे लोगों की समस्याओं के निपटारे में सबसे आगे रहते हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि बिल्डिंग टैक्स और वाटर टैक्स जमा करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, जिससे नगर निगम का राजस्व बढ़ेगा और इससे बुनियादी सुविधाओं पर अधिक खर्च संभव होगा।
जनता पर प्रभाव
‘पार्षद एकता मंच’ के गठन से मानगो के वार्डों में विकास कार्यों की स्थिति बेहतर होगी। जनता की समस्याओं, जैसे सड़क, नाली, पेयजल और सफाई के मसलों पर पार्षद अब अधिक जोर देंगे। इससे नगर निगम क्षेत्र के विस्तार और स्वच्छता में सुधार की उम्मीद है।
आगे क्या होगा?
मंच के गठन के बाद पार्षद अपेक्षा कर रहे हैं कि उनकी बात को प्रशासन गंभीरता से सुनेगा और विकास योजनाओं में सहयोग बढ़ेगा। साथ ही नए टेंडर जारी कर रुके हुए काम जल्द शुरू होंगे, जिससे क्षेत्र का समग्र विकास होगा।
निष्कर्ष
मानगो नगर निगम में पार्षदों का ‘पार्षद एकता मंच’ बनना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक कदम है जो पार्षदों की आवाज़ को सशक्त बनाएगा। इससे मेयर और पार्षदों के बीच तालमेल बनाने और विकास कार्यों को गति देने में मदद मिलने की संभावना है।
सामान्य प्रश्न (FAQ)
- पार्षद एकता मंच क्या है? यह पार्षदों का एक समूह है जो मानगो नगर निगम में विकास मुद्दों को लेकर एकजुट हुआ है।
- राजेश सिंह कौन हैं? वे पार्षद एकता मंच के अध्यक्ष हैं जिन्हें सभी पार्षदों ने सर्वसम्मति से चुना है।
- क्या मेयर के साथ मतभेद के कारण मंच बना? मुख्य रूप से पार्षदों की शिकायतों और विकास मामलों में नजरअंदाजी के कारण मंच का गठन हुआ।
- मंच का मुख्य लक्ष्य क्या है? विकास कार्यों को तेज करना और जनता की समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित करना।
- भविष्य में क्या बदलाव संभव हैं? पार्षदों की सक्रिय भागीदारी से मानगो नगर निगम क्षेत्र में विकास की गति बढ़ने की उम्मीद है।



