जमशेदपुर में आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट, सीएम हेमंत ने पारदर्शी लाइसेंस वितरण को कहा जरूरी
JSRnews.com | Local | 28 Jul 2026
परिचय:
झारखंड के जमशेदपुर में नया ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट लगभग 11.88 एकड़ क्षेत्र में स्थापित किया जाएगा। यह योजना राज्य में ड्राइविंग प्रशिक्षण और लाइसेंस वितरण की प्रक्रिया को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बनाई गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इस संबंध में अधिकारियों को सख्त निर्देश भी दिए हैं।
मुख्य बिंदु
- जमशेदपुर में 11.88 एकड़ में बनाया जाएगा आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट।
- सीएम हेमंत सोरेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान कई जिलों के परिवहन अधिकारियों से संवाद किया।
- लाइसेंस वितरण को पारदर्शी, आसान और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने वाला बनाया जाएगा।
- भारी वाहनों के चालकों के प्रशिक्षण पर विशेष जोर।
- टाटा मोटर्स के सहयोग से प्रशिक्षण सुविधाओं का विकास।
पृष्ठभूमि
पिछले वर्षों में झारखंड में सड़क सुरक्षा और ड्राइविंग प्रशिक्षण की अनदेखी के कारण सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। इसे सुधारने के लिए राज्य सरकार ने परिवहन विभाग के साथ मिलकर नई पहल शुरू की है। जमशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में यह ट्रेनिंग सेंटर युवाओं और पेशेवर वाहक चालकों के कौशल विकास के लिये महत्वपूर्ण साबित होगा।
ताजा अपडेट
हाल ही में परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स के बीच हुए समझौते के बाद इस केंद्र के निर्माण का फैसला हुआ है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये विभागीय अधिकारियों से कहा कि लाइसेंस वितरण में पारदर्शिता होनी चाहिए और महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने पलामू जिले में महिला भागीदारी पर नाराजगी जताई और वहां अधिक सक्रियता की मांग की।
सरकार की पहल
परिवहन सचिव राजीव रंजन ने बताया कि सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए कई नई योजनाओं को लागू किया जा रहा है। जमशेदपुर में बनने वाला ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट आधुनिक उपकरणों से लैस होगा और प्रशिक्षकों को नवीनतम तकनीकों से अवगत कराएगा।
आधिकारिक बयान
परिवहन मंत्री दीपक बिरूआ ने कहा, "प्रशिक्षित चालक ही सुरक्षित यातायात की नींव हैं। यह केंद्र युवाओं के लिए रोजगार और दक्षता के नए रास्ते खोलेगा।" टाटा मोटर्स प्लांट हेड अनुराग आचार्य ने बताया कि कंपनी देश के सबसे बड़े कमर्शियल व्हीकल निर्माण केंद्र का संचालन करती है और चालक प्रशिक्षण में नई सुरक्षा तकनीकों को शामिल किया जाएगा।
जनता पर प्रभाव
इस प्रशिक्षण संस्थान के बनने से युवाओं को ड्राइविंग में दक्षता हासिल करने का मौका मिलेगा, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी संभव है। महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा। लोगों को लाइसेंस प्रक्रिया में पारदर्शिता मिलने से भ्रष्टाचार में कमी आएगी।
आगे क्या होगा
परिवहन विभाग अगले कुछ महीनों में प्रशिक्षण केंद्र के निर्माण कार्य शुरू करेगा। साथ ही, राज्य के अन्य जिलों में भी महिलाओं की भागीदारी को लेकर विशेष योजनाएं बनाई जाएंगी। भारी वाहनों के चालक प्रशिक्षण के लिए भी व्यापक प्रबंध किए जाएंगे।
निष्कर्ष
जमशेदपुर में ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट का निर्माण राज्य में सड़क सुरक्षा और चालक प्रशिक्षण को एक नया आयाम देगा। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के निर्देशों के अनुरूप, लाइसेंस वितरण प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और महिला-हितैषी होगी। यह पहल झारखंड के परिवहन ढांचे को मजबूती प्रदान करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
- 1. नया ड्राइविंग ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट कहां बनेगा?
यह जमशेदपुर में लगभग 11.88 एकड़ क्षेत्र में विकसित होगा। - 2. इस प्रशिक्षण केंद्र से किसे फायदा होगा?
यह युवाओं, भारी वाहन चालकों और महिलाओं को ड्राइविंग प्रशिक्षण देगा। - 3. सीएम हेमंत सोरेन ने क्या खास कहा?
उन्होंने पारदर्शी लाइसेंस वितरण और महिला भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। - 4. टाटा मोटर्स की भूमिका क्या है?
टाटा मोटर्स ने प्रशिक्षण सुविधाओं के विकास में सहयोग दिया है। - 5. इस पहल का सड़क सुरक्षा पर क्या प्रभाव होगा?
बेहतरीन प्रशिक्षण से दुर्घटनाओं में कमी और सुरक्षित यातायात सुनिश्चित होगा।



