मानगो नगर निगम की कार्यशैली पर जनआक्रोश, 27 जुलाई को जदयू का धरना तय
JSRnews.com | Local | 17 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर के मानगो क्षेत्र में नगर निगम के कामकाज और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर जनता दल (यूनाइटेड) और मानगो जनसुविधा समिति ने 27 जुलाई को धरना देने का फैसला किया है। इस धरने का उद्देश्य निगम की कार्यशैली में पाई जा रही कमियों को उजागर करना और विकास कार्यों की गति तेज करना है।
मुख्य बिंदु
- 38 विकास योजनाएं लंबित, जिसमें 12.13 करोड़ रुपये की लागत शामिल है।
- सफाई व्यवस्था और जल निकासी के मुद्दों पर व्यापक असंतोष।
- जदयू विधायक सरयू राय की पहल से हर वार्ड में निगरानी समितियां बनेंगी।
- पुलिस कार्रवाई में देरी के कारण भी आंदोलन तेज करने की चेतावनी।
पृष्ठभूमि
मानगो नगर निगम के इलाके में विकास कार्यों में काफी देरी और प्रशासनिक उदासीनता देखने को मिली है। इसके चलते जनता में असंतोष बढ़ा है, खासकर सफाई व्यवस्था व जल निकासी की स्थिति को लेकर। नालों के निर्माण में भी गति न होने बाद सैलाब की आशंका बनी हुई है। ऐसे हालातों को ध्यान में रखते हुए जदयू और स्थानीय जनसुविधा समिति ने संयुक्त रूप से असरदार आंदोलन की योजना बनाई है।
नई योजनाओं की स्थिति
नगर निगम क्षेत्र में कुल 38 विकास परियोजनाएं लंबित हैं, जिनमें से 32 योजनाओं और दो प्रमुख सड़क परियोजनाओं का शिलान्यास हो चुका है। इसके अलावा बाढ़ से निपटने के लिए चार बड़े नालों की सफाई एवं जीर्णोद्धार के लिए लगभग 2.44 करोड़ रुपये की निविदा प्रक्रिया भी पूरी की जा चुकी है, परंतु संवेदक नियुक्त होने के बाद भी प्रगति धीमी है।
ताज़ा अपडेट्स
हाल ही में आयोजित बैठक में विधायक सरयू राय ने कहा कि प्रत्येक वार्ड में दो लोगों की निगरानी समिति बनाई जाएगी, जो स्थानीय समस्याओं की जानकारी जुटा कर उसे समाधान के लिए कार्य करेगी। जदयू एवं जनसुविधा समिति की टीम नालों की सफाई और समस्याओं का निरीक्षण भी करेगी।
पुलिस की निष्क्रियता पर चिंता
बैठक में पुलिस प्रशासन के निष्क्रिय रवैये पर भी सवाल उठाए गए। विधायक के कथित विवादित बयान और उनके पुतला दहन मामले में अभी तक एफआईआर के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है, जिससे जदयू कार्यकर्ताओं में गहरा रोष है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और व्यापक होगा।
अधिकारिक बयान
सरयू राय ने स्पष्ट किया कि जनता की परेशानियों के समाधान के लिए वे पूरी तत्परता से कार्य करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि विकास कार्यों एवं पुलिस कार्रवाई में जल्द सुधार न होने पर आंदोलन को तेज कर दिया जाएगा।
जनता पर प्रभाव
विकास कार्यों की देरी और कमजोर सफाई व्यवस्था का सीधा असर मानगो क्षेत्र के नागरिकों पर पड़ रहा है। बढ़ती समस्याओं से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो रही है, जिसके कारण जनता का आक्रोश प्रशासन के प्रति बढ़ रहा है।
अब क्या होगा?
27 जुलाई को निर्धारित धरना के बाद यदि नगर निगम प्रशासन की कार्यशैली नहीं सुधरी, तो जदयू और जनसुविधा समिति के आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। स्थानीय समितियां लगातार स्थिति पर नजर रखेंगी और जनता के अधिकारों के लिए आवाज उठाती रहेंगी।
निष्कर्ष
मानगो नगर निगम की कार्यप्रणाली और विकास योजनाओं में देरी ने क्षेत्रवासियों की नाराजगी बढ़ा दी है। जदयू का धरना इस दिशा में एक प्रभावी कदम साबित हो सकता है, जो प्रशासन को जवाबदेह बनाने में मदद करेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- धरना कब होगा? 27 जुलाई को मानगो नगर निगम कार्यालय के समीप धरना दिया जाएगा।
- धरने का मुख्य कारण क्या है? विकास योजनाओं की देरी, सफाई व्यवस्था की खराबी और पुलिस की कार्रवाई में लापरवाही।
- कौन-कौन सी योजनाएं लंबित हैं? क्षेत्र में कुल 38 विकास परियोजनाएं 12.13 करोड़ रुपये की लागत से लंबित हैं।
- पुलिस कार्रवाई क्यों नहीं हुई? एफआईआर दर्ज होने के बाद भी जांच में देरी और निष्क्रियता दिखाई गई है।
- आगे क्या कदम उठाए जाएंगे? मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को तेज किया जाएगा और स्थानीय निगरानी समितियां सक्रिय होंगी।



