जमशेदपुर से राजस्थान गए 63 मजदूरों का वेतन अभी तक भुगतान नहीं, अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं श्रमिक
JSRnews.com | Local | 17 Jul 2026
परिचय: जमशेदपुर के 63 मजदूर, जिन्हें वर्ष 2023 में राजस्थान में काम के लिए भेजा गया था, अब तक अपना वेतन प्राप्त नहीं कर पाए हैं। श्रमिक प्रशासन के चक्कर काटने के बावजूद भुगतान नहीं मिलने से पीड़ित हैं।
मुख्य बिंदु
- 63 मजदूर सालगझरी स्थित एसकेबोस कंपनी के माध्यम से राजस्थान भेजे गए थे।
- मजदूरों को राजस्थान में शारीरिक और भाषाई उत्पीड़न का सामना करना पड़ा।
- 2023 से वेतन भुगतान लंबित, अधिकारियों के यहां-वहां जाने के बाद भी कामयाबी नहीं मिली।
- एसडीओ कार्यालय द्वारा मामला राजस्थान से जुड़ा बताकर स्थानीय कार्रवाई से इनकार।
- मजदूर प्रशासन से वेतन भुगतान और अन्याय के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
पृष्ठभूमि
जमशेदपुर के परसुडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत सालगझरी में स्थित एसकेबोस कंपनी द्वारा लगभग 63 मजदूरों को वर्ष 2023 में राजस्थान भेजा गया था। वहां काम के दौरान इन्हें कई समस्याएं झेलनी पड़ीं, जिनमें अभद्र भाषा और शारीरिक मारपीट भी शामिल है। मजदूरों के अनुसार, उन्हें राजस्थान में काम में उचित सम्मान एवं सुरक्षा नहीं मिली।
वेतन भुगतान से जुड़ी समस्या
मजदूर राजस्थान से जब वापस जमशेदपुर लौटे, तो उन्हें उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं मिला। इसके बाद वे लगातार संबंधित अधिकारियों के दफ्तरों का चक्कर काट रहे हैं। एसपी कार्यालय, उपायुक्त कार्यालय और एसडीओ कार्यालय तक जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराई गई, लेकिन अब तक केवल आश्वासन ही मिला है। एसडीओ कार्यालय ने मामला राजस्थान का बताते हुए स्थानीय स्तर पर कार्रवाई करने से मना कर दिया।
ताजा घटनाक्रम
मजदूर अब भी बिना वेतन के परेशान हैं और प्रशासन के खिलाफ आवाज उठाने लगे हैं। उन्होंने मीडिया और सामाजिक मंचों पर अपनी समस्याएं साझा कर अधिकारियों पर दबाव बनाने की कोशिश शुरू कर दी है।
अधिकारिक प्रतिक्रिया
मौजूदा समय तक इस मामले में अधिकारियों की ओर से कोई आधिकारिक बयान या कोई कार्रवाई का फैसला सार्वजनिक नहीं हुआ है, जिससे मजदूरों की चिंता और बढ़ गई है।
जनता पर प्रभाव
वेतन भुगतान न होने से प्रभावित मजदूर परिवार आर्थिक संकट में फंसे हैं। ऐसे हालात में कई मजदूर अपनी रोजमर्रा की जरूरतें भी पूरी नहीं कर पा रहे। इस असमयीनता ने स्थानीय समाज में न केवल आर्थिक बल्कि सामाजिक तनाव भी पैदा कर दिया है।
आगे क्या होगा?
मजदूर अब भी प्रशासन से निर्णायक कदम उठाने की उम्मीद करते हैं। उन्हें जल्द न्याय मिलने की मांग तेज हो रही है। यदि समय रहते समाधान नहीं निकला, तो यह विवाद और तेज हो सकता है, जिससे बड़े पैमाने पर आंदोलन की भी संभावना है।
निष्कर्ष
जमशेदपुर के उन 63 मजदूरों का वेतन भुगतान न होना न केवल उनके अधिकारों का उल्लंघन है, बल्कि यह एक सामाजिक अन्याय भी है। इससे निपटने के लिए प्रशासन को तत्काल कार्रवाई करनी होगी, ताकि आर्थिक एवं मानसिक दोनों स्तर पर मजदूरों को राहत मिल सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- मजदूरों का वेतन कब से बकाया है?
2023 से मजदूरों का वेतन भुगतान लंबित है। - क्या मजदूरों ने अधिकारिक शिकायतों के लिए कदम बढ़ाए हैं?
हाँ, मजदूर एसपी, उपायुक्त और एसडीओ कार्यालय में शिकायत कर चुके हैं। - अधिकारियों ने इस मामले में क्या कहा है?
अधिकारी अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दे पाए हैं। - मजदूर इस समस्या का समाधान कैसे चाहते हैं?
वेतन का भुगतान और उनके साथ हुए अन्याय के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। - क्या प्रशासन ने किसी प्रकार की सहायता या राहत दी है?
अभी तक कोई राहत या समाधान की जानकारी नहीं आई है।



