झारखंड: 30 जुलाई तक नए SMC गठन में महिलाओं को 50% स्थान, शिक्षा में पारदर्शिता बढ़ेगी
JSRnews.com | Local | 11 Jul 2026
परिचय
झारखंड सरकार ने राज्य के सरकारी विद्यालयों में शिक्षा प्रणाली को और अधिक पारदर्शी तथा सामुदायिक सहयोगी बनाने के लिए नई विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC) गठित करने का निर्णय लिया है। यह प्रक्रिया 30 जुलाई 2026 तक पूरी करनी अनिवार्य होगी। इस नई समिति में महिलाओं को कम से कम 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देकर विशेष महत्व दिया गया है।
मुख्य बिंदु
- झारखंड के सभी सरकारी स्कूलों में 30 जुलाई तक नई SMC का गठन
- समिति की सदस्य संख्या छात्र संख्या के आधार पर निर्धारित
- महिलाओं को समिति का 50% प्रतिनिधित्व अनिवार्य
- अभिभावकों, शिक्षकों व स्थानीय निकाय के प्रतिनिधियों की भागीदारी
- समिति के सदस्य बनने के लिए साफ-सुथरी पृष्ठभूमि आवश्यक
पृष्ठभूमि
नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के निर्देशानुसार, भारत सरकार ने सभी राज्यों में शिक्षा का प्रबंधन अधिक प्रभावी बनाने के लिए विद्यालय प्रबंधन समितियों के गठन को प्रोत्साहित किया है। झारखंड सरकार इस दिशा में तेजी से कदम उठा रही है ताकि विद्यालयों में शिक्षा गुणवत्ता और सर्वसमाज हिस्सेदारी को बेहतर बनाया जा सके।
नवीनतम अपडेट
सरकार ने सभी सरकारी विद्यालयों को निर्देश दिया है कि वे 30 जुलाई तक नई SMC का गठन कर लें, जो दो वर्ष के लिए कार्यरत रहेगी। समिति में अभिभावकों का विशेष स्थान होगा, साथ ही प्रधानाध्यापक सचिव के रूप में शामिल होंगे। इसके अलावा चयनित शिक्षक, स्थानीय निकाय के निर्वाचित सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या एएनएम भी सदस्यता प्राप्त करेंगे।
सरकारी बयान
शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, "नई विद्यालय प्रबंधन समिति गठन से विद्यालयों में प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ेगी और स्थानीय समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित होगी। महिलाओं को 50% प्रतिनिधित्व देना इस व्यवस्था को संतुलित और समावेशी बनाएगा।"
जनता पर प्रभाव
इस पहल से समुदायों में शिक्षा के महत्व को समझने और विद्यालयों के बेहतर प्रबंधन में सहभागिता बढ़ेगी। महिलाओं की हिस्सेदारी से बच्चों के शिक्षा स्तर में सुधार तथा सामाजिक जागरूकता को बढ़ावा मिलेगा। अभिभावकों को विद्यालय के संचालन में अधिकार मिलने से शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि संभव है।
आगे क्या होगा?
30 जुलाई के बाद नई समितियां सक्रिय होकर विद्यालयों की नियमित निगरानी करेंगी। सरकार समय-समय पर उनकी प्रगति का आकलन करके आवश्यक सुधारों की योजना बनाएगी। स्थानीय प्रशासन इस प्रणाली को और मूलभूत संसाधन उपलब्ध करवाने में सहयोग करेगा।
निष्कर्ष: झारखंड सरकार की यह पहल शिक्षा व्यवस्था में सुधार और सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। नई विद्यालय प्रबंधन समिति के गठन से न केवल पारदर्शिता बढ़ेगी, बल्कि महिलाओं और अभिभावकों की भागीदारी से स्कूलों का समग्र विकास संभव होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
- नई विद्यालय प्रबंधन समिति का गठन कब तक होगा?
30 जुलाई 2026 तक सभी सरकारी स्कूलों में नई SMC बनेगी। - समिति में महिलाओं की भागीदारी क्यों जरूरी है?
महिलाओं को 50% प्रतिनिधित्व देकर शिक्षा निर्णयों में समान अधिकार देना सुनिश्चित किया गया है। - समिति में कौन-कौन सदस्य होंगे?
अभिभावक, प्रधानाध्यापक, शिक्षक, स्थानीय निकाय के निर्वाचित सदस्य, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता या एएनएम सदस्य होंगे। - समिति के सदस्य बनने के लिए क्या शर्तें हैं?
सदस्य विद्यालय के आस-पास के क्षेत्र के निवासी होंगे और उनके खिलाफ कोई कानूनी मामला नहीं होना चाहिए। - समिति का कार्यकाल कितना होगा?
नई SMC का कार्यकाल दो वर्ष का होगा।



