जामताड़ा में चलना बालू घाट से अवैध बालू उठाव का वीडियो वायरल, उपायुक्त ने की जांच की घोषणा
जामताड़ा जिले के नारायणपुर प्रखंड में स्थित चलना बालू घाट से अवैध बालू उठाव का मामला फिर से चर्चा में आ गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें करीब 25 से 30 ट्रैक्टर कच्चे रास्तों से बालू लेकर जाते हुए कतारबद्ध दिख रहे हैं। यह वीडियो क्षेत्र में अवैध बालू खनन के एक संगठित नेटवर्क की संभावना को उजागर करता है।
JSRnews.com | Local | 27 May 2026
सूत्र बताते हैं कि प्रतिदिन लगभग 200 ट्रैक्टरों के जरिए बालू की उठाव की जा रही है, जो न केवल जामताड़ा या नारायणपुर बल्कि गिरिडीह और धनबाद जैसे अन्य जिलों तक भी पहुंचाई जाती है। इस घाट का नाम पहले भी अवैध खनन और विवादों में आ चुका है। वायरल वीडियो ने एक बार फिर इस अवैध कारोबार को सामने ला दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह अवैध कार्य लंबे समय से चल रहा है, लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई के अभाव में रोक नहीं लग पा रही है।
उपायुक्त ने जांच के दिए निर्देश
जामताड़ा उपायुक्त आलोक कुमार ने इस वीडियो को गंभीरता से लेते हुए माइनिंग इंस्पेक्टर को तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि बालू घाटों की बंदोबस्ती प्रक्रिया तेज़ी से चल रही है और जल्द ही घाटों का विधिवत संचालन सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे अवैध बालू उठाव पर नियंत्रण संभव हो सके।
उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट किया कि आमलाचातर गांव के दुपकवारा स्थान पर संचालित बालू स्टॉक के पास हाईकोर्ट के आदेशानुसार वैध लाइसेंस मौजूद है। उन्होंने दोहराया कि अवैध खनन और ब्लास्टिंग जैसी गतिविधियों पर प्रशासन की सख्त नजर है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अवैध बालू खनन रोकने की चुनौती
यह मामला जामताड़ा जिले में अवैध बालू खनन की गंभीर समस्या को दर्शाता है। परिवहन के लिए बड़ी संख्या में ट्रैक्टरों की कतार इस गतिविधि के पैमाने को बयां करती है। इस प्रकार के अवैध खनन से न केवल पर्यावरणीय क्षति होती है बल्कि स्थानीय प्रशासन की विश्वसनीयता भी प्रभावित होती है।
स्थानीय प्रशासन ने जांच और बंदोबस्ती के माध्यम से समस्या का समाधान करने का प्रयास आरंभ कर दिया है, लेकिन इसके लिए समुचित निगरानी और कड़ी कार्रवाई आवश्यक है। जामताड़ा की जनता अब प्रशासन से इस अवैध गतिविधि को समाप्त करने और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा सुनिश्चित करने की उम्मीद कर रही है।


