आदित्यपुर नगर निगम में ठेकेदारों का प्रदर्शन, अधिकारियों पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप
परिचय
JSRnews.com | Local | 30 May 2026
आदित्यपुर नगर निगम में अधिक ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच जारी विवाद ने शुक्रवार को तब हंगामा मचा दिया जब 30 से अधिक ठेकेदार मुख्य कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के लिए एकजुट हो गए। उन्होंने अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश और अकाउंट अफसर अमित चौरसिया पर कमीशनखोरी और भुगतान में देरी के आरोप लगाए।
प्रमुख बिंदु
- ठेकेदारों का आरोप है कि बिना कमीशन दिए काम नहीं होता।
- समय पर भुगतान न होने के कारण आर्थिक संकट की स्थिति।
- अधिकारियों ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताया।
- ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया को पारदर्शिता का माध्यम बताया गया।
- ठेकेदारों ने चेतावनी दी है कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज होगा।
पृष्ठभूमि
आदित्यपुर नगर निगम के ठेकेदार वर्षों से कार्यों के भुगतान और परियोजना प्रगति को लेकर समस्याओं का सामना कर रहे हैं। भ्रष्टाचार की शिकायतें समय-समय पर सामने आती रही हैं, जिससे ठेकेदारों में निराशा बढ़ती जा रही है।
ताज़ा अपडेट
ठेकेदारों ने शुक्रवार को मुख्य भवन के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी के माध्यम से अपनी नाराजगी जताई। उनका कहना है कि अधिकारियों के द्वारा कमीशन की मांग और समय से भुगतान न होने के कारण कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
अधिकारी बयान
अपर नगर आयुक्त रवि प्रकाश ने आरोपों को नकारा और बताया कि सभी प्रक्रियाएं विधि के अनुसार चल रही हैं। उन्होंने कहा कि 10 लाख रुपये तक के कार्यों के लिए ऑनलाइन टेंडर प्रणाली लागू की गई है ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
जनता पर प्रभाव
अधिकांश ठेकेदार की वित्तीय स्थिति खराब होने के कारण स्थानीय व्यापार और सेवाओं पर भी नकारात्मक प्रभाव देखा जा सकता है। समय पर भुगतान का अभाव छोटे विक्रेताओं और मजदूरों तक भी भारी पड़ रहा है।
आगे क्या होगा?
ठेकेदारों ने आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है। नगर निगम प्रशासन से इस मामले में जल्द कार्रवाई की उम्मीद है, ताकि निगम कार्य सामान्य रूप से पुनः संचालित हो सके।
निष्कर्ष
आदित्यपुर नगर निगम में ठेकेदारों और अधिकारियों के बीच जारी विवाद में पारदर्शिता और निष्पक्षता की आवश्यकता नितांत जरूरी हो गई है, ताकि निगम क्षेत्र में विकास कार्य बाधित न हो।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- प्रश्न: ठेकेदारों ने किन मुख्य आरोपों को उठाया है?
उत्तर: उन्होंने अधिकारियों पर कमीशनखोरी और भुगतान में देरी के आरोप लगाए हैं। - प्रश्न: नगर निगम प्रशासन ने क्या प्रतिक्रिया दी है?
उत्तर: अपर नगर आयुक्त ने आरोपों को निराधार बताया और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए ऑनलाइन टेंडर प्रणाली की बात कही। - प्रश्न: आंदोलन जारी रहने पर क्या संभावित परिणाम होंगे?
उत्तर: आंदोलन के तेज होने से निगम कार्य प्रभावित हो सकते हैं तथा प्रशासन को दबाव में काम करना पड़ सकता है। - प्रश्न: क्या ऑनलाइन टेंडर प्रक्रिया से पारदर्शिता बढ़ेगी?
उत्तर: प्रशासन का दावा है कि इससे भ्रष्टाचार में कमी आएगी और सभी योग्य ठेकेदारों को मौका मिलेगा। - प्रश्न: ठेकेदारों की आर्थिक स्थिति कैसे प्रभावित हुई है?
उत्तर: भुगतान में देरी के कारण ठेकेदारों को वित्तीय दबाव का सामना करना पड़ रहा है।


