जामताड़ा में फर्जी PGDCA प्रमाण पत्र मामला: दो BPO अधिकारियों को बर्खास्त
जामताड़ा जिला प्रशासन ने मनरेगा के तहत कार्यरत दो प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारियों (BPO) को फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने के आरोप में तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया है। यह कार्रवाई उपायुक्त आलोक कुमार के निर्देश पर की गई है।
JSRnews.com | Local | 26 May 2026
जारी आदेश के मुताबिक, जामताड़ा और नाला प्रखंड के बीपीओ गोविंद प्रसाद घोष तथा नयन कुमार को वर्ष 2023-24 में प्रकाशित नियुक्ति विज्ञापन के आधार पर पदस्थ किया गया था। नियुक्ति के दौरान दोनों ने PGDCA प्रमाण पत्र प्रस्तुत किए थे, जो बाद में जांच में संदिग्ध पाए गए।
मामला जनता दरबार में शिकायत दर्ज होने के बाद सार्वजनिक हुआ। इसके तुरंत बाद जिला प्रशासन ने गंभीरता दिखाते हुए एक जांच समिति का गठन किया, जिसने पाया कि दोनों अधिकारियों द्वारा प्रस्तुत PGDCA प्रमाण पत्र किसी भी सरकारी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से जारी नहीं किए गए थे।
जांच के दौरान अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया, जिसमें उन्होंने शपथ पत्र देकर स्वीकार किया कि यदि प्रमाण पत्र में कोई त्रुटि या विसंगति होगी तो वे स्वयं जिम्मेदार होंगे। इस स्वीकारोक्ति से मामला और भी गंभीर हो गया।
झारखंड उच्च न्यायालय में दायर याचिका W.P.(S) No. 4607 of 2024 और जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने दोनों बीपीओ अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त करने का कड़ा निर्णय लिया। उपायुक्त आलोक कुमार ने इस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए कहा कि फर्जीवाड़ा करने वाले अधिकारियों को अब सेवा का कोई अधिकार नहीं रहेगा।
यह मामला जिला प्रशासन की संवेदनशीलता और नियमों के कड़ाई से पालन करने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिससे सरकारी पदों पर खरे और योग्य अधिकारियों की नियुक्ति सुनिश्चित की जा सके। प्रशासन ऐसे किसी भी प्रकार के प्रमाण पत्र धोखाधड़ी पर भविष्य में भी शून्य सहिष्णुता दिखाएगा।


