जमशेदपुर JSLPS फेडरेशन ने ग्राम संगठन अध्यक्ष पर 70 हजार रुपये के गबन और फर्जीवाड़े का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज की
JSRnews.com | Local | 21 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर में कुदादा करनडीह आजीविका महिला संकुल स्तरीय स्वालम्बी सहकारी समिति लिमिटेड (JSLPS) ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को एक गंभीर शिकायत सौंपा है। शिकायत में ग्राम संगठन अध्यक्ष बबली कौर पर 70 हजार रुपये के गबन, फर्जीवाड़ा और सरकारी राशि के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए सख्त जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
मुख्य बातें
- उतरी घाघीडीह ग्राम संगठन को JSLPS द्वारा 25 लाख रुपये का ऋण दिया गया था।
- ग्राम संगठन अध्यक्ष ने कथित तौर पर सरकारी धन का निजी उपयोग किया।
- नियमों के विरुद्ध 70 हजार रुपये निजी खाते में ट्रांसफर करने का आरोप।
- संगठन की संपत्ति पर कब्जा, फर्जी दस्तावेज और चेक का गलत इस्तेमाल भी आरोपित हैं।
- सरकार से कानूनी मदद और न्यायिक कार्रवाई की मांग की गई है।
पृष्ठभूमि
JSLPS संघ स्थानीय महिला समूहों के सशक्तिकरण के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराता है। इसके तहत उतरी घाघीडीह ग्राम संगठन को स्वरोजगार बढ़ाने और महिलाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए 25 लाख रुपये तीन किस्तों में ऋण के रूप में दिए गए थे। लेकिन पांच महीने से ऋण की वापसी नहीं हुई, जिससे संकुल ने संदेह के आधार पर जांच शुरू की।
JSLPS फेडरेशन की शिकायत में आरोप
शिकायत में बताया गया है कि ग्राम संगठन अध्यक्ष बबली कौर ने ऋण राशि को ग्राम संगठन के खाते में जमा नहीं कराया बल्कि स्वयं के निजी उपयोग के लिए रख लिया। समूह के महत्वपूर्ण दस्तावेज जैसे रजिस्टर, पासबुक और मुहर अपने कब्जे में रख कर सदस्यों को जानकारी नहीं दी। इसके अलावा फर्जी हस्ताक्षर वाले चेकों द्वारा ऋण वसूली को प्रभावित करने का कथित प्रयास भी हुआ।
ताज़ा अपडेट्स
शिकायत में यह भी कहा गया है कि 70 हजार रुपये ग्राम संगठन के खाते से नियमों के विरुद्ध ट्रांसफर कर दिए गए। साथ ही चेक बाउंस और सरकारी धन के दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। संकुल ने पूर्वी सिंहभूम उपायुक्त से मामले की गंभीर जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
आधिकारिक बयानों की स्थिति
अब तक ग्राम संगठन अध्यक्ष बबली कौर का कोई जवाब सामने नहीं आया है। प्रशासन ने भी इस शिकायत पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या कार्रवाई सार्वजनिक नहीं की है। मामले की जांच जारी है।
जनता पर प्रभाव
यह मामला स्थानीय महिला स्व-सहायता समूहों की विश्वसनीयता और सरकारी वित्तीय सहायता की पारदर्शिता पर सवाल खड़ा करता है। इससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक सहायता के अंतर्निहित ढांचे की विश्वसनीयता प्रभावित हो सकती है। महिलाओं के स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण की योजनाएं भी प्रभावित हो सकती हैं।
आगे क्या होगा?
उपायुक्त से कानूनी सहायता की मांग की गई है ताकि धन वसूली हो और संगठन की संपत्ति वापस ली जा सके। नई कार्यकारिणी का गठन भी अपेक्षित है। प्रशासन के कदम आगे की दिशा तय करेंगे। यदि न्यायिक कार्रवाई होती है, तो यह अन्य संस्थाओं के लिए भी एक मिसाल बनेगा।
निष्कर्ष
जमशेदपुर में JSLPS फेडरेशन की शिकायत ने ग्राम संगठन के खिलाफ आरोपों का सिलसिला शुरू कर दिया है। यह मामला न केवल स्थानीय प्रशासन के लिए चुनौती है, बल्कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी कि दोषी किस हद तक जिम्मेदार हैं।
सामान्य प्रश्न (FAQ)
- शिकायत किन आरोपों पर बनी है? – शिकायत में ग्राम संगठन अध्यक्ष पर सरकारी राशि के गबन, फर्जी दस्तावेज और धन के दुरुपयोग के आरोप लगाए गए हैं।
- कितना ऋण दिया गया था? – ग्राम संगठन को कुल 25 लाख रुपये तीन किस्तों में ऋण के रूप में दिया गया था।
- क्या प्रशासन ने कार्रवाई की है? – अभी तक प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक कार्रवाई या बयान सार्वजनिक नहीं हुआ है।
- क्या ग्राम संगठन अध्यक्ष ने जवाब दिया है? – बबली कौर का पक्ष अभी तक सामने नहीं आया है।
- आगे क्या हो सकता है? – मामले की जांच पूरी होने पर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है और नई कार्यकारिणी गठित की जा सकती है।



