जमशेदपुर में दिव्यांग युवक ने DC से गुमटी आवंटन की मांग कर रोशनी डाली रोजगार की समस्या पर
JSRnews.com | Local | 10 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर के कदमा क्षेत्र में रहने वाले 60 प्रतिशत दिव्यांग युवक मनु लाल कुमार ने रोजगार की चाहत लेकर उपायुक्त कार्यालय से गुमटी आवंटन की मांग उठाई है। हालात ऐसे हैं कि परिवार की आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ रही है और कई प्रयासों के बावजूद प्रशासन से स्थायी समाधान का अभाव बना हुआ है।
मुख्य तथ्य
- मनु लाल कुमार के पिता की चाय गुमटी सड़क विस्तार के कारण हटाई गई।
- परिवार आजीविका के लिए दैनिक मजदूरी पर निर्भर है।
- बहुत बार प्रशासन और प्रधानमंत्री कार्यालय से गुहार लगाने के बाद भी गुमटी आवंटन नहीं हुआ।
- मनु लाल कुमार ने उपायुक्त से बिष्टुपुर क्षेत्र में गुमटी आवंटित कराने की मांग की है।
पृष्ठभूमि
मनु लाल कुमार के पिता की चाय की गुमटी कदमा स्थित गणेश पूजा मैदान के पास लगभग 30 वर्षों तक संचालन में थी। चार वर्ष पहले टाटा स्टील प्रबंधन द्वारा सड़क चौड़ीकरण के दौरान यह गुमटी संरचनात्मक कारणों से हटवानी पड़ी। इससे परिवार की आय के स्रोत समाप्त हो गए और वित्तीय संकट गहरा गया।
गुमटी आवंटन की मांग और प्रशासन से संवाद
मनु लाल कुमार ने उपायुक्त कार्यालय, टाउन कार्यालय एवं अन्य अधिकारियों को कई बार लिखित आवेदन देकर रोजगार के लिए गुमटी आवंटन का अनुरोध किया है। 2023 में प्रधानमंत्री कार्यालय को भी यह पत्र भेजा गया था, जहां से कॉल भी प्राप्त हुई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
प्रशासनिक और विशेषज्ञ वक्तव्य
इस मामले में प्रशासन का कहना है कि गुमटी आवंटन प्रक्रिया नियमानुसार पूरी की जाएगी, जबकि दिव्यांग युवाओं के रोजगार के लिए विशेष पहल जरूरी है। सामाजिक संगठनों ने भी इस मांग का समर्थन किया है, जो सरकार से शीघ्र समाधान की अपेक्षा रखते हैं।
सामाजिक प्रभाव
मनु लाल कुमार के संघर्ष ने स्थानीय स्तर पर दिव्यांगों के सामने रोजगार संबंधी चुनौतियों को उजागर कर दिया है। गुमटी आवंटित होने से न केवल उनका आर्थिक आधार मजबूत होगा, बल्कि अन्य दिव्यांग युवाओं के लिए भी मार्ग प्रशस्त होगा।
आगे क्या होगा
उपायुक्त कार्यालय से उम्मीद है कि जल्द ही टाटा स्टील प्रबंधन की सहमति लेकर बिष्टुपुर क्षेत्र में मनु लाल कुमार को गुमटी आवंटित की जाएगी। इससे उनका व्यापार सुचारु होगा और रोजगार की समस्या कम होगी।
निष्कर्ष
जमशेदपुर का यह मामला दर्शाता है कि दिव्यांगों के लिए रोजगार के अवसरों को सुदृढ़ करना कितना आवश्यक है। प्रशासन और सामाजिक संस्थाओं को मिलकर ऐसे लोगों की मदद के लिए नई नीतियाँ बनानी चाहिए, जिससे समाज की समग्र प्रगति हो सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- प्रशासन ने अभी तक क्यों नहीं दी गुमटी? – प्रक्रिया में प्रशासनिक जटिलताएं और भूमि संबंधित अनुमतियाँ देरी का कारण हैं।
- क्या दिव्यांग युवाओं के लिए विशेष योजनाएं हैं? – हाँ, लेकिन उनकी पहुंच और प्रभावशीलता सीमित है, सुधार की जरूरत है।
- गुमटी आवंटन से रोजगार कैसे सुधरेगा? – स्थाई गुमटी से व्यापारिक गतिविधियां बढ़ेंगी और परिवार की आय बढ़ेगी।
- क्या अन्य दिव्यांग युवाओं को भी मौका मिलेगा? – यह मॉडल बन कर अन्य जरूरतमंदों के लिए प्रेरणा बनेगा।
- आवेदक ने प्रधानमंत्री कार्यालय से कब संपर्क किया? – वर्ष 2023 में, जिसके बाद फोन कॉल भी प्राप्त हुआ था।



