गम्हरिया सीएचसी के स्टाफ क्वार्टर में दवाओं का अवैध स्टॉक, सिविल सर्जन ने जांच का ऐलान किया
JSRnews.com | Local | 24 Jun 2026
परिचय
सरायकेला जिले के गम्हरिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में हाल ही में दवाओं के अवैध भंडारण का मामला प्रकाश में आया है। एक्सपायरी दवाओं को नष्ट करने के विवाद के बाद एक स्टाफ क्वार्टर से बड़ी मात्रा में दवाएं छुपाकर रखने का मामला सामने आया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
- सीएचसी स्टाफ क्वार्टर में एक्सपायरी और वैधता समाप्त दवाओं का भंडारण मिला।
- दवाएं घर के कमरों के अलावा शौचालय में भी छुपाई गई थीं।
- जांच के दौरान दवाओं को वहां से हटाने का प्रयास कैमरे में कैद किया गया।
- सिविल सर्जन सरजू प्रसाद ने मामले की गहन जांच का आदेश दिया।
पृष्ठभूमि
इससे पहले सीएचसी में एक्सपायरी दवाओं को नष्ट करने संबंधी विवाद ने स्वास्थ्य केंद्र के दवा प्रबंधन की कमी उजागर की थी। अब यह नया मामला सामने आने से सवाल बढ़ गए हैं कि स्वास्थ्य केंद्र में दवा का भंडारण और निस्तारण सही ढंग से हो रहा है या नहीं।
गम्हरिया सीएचसी दवाओं का अवैध स्टॉक
स्थानीय मीडिया और लोगों की मौजूदगी में जब स्टाफ क्वार्टर की जांच की गई, तो कई बक्सों में बड़ी मात्रा में दवाएं मिलीं। जांच में यह भी पता चला कि दवाएं केवल कक्षों में नहीं, बल्कि शौचालय में भी छुपाई गई थीं। निष्पक्ष जांच से स्पष्ट होगा कि ये दवाएं किसके निर्देश पर रखी गईं और उन्हें हटाने की कोशिश क्यों की गई।
नवीनतम जानकारी
घटनाक्रम का वीडियो और तस्वीरें राजपत्रित स्वास्थ्य अधिकारियों के समक्ष पेश की गई हैं। वीडियो में कुछ कर्मी दवाओं को जल्दी से बाहर निकालने की कोशिश करते दिखे। स्वास्थ्य विभाग ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए त्वरित जांच की घोषणा की है।
अधिकारी बयान
सिविल सर्जन सरजू प्रसाद ने कहा है कि जांच पूरी निष्पक्षता से कराई जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि जांच में अनियमितता पाई गई तो जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इससे पहले भी दवा प्रबंधन के मामलों पर स्वास्थ्य विभाग की छानबीन हो चुकी है, मगर इस बार मामला और गंभीर लगता है।
जनता पर प्रभाव
इस घटना ने क्षेत्रीय जनता में चिंता बढ़ा दी है कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में मरीजों को गुणवत्तापूर्ण दवाइयां मिलेंगी या नहीं। दवाओं के भंडारण के गलत तरीके से मरीजों की जान को खतरा होने की आशंका भी व्यक्त की जा रही है।
आगे क्या होगा
स्वास्थ्य विभाग द्वारा गम्हरिया सीएचसी में दवाओं के रखरखाव संबंधी प्रक्रिया का पुनर्मूल्यांकन किया जाएगा। जांच पूरी होने के बाद विवादास्पद कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। साथ ही, दवा भंडारण और निस्तारण के लिए नए सख्त नियम लागू किए जा सकते हैं।
निष्कर्ष
गम्हरिया सीएचसी में दवाओं के अवैध भंडारण की घटना स्वास्थ्य विभाग के सिस्टम में कमियों को उजागर करती है। सक्रिय जांच और जवाबदेही ही ऐसे मामलों को रोकने का एकमात्र रास्ता है ताकि जनता को स्वस्थ और भरोसेमंद सेवा मुहैया हो सके।
सामान्य प्रश्न (FAQ)
- क्या दवाएं एक्सपायरी थीं?
हां, बरामद दवाओं में कई एक्सपायरी हो चुकी शामिल थीं। - क्या दवाएं शौचालय में भी रखी गईं?
जांच में यह भी पता चला कि कुछ दवाएं शौचालय में छुपाई गई थीं। - क्या जांच शुरू हो चुकी है?
सिविल सर्जन ने पूरी जांच करवाने का आदेश दिया है। - क्या कड़ी कार्रवाई होगी?
जांच में दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। - जनता को क्या उम्मीद रखनी चाहिए?
बेहतर दवा प्रबंधन और स्वास्थ्य सेवा के लिए विभाग द्वारा सुधार अपेक्षित हैं।



