ईस्ट सिंहभूम में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन को डीसी ने दी प्राथमिकता
ईस्ट सिंहभूम, जमशेदपुर: जिलाधिकारी राजीव रंजन ने ईस्ट सिंहभूम जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में वैज्ञानिक कचरा प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है। उन्होंने स्थानीय बाजारों, हाट एवं बाजारों में नियमित कचरा संग्रहण और निपटान के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करने का आदेश दिया। इस पहल की सफलता के लिए पंचायत प्रतिनिधियों, स्व-सहायता समूहों और स्थानीय निवासियों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
JSRnews.com | Local | 27 May 2026
राजीव रंजन ने सभी सर्कल अधिकारियों को आदेश दिया है कि वे पंचायत और ब्लॉक स्तर पर कचरा पृथक्करण केंद्र बनवाने हेतु प्राथमिकता के आधार पर जमीन चिन्हित करें, जिसमें प्लास्टिक कचरे के पृथक्करण की सुविधा भी शामिल हो।
उन्होंने ईस्ट सिंहभूम के सभी ब्लॉक विकास अधिकारियों (बीडीओ) और सर्कल अधिकारियों (सीओ) के साथ जिला स्तर पर एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की ताकि हुए सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट नियम-2026 का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके।
बैठक के दौरान, राजीव रंजन ने प्रत्येक ब्लॉक के बीडीओ को नोडल अधिकारी नियुक्त किया, जो इस कार्यक्रम की सफलता को सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि प्रशासन जल्द ही एक व्यापक जिला स्तरीय कार्य योजना बनायेगा, वहीं सुप्रीम कोर्ट भी इसके क्रियान्वयन की निगरानी करेगा।
मई- जून 2026 के लिए महत्वपूर्ण समय सीमा
जिलाधिकारी ने इस योजना के कार्यान्वयन के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित किए हैं:
- 31 मई, 2026 तक: प्रत्येक वार्ड में एक लीड फैसिलिटेटर नियुक्त किया जाना है, जो स्वच्छ भारत मिशन को गति देंगे और स्रोत पर कचरे के पृथक्करण व वैज्ञानिक निपटान के प्रति जनजागरूकता बढ़ायेंगे।
- जून 2026 तक: नोडल अधिकारियों को सभी बल्क वेस्ट जनरेटर (बड़े कचरा उत्पादकों) की पहचान कर उनकी विस्तृत सूची प्रस्तुत करनी होगी।
प्रशासन बल्क वेस्ट उत्पादकों को चार अलग-अलग डस्टबिन के इस्तेमाल के अनिवार्यता के प्रति जागरूक करेगा ताकि वे स्रोत पर ही कचरे को अलग कर सकें - शौचालयीय, गीला, सूखा और अन्य श्रेणियों के लिए।
इस बैठक में उप-विकास आयुक्त, जमशेदपुर नगर निगम के उप-महानगर आयुक्त, विभिन्न नगरपालिका अधिकारियों एवं पेयजल एवं सैनिटेशन विभाग के कार्यकारी अभियंता उपस्थित थे, जबकि बीडीओ एवं सीओ ऑनलाइन जुड़े थे।
विभागीय अधिकारियों ने इस पहल को सफल बनाने हेतु तेजी से काम करने का संकल्प लिया है ताकि जिले में स्वच्छता तथा पर्यावरण संरक्षण के नए मानक स्थापित किए जा सकें।


