चाकुलिया में हाथियों का तांडव: बुजुर्ग की मौत, नाती ने जिद से बचाई जान
JSRnews.com | Local | 27 Jul 2026
परिचय
झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले के चाकुलिया प्रखंड में सोमवार सुबह एक बार फिर हाथियों के आतंक ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया। कालियाम पंचायत के कालियाम गांव में 60 वर्षीय अनिल महतो हाथी के हमले का शिकार होकर गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। उनके साथ मौजूद 7 वर्षीय नाती ने घबराकर भागकर अपनी जीवन रक्षा की।
मुख्य तथ्य
- लगभग 20 हाथियों का झुंड गांव में घुसा।
- एक हाथी ने अनिल महतो पर अचानक हमला किया।
- नाती ने मौके से भागकर अपनी जान बचाई।
- अनिल महतो को प्राथमिक उपचार के बाद झाड़ग्राम रेफर किया गया जहां उनकी मृत्यु हुई।
- ग्रामीणों ने मुआवजे एवं सुरक्षा की मांग की।
पृष्ठभूमि
पूर्वी सिंहभूम क्षेत्र मानव-हाथी संघर्ष की घटनाओं के लिए जाना जाता है। स्थानीय जंगलों में हाथियों की आवाजाही और खेतों के बीच बढ़ते संघर्ष से समय-समय पर जानमाल का नुकसान हो रहा है। ऐसे में किसानों और ग्रामीणों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।
चाकुलिया हाथी हमला - ताजा अपडेट
रविवार की सुबह 5:45 बजे के लगभग एक बड़ा हाथियों का झुंड कालियाम गांव में दाखिल हुआ। कुछ देर बाद झुंड जंगल की ओर वापस लौट गया, लेकिन एक हाथी वहीं रुका। इसी समय अनिल महतो अपने सात वर्षीय नाती के साथ घर के बाहर ब्रश कर रहे थे, तभी हाथी ने अचानक हमला कर दिया। हाथी ने उन्हें पटककर दांत और पैरों से घायल कर दिया। नाती डर कर वहां से भाग गया।
घटना की सूचना पर मौके पर पहुंचे पंचायत मुखिया दासो हेंब्रम ने इलाज के लिए अनिल महतो को निजी वाहन से चाकुलिया सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज हेतु उन्हें झाड़ग्राम रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल में उनकी मौत हो गई।
अधिकारी और विशेषज्ञ बयान
वन विभाग के अधिकारियों ने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए समन्वित प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने और हाथियों के आवागमन वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने का अनुरोध किया है। जंगली जानवरों और मानव के बीच बढ़ रहे संघर्ष पर विचार विमर्श के लिए बैठकें बुलाने की भी बात कही गई है।
जनता पर प्रभाव
हाथियों के हमले के बाद कालियाम गांव में भय और दहशत का माहौल है। कई घरों को नुकसान पहुंचा है, साथ ही ग्रामीण अपने जीवन और संपत्ति की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। प्रभावित परिवार मुआवजे की मांग कर रहे हैं और सुरक्षा इंतजामों की अपेक्षा कर रहे हैं।
आगे की क्या कार्रवाई संभव है?
वन विभाग और स्थानीय प्रशासन से अपेक्षा है कि वे हाथियों के प्रवेश को नियंत्रित करने, रुझान वाले मार्गों पर सुरक्षित बैरियर लगाएंगे तथा मानव-हाथी संघर्ष को कम करने के लिए दीर्घकालिक समाधान निकालेगे। ग्रामीणों को भी सजग रह कर सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
निष्कर्ष
चाकुलिया इलाके में हाथियों के हमले ने एक बार फिर इस क्षेत्र में मानव और पशु के बीच बढ़ते संघर्ष की चिंता को उजागर किया है। अनिल महतो की मृत्यु ने सुरक्षा उपाए और स्थिति सुधार की आवश्यकताओं को प्राथमिकता दी है। प्रशासन और वन विभाग को तत्काल प्रभावी कदम उठाने होंगे ताकि भविष्य में ऐसी त्रासद घटनाओं से बचा जा सके।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- चाकुलिया में हाथी हमला कब हुआ? यह हमला सोमवार सुबह लगभग 5:45 बजे हुआ।
- हाथी हमला किसका शिकार बना? 60 वर्षीय अनिल महतो घातक रूप से घायल हुए।
- क्या कोई बचा है इस घटना से? अनिल महतो का नाती जो 7 साल का है, भागकर बचे।
- क्या वन विभाग ने कोई कार्रवाई की है? वन विभाग ने सतर्कता बरतने और मानव-हाथी संघर्ष पर बैठकें बुलाने की बात कही है।
- ग्रामीणों की मुख्य मांग क्या है? प्रभावित परिवार मुआवजा, सुरक्षा व्यवस्था और हाथियों के प्रवेश को रोकने की मांग कर रहे हैं।



