गम्हरिया में नाला पर सड़क निर्माण का विरोध, ग्रामीणों ने ब्लॉक कार्यालय के बाहर जताया रोष
JSRnews.com | Local | 27 Jul 2026
परिचय
गम्हरिया के रामजीवनपुर गांव में सरकारी नाले को सड़क में तब्दील करने के प्रयास के विरोध में स्थानीय ग्रामीणों ने गम्हरिया ब्लॉक कार्यालय के बाहर मंगलवार को जोरदार प्रदर्शन किया। ग्रामीण अपनी कृषि और सिंचाई के लिए महत्वपूर्ण इस नाले को बचाने की मांग कर रहे हैं, जिसकी वजह से इलाके में व्यापक चिंता व्याप्त है।
प्रमुख बिंदु
- रामजीवनपुर गांव के लोग नाले को सड़क में बदलने का विरोध कर रहे हैं।
- नाले के बंद होने से सिंचाई प्रभावित होने का खतरा है।
- ग्रामीणों ने प्रशासन से नाले को यथावत रखने की मांग की।
- दुग्धा पंचायत के मुखिया मोहन बास्के ने प्रदर्शन का समर्थन किया।
पृष्ठभूमि
गम्हरिया के रामजीवनपुर गांव में दशकों से एक सरकारी नाला है, जो क्षेत्र के खेतों की सिंचाई का मुख्य स्रोत रहा है। स्थानीय किसानों का कहना है कि पूर्वजों से यह नाला उनकी खेती का आधार रहा है और इसे बंद या सड़क में परिवर्तित करने से ग्रामीणों की जल आवश्यकता पर प्रश्न चिह्न लगेगा।
नाला सड़क निर्माण विरोध
प्रशासन के निर्देशानुसार कुछ दबावों के कारण नाले पर सड़क निर्माण शुरू कर दिया गया था, जिसे ग्रामीणों ने तुरंत रोका। उनका आरोप है कि नाले को सड़क में बदलने से खेतों तक पानी का प्रवाह बंद हो जाएगा, जिससे संभावित खाद्यान्न की कमी और आर्थिक संकट उत्पन्न होगा।
ताजा जानकारी
प्रदर्शन में बच्चे, बुजुर्ग और पंचायत के लोग शामिल हुए। उन्होंने नाले के संरक्षण के लिए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई है और नाले के मार्ग में सड़क निर्माण को स्थगित करने की मांग की है।
पंचायत मुखिया के बयान
दुग्धा पंचायत के मुखिया मोहन बास्के ने सार्वजनिक हित में कहा, "हम नाले के संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। यदि ये नाला बंद हुआ तो सिंचाई प्रभावित हो सकती है, इसलिए प्रशासन को इस बारे में पुनर्विचार करना चाहिए और ग्रामीणों की बात सुननी चाहिए।"
जनता पर प्रभाव
नाले के बनने वाले सड़क से न केवल किसानों की सिंचाई व्यवस्था प्रभावित होगी, बल्कि आसपास के इलाके के लोगों के जीवन में भी व्यवधान आने का खतरा है। ग्रामीण डर रहे हैं कि पानी की कमी से उनकी उपज और रोजगार दोनों पर असर पड़ेगा।
आगे क्या होगा?
ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन से अपील की है कि नाले पर सड़क निर्माण कार्य पर रोक लगाई जाए और नाले की स्थिति को बचाने के लिए वैकल्पिक सड़क निर्माण का विकल्प निकाला जाए। प्रशासन की ओर से परिस्थिति का मूल्यांकन कर समाधान निकालने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
गम्हरिया का पुराना सरकारी नाला ग्रामीणों के लिए जीवनदायिनी है, और सड़क निर्माण के इस कदम से उनकी कृषि जीवनशैली पर सीधे असर पड़ने का खतरा है। प्रशासन को जरूरी है कि वह ग्रामीणों की चिंता को समझे और पर्यावरण व खेती हित में संतुलित निर्णय ले।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- प्रशासन ने सड़क निर्माण क्यों शुरू किया? कुछ दबावों के तहत नाले को सड़क बनाने का प्रयास किया गया है ताकि बेहतर आवागमन हो सके।
- ग्रामीण सड़क निर्माण के खिलाफ क्यों हैं? क्योंकि इससे सिंचाई के लिए पानी का स्रोत बंद हो जाएगा, जिससे खेती प्रभावित होगी।
- पंचायत क्या कहती है? पंचायत मुखिया मोहन बास्के ने नाले को बचाने और सड़क निर्माण रोकने की मांग की है।
- आगे क्या कदम उठाए जाएंगे? प्रशासन स्थिति का अवलोकन कर वैकल्पिक योजना बनाएगा और ग्रामीणों से संवाद कर समाधान निकालेगा।



