जमशेदपुर में बैंक ऑफ इंडिया ने 141 एमएसएमई लाभार्थियों को ₹40 करोड़ के ऋण सैंक्शन किए
परिचय
जमशेदपुर में बैंक ऑफ इंडिया के आंचलिक कार्यालय ने एक विशेष एमएसएमई आउटरीच कार्यक्रम के तहत ₹40 करोड़ के ऋण स्वीकृत किए, जिसमें 141 लाभार्थियों को सैंक्शन लेटर प्रदान किए गए। यह कार्यक्रम सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम क्षेत्र को मजबूत करने और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
JSRnews.com | Local | 30 May 2026
मुख्य बातें
- बैंक ऑफ इंडिया ने ईसीएलजीएस योजना के तहत ₹40 करोड़ के ऋण स्वीकृत किए।
- 141 एमएसएमई लाभार्थियों को सैंक्शन लेटर वितरित किए गए।
- उपायुक्त राजीव रंजन ने बैंकों की एमएसएमई विकास में भूमिका पर जोर दिया।
- बैंक अधिकारियों ने भविष्य में भी क्षेत्र को प्रोत्साहित करने की प्रतिबद्धता जताई।
पृष्ठभूमि
एमएसएमई क्षेत्र देश की आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण है। विशेषकर स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और घोड़ उद्योग के विकास में इसका योगदान अहम होता है। बैंक ऑफ इंडिया जैसी वित्तीय संस्थाएँ इस क्षेत्र के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर आर्थिक सुधार में मदद करती हैं।
ताज़ा अपडेट
हाल ही में बैंक ऑफ इंडिया के आंचलिक कार्यालय, जमशेदपुर ने बैंक ऑफ इंडिया भवन में ईसीएलजीएस के तहत एमएसएमई आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया। इस अवसर पर उपायुक्त राजीव रंजन मुख्य अतिथि थे, जिन्होंने बैंकिंग क्षेत्र की भूमिका को सराहनीय बताया। कुल 141 ऋण आवेदनों को मंजूरी दी गई, जिनकी कुल राशि ₹40 करोड़ है। लाभार्थियों को सैंक्शन लेटर वितरित किए गए।
बैंक ऑफ इंडिया के आधिकारिक बयान
आंचलिक प्रबंधक पंकज कुमार मिश्रा ने कहा कि बैंक ऑफ इंडिया स्थानीय उद्योगों, उद्यमों और व्यवसायों को विभिन्न सरकारी योजनाओं के द्वारा निरंतर सहायता प्रदान कर रहा है। उन्होंने बैंक की प्रतिबद्धता जताई कि एमएसएमई क्षेत्र को और अधिक मजबूत बनाया जाएगा।
लाभार्थियों पर प्रभाव
एमएसएमई क्षेत्र के लाभार्थियों को इस ऋण से अपने व्यवसायों का विस्तार करने और रोजगार के नए अवसर पैदा करने में मदद मिलेगी। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा मिलेगा और समृद्धि के नए मार्ग खुलेंगे।
आगे क्या होगा?
बैंक ऑफ इंडिया द्वारा जारी ऋणों के माध्यम से स्थानीय उद्यमों को वित्तीय सहायता मिलती रहेगी। साथ ही जागरूकता कार्यक्रमों के जरिए व्यवसायियों को नवीनतम बैंकिंग योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
निष्कर्ष
बैंक ऑफ इंडिया का यह एमएसएमई ऋण स्वीकृति कार्यक्रम जमशेदपुर में सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। यह न केवल आर्थिक विकास के साथ रोजगार के अवसर बढ़ाएगा बल्कि स्थानीय उद्यमियों का मनोबल भी बढ़ाएगा।
सामान्य प्रश्न (FAQ)
- प्रश्न: ईसीएलजीएस योजना क्या है?
उत्तर: यह एक आपातकालीन वित्तीय सहायता योजना है जो एमएसएमई उद्योगों को ऋण के रूप में सहायता प्रदान करती है। - प्रश्न: कितने लाभार्थियों को ऋण मिला?
उत्तर: 141 लाभार्थियों को कुल ₹40 करोड़ के ऋण स्वीकृत हुए। - प्रश्न: ऋण का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: स्थानीय व्यवसायों में विस्तार और रोजगार सृजन को बढ़ावा देना। - प्रश्न: क्या यह योजना भविष्य में भी जारी रहेगी?
उत्तर: बैंक ऑफ इंडिया ने एमएसएमई क्षेत्र को समर्थित करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई है।


