आयुष डॉक्टरों ने वेतनमान बढ़ाने की मांग को लेकर सरयू राय को ज्ञापन दिया
JSRnews.com | Local | 27 Jul 2026
परिचय
झारखंड में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत अनुबंध आयुष चिकित्सकों ने वेतनमान बढ़ाने की मांग को प्रमुखता से उठाना शुरू कर दिया है। उन्होंने नियमित डॉक्टरों के समकक्ष वेतन की मांग करते हुए पश्चिमी जमशेदपुर के विधायक सरयू राय को ज्ञापन सौंपा है। यह कदम उनके कार्यकाल के दौरान समान जिम्मेदारियों पर वेतन असमानता को लेकर शुरू हुआ है।
मुख्य बिंदु
- आयुष चिकित्सकों ने नियमित डॉक्टरों के समान वेतन देने की मांग की।
- अनुबंध चिकित्सकों को करीब ₹21,000 मासिक वेतन मिलता है जो आर्थिक रूप से अपर्याप्त है।
- सरयू राय को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें राज्य सरकार से हस्तक्षेप की अपील की गई।
- अवैध वेतन असमानता के कारण चिकित्सकों के सामने आर्थिक समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं।
- अन्य राज्यों में बेहतर वेतनमान मिलने का हवाला दिया गया है।
पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत आयुष चिकित्सक वर्षों से झारखंड के स्वास्थ्य क्षेत्र में कार्यरत हैं। हालांकि वे नियमित चिकित्सकों के समकक्ष सेवा देते हैं, लेकिन वेतनमान में भारी अंतर है। 7 जनवरी 2021 के एक सरकारी पत्र के अनुसार नियमित आयुष और एलोपैथिक डाक्टरों को समान वेतन मिलना चाहिए, लेकिन इस प्रावधान को अनुबंध चिकित्सकों पर लागू नहीं किया गया है।
आयुष डॉक्टर वेतनमान की वर्तमान स्थिति
अनुबंध आयुष डॉक्टरों को प्रति माह लगभग ₹21,000 की राशि मिलती है, जो उनके कार्यभार, खर्चों और जीवन यापन के लिए कम है। डॉ. रीना आजमी के अनुसार, आयुष डॉक्टरों को मरीजों तक पहुंचने के लिए प्रति माह ₹5,000 तक ईंधन खर्च करना पड़ता है, जो उनकी आर्थिक स्थिति पर दबाव डालता है।
ताजा अपडेट्स
रामगढ़ स्थित ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ ग्रेजुएट्स ऑफ इंटीग्रेटेड मेडिसिन की पश्चिमी जमशेदपुर इकाई ने संगठन के अध्यक्ष डॉ. ऋतुराज सिंह के नेतृत्व में यह मुद्दा उठाया। उन्होंने विधायक सरयू राय को ज्ञापन सौंपा, जिसमें इस वेतन असमानता को दूर करने की मांग की गई है। ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक और वित्त विभाग को भी भेजी गई है।
सरकारी प्रतिक्रिया और अधिकारियों के बयान
अब तक इस मांग पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली है, लेकिन संगठन ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों से शीघ्र निर्णय लेने की अपील की है। डॉ. ऋतुराज सिंह ने कहा कि वेतन में समानता न केवल न्याय संगत है, बल्कि स्वास्थ्य सेवा की गुणवत्ता भी बढ़ाएगी।
जनता पर प्रभाव
इस वेतन विवाद के कारण आयुष डॉक्टरों की आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है, जिससे वे अपनी सेवाओं को प्रभावी ढंग से प्रदान करने में असमर्थ हो सकते हैं। यह स्थिति ग्रामीण और दूर-दराज इलाकों में आयुष चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती है।
आगे क्या होगा?
आयुष चिकित्सकों ने उम्मीद जताई है कि सरकार उनके वेतनमान में उचित सुधार करेगी। इस मुद्दे का अनावरण होने के बाद स्वास्थ्य विभाग और वित्त विभाग द्वारा समीक्षा की संभावना है। यदि वेतन वृद्धि को मंजूरी मिलती है, तो यह झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के स्तर को भी सुधार सकता है।
निष्कर्ष
झारखंड में काम करने वाले अनुबंध आयुष चिकित्सक लंबे समय से वेतन असमानता का सामना कर रहे हैं, जो उनके जीवन यापन और कार्यपरिणाम प्रभावित कर रहा है। सरकार की ओर से इस पर ध्यान देने और न्यायसंगत समाधान निकालने की आवश्यकता है ताकि स्वास्थ्य सेवाओं में स्थिरता और गुणवत्ता बनी रहे।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- प्रश्न: आयुष डॉक्टरों के वेतनमान में अंतर क्यों है?
उत्तर: अनुबंध और नियमित आयुष चिकित्सकों के बीच वेतन में असमानता पिछले कई वर्षों से रही है, जो अभी तक ठीक नहीं की गई। - प्रश्न: क्या अन्य राज्यों में आयुष डॉक्टरों को बेहतर वेतन मिलता है?
उत्तर: हाँ, कई अन्य राज्यों में अनुबंध आयुष चिकित्सकों को बेहतर वेतनमान मिलने की जानकारी मिली है। - प्रश्न: सरयू राय ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
उत्तर: विधायक सरयू राय को ज्ञापन सौंपा गया है, जो उन्होंने राज्य सरकार के समक्ष रखा है। - प्रश्न: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन इस मामले में क्या भूमिका निभा सकता है?
उत्तर: NHM के तहत आयुष डॉक्टर काम करते हैं, इसलिए उनकी वेतनमान नीति को सुधारने में NHM की भूमिका महत्वपूर्ण है। - प्रश्न: भविष्य में वेतन वृद्धि की क्या संभावनाएं हैं?
उत्तर: इस मांग के बाद सरकार से सकारात्मक कदम उठाने की आशा जताई जा रही है, हालांकि आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।



