आदित्यपुर मां विपत्तारिणी पूजा: 27 वर्षों से चल रही परंपरा में जुटे हजारों श्रद्धालु
JSRnews.com | Local | 21 Jul 2026
परिचय
आदित्यपुर के दिन्दली बस्ती में मंगलवार को मां विपत्तारिणी की पूजा का एक विशेष आयोजन हुआ, जिसमें स्थानीय व आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। इस धार्मिक कार्यक्रम ने क्षेत्र में भक्ति और आस्था की गहरी छाप छोड़ी।
मुख्य बिंदु
- मां विपत्तारिणी पूजा का आयोजन दिन्दली बस्ती के शिव मंदिर प्रांगण में किया गया।
- पूजा विधि-विधान के साथ पारंपरिक मंत्रोच्चार के माध्यम से संपन्न हुई।
- इस आयोजन को पिछले 27 वर्षों से खगेन दास, कपिल दास एवं परिवार द्वारा जारी रखा जा रहा है।
- पूजा के बाद भव्य भंडारे का आयोजन भी किया गया जहां दूर-दराज से श्रद्धालु शामिल हुए।
- स्थानीय पार्षद और समाज के अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
पृष्ठभूमि
मां विपत्तारिणी पूजा की परंपरा आदित्यपुर के दिन्दली बस्ती में 2002 से संचालित है। इसकी शुरुआत खगेन दास और उनके परिवार ने मिलकर की थी, जिसके बाद यह आयोजन यहां की प्रमुख धार्मिक गतिविधियों में शामिल हो गया है। यह पूजा हर साल श्रद्धा और कड़ी तैयारी के साथ अंजाम दी जाती है जिसे स्थानीय समुदाय काफी मानता है।
ताजा अपडेट
इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालुओं ने गर्व और विश्वास के साथ मां विपत्तारिणी की पूजा में हिस्सा लिया। भगवान की आराधना में 13 प्रकार के फल, फूल अर्पित किए गए और महाभोग लगाया गया। पूजा में पंडित उज्ज्वल कुमार रथ ने वैदिक मंत्रों का उच्चारण करते हुए विधि का पालन किया।
आधिकारिक बयान
खगेन दास के परिवार की सदस्य सागरिका दास ने बताया कि यह पूजा परंपरा उनके परिवार की धरोहर है और इसे लेकर सभी सदस्यों में गर्व एवं जिम्मेदारी रहती है। उनके अनुसार यह आयोजन समुदाय में शांति, समृद्धि और एकता का प्रतीक है।
जनता पर प्रभाव
पूजा आयोजन ने स्थानीय लोगों में एकजुटता और सांस्कृतिक पहचान को और मजबूत किया है। श्रद्धालुओं ने परिवार की सुख-शांति और जीवन में समृद्धि के लिए मां से प्रार्थना की। भंडारे ने भी सभी के बीच भाईचारा और प्रेम को प्रोत्साहित किया।
आगे क्या होगा
आने वाले वर्षों में भी यह पूजा समारोह परंपरागत रूप से मनाया जाएगा। परिवार के अन्य सदस्य और स्थानीय संगठन इसे और व्यापक स्तर पर मनाने की योजना बना रहे हैं, जिससे यह धार्मिक उत्सव और अधिक प्रभावशाली बने।
निष्कर्ष
आदित्यपुर में मां विपत्तारिणी पूजा न केवल एक धार्मिक अनुष्ठान है बल्कि यह स्थानीय संस्कृति और एकता का सशक्त प्रतीक भी है। यह आयोजन वर्षों से क्षेत्र की सामाजिक धरोहर का अभिन्न हिस्सा रहा है और आगे भी रहेगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- मां विपत्तारिणी पूजा कब शुरू हुई?
यह पूजा दिन्दली बस्ती में वर्ष 2002 से जारी है। - पूजा में कौन-कौन से फल और फूल अर्पित किए जाते हैं?
पूजा में 13 प्रकार के फल और फूल अर्पित किए जाते हैं। - पूजा का मुख्य उद्देश्य क्या होता है?
परिवार की सुख-शांति, बाधा निवारण और समृद्धि के लिए मां से प्रार्थना करना। - क्या भंडारे का भी आयोजन होता है?
हां, पूजा के बाद भव्य भंडारा भी आयोजित किया जाता है। - पूजा कौन आयोजित करता है?
यह पर्व खगेन दास और कपिल दास परिवार द्वारा पिछले 27 वर्षों से संचालित है।



