आज का पंचांग: शुक्रवार का पावन दिन, मां लक्ष्मी की कृपा से भरें सुख-समृद्धि
आज का पंचांग शुक्रवार के पावन दिन का विशेष विवरण प्रस्तुत करता है, जो माता लक्ष्मी की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि सुबह 9 बजकर 50 मिनट तक रहेगी, इसके बाद चतुर्दशी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। परिघ योग प्रातः 4 बजकर 36 मिनट तक रहेगा, फिर शिव योग का शुभ संयोग शुरू होगा जो पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए बहुत उपयुक्त माना जाता है।
JSRnews.com | Religious | 29 May 2026
आज सूर्योदय सुबह 5 बजकर 24 मिनट पर हुआ और सूर्यास्त शाम 7 बजकर 13 मिनट पर होगा। दिन के अभिजीत मुहूर्त का समय दोपहर 11 बजकर 51 मिनट से 12 बजकर 46 मिनट तक रहेगा, इस समय को किसी भी शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। इसके अतिरिक्त, अमृत काल प्रातः 3 बजकर 33 मिनट से 5 बजकर 19 मिनट तक रहेगा, जिसे भी बेहद शुभ माना गया है।
करण में तैतिल करण सुबह 9 बजकर 50 मिनट तक रहेगा, इसके बाद गरज और फिर वणिज करण का प्रभाव रहेगा। यह सभी योग और करण शुभ कार्यों जैसे विवाह, नए काम की शुरुआत आदि के लिए फलदायक होते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज राहुकाल सुबह 10 बजकर 35 मिनट से दोपहर 12 बजकर 19 मिनट तक रहेगा, इस अवधि में कोई भी नया कार्य शुरू करना उचित नहीं है। गुलिकाल सुबह 7 बजकर 8 मिनट से 8 बजकर 52 मिनट तक रहेगा, वहीं यमगण्ड दोपहर 3 बजकर 46 मिनट से शाम 5 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। इन समयों के दौरान यात्रा, निवेश और मांगलिक कार्य टालना लाभकारी होता है।
आज स्वाति नक्षत्र सुबह 10 बजकर 38 मिनट तक रहेगा, उसके पश्चात विशाखा नक्षत्र प्रारंभ होगा। स्वाति नक्षत्र का स्वामी राहु है और यह वायुदेव के अधीन होता है। इस नक्षत्र में जन्मे लोग बुद्धिमान, शांतिप्रिय तथा कूटनीतिक कौशल से परिपूर्ण माने जाते हैं। विशाखा नक्षत्र का स्वामी शुक्रदेव हैं, जो लोगों के व्यक्तित्व में आकर्षण और संतुलन लाते हैं।
इस प्रकार, शुक्रवार का यह दिन बहुतेरे शुभ योगों से युक्त है, जो घर पर सुख-समृद्धि और शांति का अनुभव कराता है। माता लक्ष्मी की आराधना इस दिन विशेष फलदायक होती है, जिससे आर्थिक संकट दूर होते हैं और परिवार में वैभव का वास होता है। सभी पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे आज के शुभ समय का सदुपयोग करते हुए मां लक्ष्मी की विधिपूर्वक पूजा करें और अपने जीवन में सकारात्मकता और समृद्धि लाएं।