मौसम के दो रंग: केरल में बाढ़, उत्तर भारत में 48 डिग्री की गर्मी
मौसम ने इस बार अपने दो बिल्कुल अलग रंग दिखाए हैं। केरल राज्य में भारी बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं, जो लोगों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। वहीं, भारत के उत्तर भाग में 'नौतपा' काल के दौरान तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे आम जनता कठिन गर्मी से जूझ रही है।
JSRnews.com | Trending | 28 May 2026
केरल में हो रही लगातार बारिश ने नदी-नाले उफान पर आ गए हैं, जिससे कई क्षेत्रों में जलभराव हो रहा है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और जरूरी बचाव उपाय अपनाने के निर्देश दिए हैं। ऐसे समय में बाढ़ नियंत्रण के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं ताकि जनहानि और संपत्ति का नुकसान कम किया जा सके।
वहीं, उत्तर भारत में मौजूदा मौसम के बदलते स्वरूप ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंची भीषण गर्मी ने कई राज्यों में स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को जन्म दिया है। विशेषकर 'नौतपा' के दौरान अक्सर सुकून वाली ठंडी हवा मिलने की उम्मीद होती है, लेकिन इस बार अत्यधिक तापमान से कई जगहों पर हाहाकार मचा हुआ है।
केरल में बाढ़ के कारण और प्रभाव
भारी बारिश के पीछे पश्चिमी घाट में मानसूनी गतिविधियों की तीव्रता एक मुख्य कारण है। लगातार बारिश ने सड़कें और आवागमन प्रभावित किए हैं, साथ ही कृषि क्षेत्र को भी नुकसान पहुंचाया है। राहत और बचाव कार्य में स्थानीय प्रशासन और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल लगे हुए हैं।
उत्तर भारत में गर्मी की मार
उत्तर भारत में गर्मी का ये प्रकोप मौसम विज्ञान विभाग की चेतावनी के बाद भी जारी है। नौतपा का काल सामान्यतः मौसम में बदलाव लाता है, लेकिन इस बार तेज गर्मी के कारण लोग एहतियात बरत रहे हैं। पानी का सेवन बढ़ाने और बाहर निकलने में बचाव जैसे उपाय जरूरी हो गए हैं।
इस प्रकार, देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम के दो विपरीत पहलू सामने आ रहे हैं, जो राज्य सरकारों और लोगों दोनों के लिए बड़े चुनौतियों का कारण बन रहे हैं। ऐसे में जागरूकता और सावधानी ही इस मौसम के प्रभावों से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।