उलीडीह गोलीकांड: नशे के दौरान पैसों के विवाद में गोली चली, तीन गिरफ्तार
JSRnews.com | Crime | 17 Jun 2026
परिचय
झारखंड के उलीडीह क्षेत्र में नशे के दौरान पैसों को लेकर हुई गोलीबारी की घटना ने स्थानीय जनता को चिंतित कर दिया है। इस गोलीकांड का पुलिस ने मात्र 24 घंटे के भीतर खुलासा कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस मामले ने कानूनी प्रक्रिया और सुरक्षा के सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्य बिंदु
- शंकोसाई रोड नंबर-4, खड़िया बस्ती में मंगलवार रात गोलीबारी
- 21 वर्षीय देवदास गोप गंभीर रूप से घायल, एमजीएम अस्पताल में भर्ती
- पैसों के लेन-देन पर नशे की हालत में विवाद के बाद हुई गोलीबारी
- तीन आरोपियों नीरज प्रधान, देवाशीष प्रधान और शिवा गौड़ा गिरफ्तार
- पुलिस ने घटना में प्रयुक्त पिस्टल बरामद की
पृष्ठभूमि
16 जून की रात्रि लगभग 11 बजे, एमजीएम थाना को एक युवक के गोली लगने की सूचना मिली। प्रारंभिक जांच के दौरान पता चला कि घटना उलीडीह ओपी क्षेत्र के खड़िया बस्ती में हुई थी। घटना स्थल पर स्पष्टता न होने के कारण पुलिस ने दो क्षेत्रों में जांच आरंभ की। नशे की हालत में पैसों के विवाद के कारण मारपीट और गोलीबारी की बात सामने आई।
उलीडीह गोलीकांड की जांच
वरिय पुलिस अधीक्षक और नगर पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में पटमदा डीएसपी की देखरेख में एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया। जांच में घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने वाले नीरज प्रधान और देवाशीष प्रधान को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिन्होंने पूरे घटनाक्रम का विवरण दिया।
ताजा मामले अपडेट
पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपी नशे की हालत में बैठे थे, तभी पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद शुरू हुआ। विवाद बढ़ने पर नीरज प्रधान ने पिस्टल से देवदास गोप पर गोली चला दी, जो गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने नीरज प्रधान, देवाशीष प्रधान और शिवा गौड़ा को गिरफ्तार कर गोली में इस्तेमाल पिस्टल बरामद कर ली।
आधिकारिक बयान
पुलिस विभाग ने बताया कि मामला गंभीर है और सभी आरोपियों के विरुद्ध उचित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। हथियार के स्रोत और अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
जनता पर प्रभाव
यह गोलीकांड नशे के प्रभाव और वित्तीय विवादों की गंभीर सामाजिक दुष्यति को दर्शाता है। इससे क्षेत्रीय सुरक्षा की चिंताएं बढ़ीं हैं और स्थानीय लोगों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हुई है।
आगे क्या होगा?
पुलिस जांच पूरी होने पर दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी। इसी के साथ स्थानीय प्रशासन नशे और अपराध नियंत्रण के लिए और कड़े कदम उठाने पर विचार कर रहा है। अदालत में मामला दर्ज होने के साथ ही इस घटना की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
निष्कर्ष
उलीडीह गोलीकांड ने स्थानीय कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण के महत्व को पुनः रेखांकित किया है। नशे की लत और पैसों के विवाद से उपजी इस हिंसा से सीख लेकर प्रशासन और जनता को सतर्क रहना होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- 1. उलीडीह गोलीकांड कब हुआ?
यह घटना 16 जून की रात हुई थी। - 2. घायल युवक का नाम क्या है?
घायल युवक का नाम देवदास गोप है। - 3. गोलीकांड का कारण क्या था?
नशे के दौरान पैसों को लेकर विवाद हुआ था। - 4. आरोपियों की संख्या कितनी है?
तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। - 5. पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
मामले में पिस्टल बरामद कर आरोपियों पर सशक्त मामला दर्ज किया गया है।



