टाटानगर रेल सिविल डिफेंस ने 172 रेलकर्मियों को आपदा प्रबंधन और फर्स्ट एड का प्रशिक्षण दिया
JSRnews.com | Local | 11 Jun 2026
परिचय: टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम ने हाल ही में एक बहुप्रतिष्ठित आपदा प्रबंधन प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया, जिसमें 172 रेलकर्मियों ने हिस्सा लिया। यह ट्रेनिंग दक्षिण पूर्व रेलवे के जोनल प्रशिक्षण संस्थान सीनी में आयोजित हुई, जिसका उद्देश्य रेलवे स्टाफ को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार करना था।
प्रमुख बिंदु:
- 172 ट्रेन मैनेजर, स्टेशन मैनेजर और सहायक लोको पायलट्स ने भाग लिया।
- आधुनिक फायर एक्सटिंग्विशर के उपयोग और सुरक्षा के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
- बेसिक लाइफ सपोर्ट, इमरजेंसी रेस्क्यू, डॉग और स्नेक बाइट का प्रशिक्षण दिया गया।
- फर्स्ट एड बॉक्स सामग्री के सही इस्तेमाल पर जीवंत प्रदर्शन हुआ।
प्रशिक्षण का पृष्ठभूमि:
दक्षिण पूर्व रेलवे के जोनल प्रशिक्षण संस्थान सीनी के सभागार में आयोजित इस बहुविषयक आपदा प्रबंधन कार्यक्रम का उदेश्य रेलकर्मियों को असाधारण परिस्थितियों से निपटने में मदद देना था। रेल सुरक्षा को मजबूत करना और कर्मचारियों की त्वरित प्रतिक्रिया सुनिश्चित करना इसका प्रमुख लक्ष्य था।
टाटानगर रेल सिविल डिफेंस टीम की भूमिका:
सिविल डिफेंस इंस्पेक्टर संतोष कुमार ने आग से बचाव के लिए फायर एक्सटिंग्विशर के विभिन्न प्रकारों पर गहन जानकारी साझा की। खासकर क्लीन एजेंट फायर एक्सटिंग्विशर का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में आग लगने पर सबसे कारगर और सुरक्षित विकल्प बताया गया। उन्होंने रसोई में LPG गैस रिसाव या तेल से लगी आग को नियंत्रित करने के लिए भी इसे उपयुक्त माना।
ताजा जानकारी:
सिविल डिफेंस डेमोंस्ट्रेटर शंकर कुमार प्रसाद ने प्रशिक्षुओं को उपकरणों के व्यावहारिक उपयोग कराके दक्षता बढ़ाई। इसमें चक्रधरपुर, रांची, आद्रा, खड़गपुर, संबलपुर, खुरदा और बिलासपुर डिवीजनों के कर्मचारी शामिल हुए।
प्रशिक्षण का असर:
इस कार्यक्रम में शामिल रेलकर्मियों ने प्रशिक्षण को बहुत ही लाभकारी बताया। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उन्हें आपात स्थिति में तत्काल और प्रभावी कदम उठाने के लिए सक्षम बनाएगा।
आगे की योजना:
आगामी समय में इस तरह के प्रशिक्षण और अधिक डिवीजनों तक विस्तारित किए जाने की संभावना है ताकि रेल सुरक्षा में व्यापक सुधार हो सके।
निष्कर्ष:
टाटानगर रेल सिविल डिफेंस का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम न केवल रेलकर्मियों को आपदा प्रबंधन में दक्ष बनाता है, बल्कि यात्रियों और रेलवे परिसंपत्तियों की सुरक्षा में भी अहम योगदान देता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ):
- प्रशिक्षण में किस प्रकार की आपदाओं पर ध्यान दिया गया? - आग, गैस रिसाव, डॉग और स्नेक बाइट, फर्स्ट एड सहित विभिन्न आपात स्थिति पर।
- क्लीन एजेंट फायर एक्सटिंग्विशर की क्या विशेषता है? - यह इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को नुकसान पहुंचाए बिना आग बुझाता है और कोई अवशेष नहीं छोड़ता।
- कार्यक्रम में कितने डिवीजन के कर्मचारी शामिल हुए? - सात डिवीजनों के कुल 172 रेलकर्मी।
- क्या इस तरह का प्रशिक्षण अन्य क्षेत्रों में भी होगा? - हाँ, इसे अन्य रेलवे डिवीजनों में भी लागू करने की योजना है।
- फर्स्ट एड का क्या महत्व है? - आपातकालीन स्थिति में जीवन बचाने के लिए फर्स्ट एड अनिवार्य है।



