सुनिल गुप्ता और बेटे पर हमला, 48 घंटे बाद भी गिरफ्तारी नहीं: प्रेस क्लब ने धरने का ऐलान
JSRnews.com | Local | 17 Jun 2026
परिचय
गम्हरिया के मोती नगर इलाके में पत्रकार सुनिल गुप्ता और उनके पुत्र अनुराग कुमार गुप्ता पर हुए हमले का मामला लगातार सुर्खियों में बना हुआ है। इस मामले में पुलिस की कार्रवाई में हुई देरी से स्थानीय पत्रकार संगठन असंतोष जता रहे हैं और उन्होंने आंदोलन का ऐलान किया है।
प्रमुख बिंदु
- सुनिल गुप्ता और उनके बेटे पर रविवार को हमला किया गया।
- 48 घंटे बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई।
- प्रेस क्लब ने गुरुवार शाम से धरना देने का निर्णय लिया।
- घटना की जांच और पुलिस क्रियावली पर सवाल उठ रहे हैं।
पृष्ठभूमि
सुनिल गुप्ता ने मोती नगर में वन विभाग की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे और खटाल संचालन पर आपत्ति जताई थी। उनके अनुसार, कूड़ा और गंदा पानी उनके घर के समीप नाले में बहाया जा रहा था, जिससे उनकी शिकायत वन विभाग तक पहुंची थी। वन विभाग की जांच टीम के पहुंचने के बाद खटाल संचालकों ने उन्हें धमकाया।
हमले तक की घटनाएँ
फोन पर कई बार धमकाए जाने के बाद, रविवार को कुछ लोगों ने लाठी-डंडों से सुनिल गुप्ता और उनके बेटे पर हमला कर दिया। इस घटना से पहले धमकी भरे ऑडियो भी वायरल हुए थे। पुलिस को सूचना के बावजूद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है।
नवीनतम घटनाक्रम
घटना के दो दिनों बाद भी आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं, जिससे पत्रकार संगठन नाखुश हैं। थाने में हाल ही में कुछ पत्रकारों ने आरोपियों के पक्ष में मौजूद लोगों से अभद्रता की शिकायत भी की है।
आधिकारिक बयान
प्रेस क्लब के अध्यक्ष मनमोहन सिंह राजपूत ने बताया कि मंगलवार शाम 5 बजे से धर्ना शुरू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पत्रकारों पर हमला केवल एक व्यक्तिगत मामला नहीं, बल्कि लोकतंत्र और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला है।
जनता पर प्रभाव
पत्रकार और आमजन पुलिस कार्रवाई की धीमी गति से निराश हैं। इस हमले ने पत्रकारों में भय और असुरक्षा की भावना को जन्म दिया है। साथ ही, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं।
आगे क्या होगा?
प्रेस क्लब ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द आरोपी गिरफ़तार नहीं होते हैं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। अब सभी की निगाहें पुलिस के अगले कदम पर हैं।
निष्कर्ष
सुनिल गुप्ता पर हमला और पुलिस की कार्रवाई में देरी ने पत्रकारों और स्थानीय समाज में भारी नाराजगी फैला दी है। इस घटना ने अभिव्यक्ति की आज़ादी पर मंडराते खतरे को स्पष्ट कर दिया है, जिसे देखते हुए संबंधित अधिकारियों को त्वरित कदम उठाने की आवश्यकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- कहां और कब हुआ हमला? रविवार को गम्हरिया के मोती नगर क्षेत्र में।
- हमले के आरोपी अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुए? पुलिस की कार्यवाही में देरी और संदिग्ध सुस्ती के कारण।
- प्रेस क्लब ने क्या कदम उठाए हैं? दबाव बनाने के लिए धरना प्रदर्शन शुरू करने का निर्णय लिया है।
- सुनिल गुप्ता ने किस विषय पर शिकायत की थी? वन विभाग की जमीन पर हो रहे अवैध कब्जे और प्रदूषण के खिलाफ।
- क्या प्रशासन ने कोई प्रतिक्रिया दी है? अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।



