सोनारी थाना प्रभारी सहित पुलिसकर्मियों पर गोलगप्पा दुकानदार के गंभीर आरोप, एसएसपी को मिली शिकायत
JSRnews.com | Local | 22 Jul 2026
परिचय
जमशेदपुर के सोनारी थाना प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों पर एक स्थानीय गोलगप्पा विक्रेता के गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायत में सूदखोरी, धमकी, मारपीट और जबरन हस्ताक्षर करवाने जैसे मामले शामिल हैं, जो पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) को भेजी गई एक शिकायत में जताए गए हैं। इस विवाद ने स्थानीय प्रशासन के कार्यशैली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं।
मुख्य बिंदु
- गोलगप्पा विक्रेता बजरंग प्रसाद ने सोनारी पुलिस के खिलाफ सूदखोरी और मारपीट का आरोप लगाया।
- शांति समिति के सदस्य से 1.70 लाख रुपये उधार लिए, लेकिन ब्याज समेत अतिरिक्त राशि वसूली जा रही है।
- थाना में जबरन हस्ताक्षर कराने और गाली-गलौज के साथ दुकान बंद कराने और जान से मारने की धमकी।
- एसएसपी से न्याय और सुरक्षा की मांग की गई।
पृष्ठभूमि
लंबे समय से आर्थिक संकट झेल रहे गोलगप्पा विक्रेता बजरंग प्रसाद ने शांति समिति के सदस्य अभिषेक सिंह से 1.70 लाख रुपये तीन किश्तों में उधार लिए थे। आरोप है कि ब्याज दर 10 प्रतिशत की शर्त के साथ एक एग्रीमेंट तैयार किया गया, जिसमें दो हस्ताक्षरयुक्त ब्लैंक चेक भी दिए गए। बावजूद इसके, बजरंग का कहना है कि वह अब तक बाजार मूल्य से अधिक राशि चुका चुका है, मगर फिर भी उससे और अधिक पैसा मांगा जा रहा है।
ताजा घटनाक्रम
11 फरवरी 2026 को सोनारी पुलिस थाना में बजरंग से बिना सहमति के एक खाली कागज पर हस्ताक्षर कराए गए। 21 जुलाई की शाम को मनीष सिंह, प्रकाश ठाकुर और पुलिस दरोगा बलराम साहू द्वारा बजरंग के गोलगप्पा ठेले पर पहुंचकर गाली-गलौज की गई, मारपीट की गई, और ब्याज की अतिरिक्त मांग की गई। इसके अलावा, उन्हें दुकान बंद करने और पुनः खोलने पर जान से मारने की धमकी भी दी गई।
पुलिस अधिकारियों के बयान
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उक्त आरोपों की पुष्टि या खंडन के लिए अभी संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया जाना बाकी है। पुलिस विभाग की ओर से मामले की जांच की बात कही गई है, और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया गया है।
जनता पर प्रभाव
स्थानीय गोलगप्पा विक्रेता और इलाके के आम नागरिक इन आरोपों को लेकर चिंता में हैं। वे पुलिस प्रशासन की विश्वसनीयता और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। इससे व्यापारिक गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है, खासकर छोटे व्यापारियों में भय का माहौल बनता दिख रहा है।
आगे क्या होगा?
शिकायतकर्ता ने आगामी जांच में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। साथ ही, अपने ठेले को पूर्व स्थान पर सुरक्षित रूप से संचालित करने की अनुमति भी माँगी है। प्रशासन की प्रतिक्रिया पर अब पूरा क्षेत्र नजर रखे हुए है।
निष्कर्ष
सोनारी थाना प्रभारी समेत पुलिसकर्मियों पर लगे गंभीर आरोप स्थानीय प्रशासन के लिए चिंता का विषय हैं। इस मामले की निष्पक्ष जांच और न्याय सुनिश्चित करना आवश्यक है ताकि आम जनता का विश्वास कायम रहे और व्यापारिक गतिविधियाँ बिना भय के चलें।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- क्या सोनारी थाना प्रभारी ने आरोपों को स्वीकार किया है? अभी तक संबंधित पुलिस अधिकारियों ने कोई आधिकारिक जवाब नहीं दिया है।
- गोलगप्पा विक्रेता पर कौन-कौन से आरोप हैं? सूदखोरी, मारपीट, धमकी, जबरन हस्ताक्षर करवाना और दुकान बंद कराने के आरोप लगे हैं।
- क्या मामले की जांच शुरू हो चुकी है? एसएसपी को शिकायत मिली है और जांच का आश्वासन दिया गया है, जांच प्रक्रिया जारी है।
- क्या गोलगप्पा विक्रेता को पुनः दुकान लगाने की अनुमति मिल पाएगी? उन्होंने एसएसपी से अपनी सुरक्षा और अनुमति की मांग की है, निर्णय जांच के बाद होगा।
- क्या इस प्रकार की शिकायतें स्थानीय प्रशासन के कामकाज को प्रभावित करती हैं? हाँ, ऐसे मामले प्रशासन की विश्वसनीयता को चुनौती देते हैं और स्थानीय व्यापारियों में असुरक्षा की भावना पैदा करते हैं।



