SIR-2026 अभियान के तहत चांडिल के पीवीटीजी गांवों में उपायुक्त ने किया कड़ा निरीक्षण
JSRnews.com | Local | 06 Jul 2026
परिचय
सरकारी चुनावी प्रक्रिया को पारदर्शी और सबके लिए सुलभ बनाने के उद्देश्य से जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने सोमवार को चांडिल प्रखंड के विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (पीवीटीजी) बहुल दूरस्थ गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR)-2026 अभियान के तहत चल रहे मतदाता सत्यापन और घर-घर एन्यूमरेशन के काम की स्थिति का निरीक्षण किया।
SIR-2026 अभियान के मुख्य बिंदु
- चांडिल प्रखंड के धुनाबुरु पंचायत के कोड़ाबुरु, तुलग्राम और पालगाम जैसे दूरस्थ गांवों का दौरा।
- मतदाताओं से घर-घर जाकर संवाद और सत्यापन प्रपत्रों की जांच।
- बीएलओ के कार्यों का निरीक्षण और जिम्मेदार अधिकारियों को निर्देश।
- दिव्यांग, वृद्ध एवं अन्य विशेष पात्र मतदाताओं के लिए प्राथमिकता आधारित सहायता सुनिश्चित करना।
- ग्रामीणों की समस्याओं के समाधान हेतु प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई का भरोसा।
पृष्ठभूमि
चांडिल क्षेत्र झारखंड के सबसे चुनौतीपूर्ण प्रखंडों में से एक है, जहां महामारी के बाद भी दूरस्थ पीवीटीजी समुदाय तक सरकारी योजनाओं और चुनावी प्रक्रियाओं की पहुंच सीमित रही है। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार SIR-2026 अभियान शुरू किया गया है, ताकि मतदाता सूची को पूर्णतया अद्यतन किया जा सके और प्रत्येक पात्र मतदाता को मतदान प्रक्रिया से बाहर न रखा जाए।
SIR-2026 अभियान के तहत नवीनतम प्रक्रिया
उपायुक्त नीतिश कुमार सिंह ने बीएलओ के कार्यों पर नजर रखते हुए सुनिश्चित किया कि सभी मतदाता सही और सटीक जानकारी के साथ एन्यूमरेशन प्रपत्र भर रहे हैं। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे अपना विवरण सावधानीपूर्वक जांचें और चुनावी अधिकारों के प्रति जागरूक रहें। इससे मतदाता सूचियों में त्रुटियों को खत्म करने और एक निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
आधिकारिक बयान
उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि, "हमारा उद्देश्य है कि SIR-2026 अभियान के अंतर्गत हर पात्र मतदाता तक पहुंच सुनिश्चित की जाए। इस अभियान में नागरिकों का सहयोग बेहद आवश्यक है ताकि मतदाता सूची पूरी तरह सही और अद्यतित हो।" उन्होंने अधिकारियों को समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से काम पूरा करने के निर्देश भी दिए।
जनता पर प्रभाव
यह पहल विशेष रूप से उन ग्रामीणों के लिए लाभकारी साबित होगी जो सुदूरवर्ती क्षेत्र में रहते हैं और जिनकी आवाज़ सामान्य प्रशासन तक पहुंचने में अटकाव रहता है। दिव्यांग और बुजुर्ग मतदाताओं की पहचान कर उन्हें प्राथमिकता देना उनकी भागीदारी को बढ़ाने में सहायक होगा।
आगे क्या होगा?
अगले चरण में इस अभियान का विस्तार अन्य प्रभावित प्रखंडों तक किया जाएगा और निरंतर निगरानी कर कार्रवाई की पारदर्शिता को सुनिश्चित किया जाएगा। प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि ग्रामीणों की समस्याओं जैसे मोबाइल नेटवर्क की खराबी व अन्य बुनियादी बाधाओं के निराकरण हेतु आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
निष्कर्ष
चांडिल के पीवीटीजी बहुल गांवों में SIR-2026 अभियान के तहत की गई यह पहल चुनावी प्रक्रिया को और अधिक समावेशी और प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन की सक्रियता और स्थानीय लोगों की भागीदारी से मतदाता सूची की गुणवत्ता और विश्वसनीयता बढ़ेगी।
सामान्य प्रश्न (FAQ)
- Q1: SIR-2026 अभियान क्या है?
A1: यह एक विशेष मतदाता सूची सत्यापन और अद्यतन अभियान है जो भारत निर्वाचन आयोग की ओर से चलाया जा रहा है। - Q2: उपायुक्त ने किन गांवों का दौरा किया?
A2: धुनाबुरु पंचायत के कोड़ाबुरु, तुलग्राम और पालगाम गांवों का। - Q3: बीएलओ की क्या भूमिका है?
A3: बूथ लेवल ऑफिसर मतदाता सत्यापन एवं एन्यूमरेशन प्रपत्र भरने में स्थानीय स्तर पर काम करता है। - Q4: दिव्यांग मतदाताओं के लिए क्या प्रबंध किए गए हैं?
A4: उनके लिए प्राथमिकता आधारित घर-घर सेवा सुनिश्चित करायी जा रही है। - Q5: ग्रामीणों की समस्याओं पर क्या कार्रवाई होगी?
A5: मोबाइल नेटवर्क व अन्य शिकायतों के समाधान के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।



