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सिमडेगा में मंईयां सम्मान योजना में फर्जीवाड़ा, पुरुष ने महिला बनकर 30 हजार रुपये उठाए

Jब
JSRNews ब्यूरो
| 📅 | ⏰ 7 घंटे पहले | 🕐 1 min read | 👁️ 2 views

परिचय
झारखंड के सिमडेगा जिले में मंईयां सम्मान योजना के तहत एक बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। इस मामले में एक पुरुष ने महिला बनकर दस माह तक योजना की राशि अपने खाते में प्राप्त की। प्रशासन ने मामला उजागर होते ही तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है।

सिमडेगा में मंईयां सम्मान योजना में फर्जीवाड़ा, पुरुष ने महिला बनकर 30 हजार रुपये उठाए

JSRnews.com  |  Local  |  30 May 2026

मुख्य बिंदु

  • सिमडेगा के जलडेगा प्रखंड में एक पुरुष ने महिला बनकर मंईयां सम्मान योजना का लाभ उठाया।
  • 10 महीनों तक रूपये 2,500 हर महीने खाते में आ रहे थे।
  • बीडीओ द्वारा मामला दर्ज कर पुलिस जांच शुरू।
  • सीएससी आईडी के दुरुपयोग की भी जांच।
  • आरोपी से राशि की रिकवरी और बैंक खाता होल्ड।

पृष्ठभूमि

मंईयां सम्मान योजना झारखंड सरकार की एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनका सशक्तिकरण करना है। इस योजना के तहत योग्य महिलाओं को मासिक आर्थिक मानदेय दिया जाता है। लेकिन हाल ही में सिमडेगा में इस योजना की विश्वसनीयता को चुनौती देने वाला मामला सामने आया है, जो पूरे राज्य के लिए चिंता का विषय है।

ताजा अपडेट

जलडेगा के डोर-टू-डोर सत्यापन अभियान के दौरान टिनगीना पंचायत में पंकज नाग नामक व्यक्ति की जांच में पुलिस ने पाया कि उसने महिला पात्र होने का दिखावा कर योजना का लाभ लिया। जून 2025 से मार्च 2026 तक वह हर महीने 2,500 रुपये की राशि जमा कराता रहा। इसके अलावा, फायदा उठाने के लिए उसने सीएससी संचालन केंद्र के प्रभारी कुमार चाणक्य की आईडी का दुरुपयोग भी किया।

आधिकारिक बयान

जलडेगा प्रखंड विकास पदाधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार ने बताया कि पुलिस ने पंकज नाग एवं कुमार चाणक्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर दी है। जांच जारी है और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए सभी पहल की जा रही हैं। साथ ही टिनगीना पंचायत सचिव से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है।

जनता पर प्रभाव

इस फर्जीवाड़े की खबर से योजना में भरोसा करने वाली वास्तविक पात्र महिलाओं के लिए चिंता की स्थिति बनी है। साथ ही यह घटना अन्य सरकारी योजनाओं में भी अनुशासन के प्रति सजग रहने की आवश्यकता को दर्शाती है।

अगले कदम

प्रशासन ने आरोपी से 30 हजार रुपये की राशि वसूल कर जप्त कर ली है, साथ ही संबंधित बैंक खाते को रोक दिया गया है। आगामी जांच में दोषियों की मिलीभगत और योजना में गड़बड़ी की पूरी तहकीकात की जाएगी। इसके बाद सख्त कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष

सिमडेगा में मंईयां सम्मान योजना के तहत हुआ यह फर्जीवाड़ा सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता बनाए रखने की आवश्यकता को रेखांकित करता है। आशा की जाती है कि यह मामले की गहन जांच और प्रभावी कदम प्रशासन की जवाबदेही दर्शाएंगे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

  • मंईयां सम्मान योजना क्या है?
    यह झारखंड सरकार द्वारा चलाई जाने वाली योजना है जो महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करती है।
  • फर्जीवाड़े का मामला कब सामने आया?
    यह मामला जून 2025 से मार्च 2026 की अवधि के दौरान का है जिसे हाल ही में सत्यापन अभियान में उजागर किया गया।
  • प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
    एफआईआर दर्ज कर आरोपी से राशि वसूली गई और बैंक खाते को होल्ड किया गया। जांच जारी है।
  • क्या अन्य स्थानों पर भी इस तरह की जांच हो रही है?
    झारखंड प्रशासन अन्य क्षेत्रों में भी सरकारी योजनाओं की जांच कर रहा है।
  • आरोपियों के खिलाफ क्या सजा हो सकती है?
    अगर दोषी पाए जाते हैं तो भारतीय कानून के तहत कड़ी सजा के प्रावधान हैं।
Jब
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JSRNews ब्यूरो
JSRNews ब्यूरो JSRnews.com की टीम के सदस्य हैं। जमशेदपुर और झारखंड की ताज़ा खबरें, स्थानीय मुद्दे और विकास की रिपोर्टिंग में विशेषज्ञ।
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