सरायकेला में 2026 का श्री जगन्नाथ रथ मेला शुरू, जानिए मुख्य आकर्षण और तैयारियों का हाल
JSRnews.com | Local | 28 Jun 2026
परिचय
झारखंड के सरायकेला में 2026 के श्री जगन्नाथ रथ मेला की तैयारियां जोरशोर से शुरू हो गई हैं। यह उत्सव 16 जुलाई से प्रारंभ होकर 15 दिनों तक चलेगा, जिसमें धार्मिक कार्यक्रमों के साथ-साथ मनोरंजन और सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी।
मुख्य बिंदु
- श्री जगन्नाथ रथ मेला समिति की बैठक में मनोज कुमार चौधरी को 19वीं बार निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया।
- 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा का रथारूढ़ यात्रा मुख्य मंदिर से मौसीबाड़ी की ओर होगी।
- 17 जुलाई से 15 दिनों तक मेला आयोजित होगा जिसमें पारंपरिक व आधुनिक मनोरंजन समाहित होंगे।
- धार्मिक गंभीरता के मद्देनजर मेले के मुख्य मार्ग पर मांस और अंडे की बिक्री प्रतिबंधित रहेगी।
- रिक्ति के बाद समिति का पुनर्गठन हुआ, जिसमें नए पदाधिकारियों की नियुक्ति की गई।
पृष्ठभूमि
सरायकेला का श्री जगन्नाथ रथ मेला झारखंड का प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन माना जाता है, जिसकी परंपरा सदियों पुरानी है। यह मेला भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और देवी सुभद्रा की रथ यात्रा के इर्द-गिर्द केंद्रित होता है और हजारों श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित करता है।
ताजा अपडेट
हाल ही में आयोजित समिति की बैठक में आगामी मेला के आयोजन की तैयारियों का जायजा लिया गया। अध्यक्ष मनोज कुमार चौधरी ने बताया कि मेला 17 जुलाई से समारोह आरंभ करेगा, जिसमें बिजली झूले, नौका सवारी, ब्रेक डांस और जलपरी शो जैसे आकर्षक कार्यक्रम शामिल होंगे। महिलाओं के लिए मीना बाजार, बच्चों के लिए झूले-खिलौने, और विभिन्न खाने-पीने के स्टॉल लगाए जाएंगे।
समिति का पुनर्गठन
बैठक में गोविंद साहू और भोला महंती को उपाध्यक्ष, छोटेलाल साहू को सचिव, रूपेश साहू को संस्कृति सचिव तथा सुशांत महापात्र को वेश सज्जाकार नियुक्त किया गया, जिससे मेला आयोजन और बेहतर होगा।
अधिकृत बयान
अध्यक्ष मनोज चौधरी ने साफ किया कि आयोजनों में धार्मिकता पर कोई समझौता नहीं होगा और मेले के रास्ते पर मांस और अंडे की बिक्री पर पक्का प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने सभी को सुरक्षित और सफल आयोजन के लिए सहयोग का आह्वान किया।
जनता पर प्रभाव
यह मेला न केवल स्थानीय लोगों के लिए बल्कि आसपास के क्षेत्रों के भक्तों के लिए भी महत्वपूर्ण है। धार्मिक उत्सव के साथ-साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों से इसने रोजगार एवं आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन दिया है। महिलाओं, बच्चों और युवाओं के लिए यह आनंद का स्रोत भी है।
आगे क्या होगा?
मेला 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ के रथ प्रस्थान से शुरू होगा। 17 जुलाई से आधिकारिक तौर पर मेला शुरू होकर विभिन्न कार्यक्रम रोजाना आयोजित होंगे। समिति सतर्कता और सुरक्षा के लिए भी खास इंतजाम कर रही है ताकि श्रद्धालुओं और यात्रियों को सुविधा हो।
निष्कर्ष
सरायकेला का श्री जगन्नाथ रथ मेला न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सांस्कृतिक एकता और सामाजिक सहयोग का भी उत्सव है। 2026 में भी यह मेला अपनी पारंपरिक गरिमा को बनाए रखते हुए नयी उमंग और उत्साह के साथ आयोजित होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- श्री जगन्नाथ रथ मेला कब शुरू होगा? - यह मेला 16 जुलाई को भगवान जगन्नाथ के रथ प्रस्थान के साथ शुरू होगा।
- मेला कितने दिनों तक चलेगा? - यह 15 दिनों तक चलेगा।
- क्या मेले में मांस या अंडे की बिक्री होगी? - नहीं, मुख्य मार्ग पर मांस और अंडे की बिक्री पूरी तरह निषिद्ध है।
- क्या इस बार मेला में मनोरंजन के कार्यक्रम होंगे? - हाँ, बिजली झूला, ब्रेक डांस, नौका सवारी जैसे आकर्षण होंगे।
- समिति के प्रमुख नए सदस्य कौन हैं? - गोविंद साहू, भोला महंती, छोटेलाल साहू, रूपेश साहू, सुशांत महापात्र को महत्वपूर्ण पद दिए गए हैं।



