| 🕐 --:--:-- --
JSRnews.com – जमशेदपुर की ताज़ा खबरें | Jamshedpur Latest News in Hindi, English & Urdu
जमशेदपुर की सबसे तेज़ खबरें

सरायकेला में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में तेजी, DC ने LED जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाई

सरायकेला में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में तेजी, DC ने LED जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाई

JSRnews.com  |  Local  |  14 Jul 2026

सरायकेला जिले में बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए मंगलवार को एक विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उपायुक्त नितिश कुमार सिंह और उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने समाहरणालय परिसर से एलईडी जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर इस जिम्मेदारीपूर्ण मिशन की शुरुआत की। इस अवसर पर एक हस्ताक्षर अभियान का भी आयोजन हुआ, जो स्कूली बच्चों और आम जनता को कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट करता है।

प्रमुख बिंदु

  • सरायकेला में बेटा बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को तेज करने के लिए एलईडी जागरूकता रथ रवाना।
  • उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने बेटियों के लिए समान अवसर और सुरक्षा पर जोर दिया।
  • उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने जनभागीदारी की अहमियत को रेखांकित किया।
  • एलईडी रथ जिले के 9 प्रखंडों में लोगों को जागरूक करेगा।

पृष्ठभूमि

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह और महिलाओं के खिलाफ भेदभाव को रोकना है। सरायकेला जिला भी इस सामाजिक सुधार में सक्रिय भागीदार बना हुआ है और स्थानीय प्रशासन ने इसे प्रभावी रूप से लागू करने के लिए कई कदम उठाए हैं।

आखिरी अपडेट्स

इस कार्यक्रम में उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने समाज के सभी वर्गों से बेटियों के लिए समान अधिकार सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, "समाज तभी प्रगति कर सकता है जब बेटियों को सम्मान और सुरक्षा मिले। भ्रूण लिंग जांच और PCPNDT अधिनियम के उल्लंघन की सूचना प्रशासन तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है।" उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने बताया कि सामाजिक दृष्टिकोण बदलने के लिए जनभागीदारी बहुत जरूरी है। जिला समाज कल्याण पदाधिकारी सत्या ठाकुर ने कहा कि LED रथ पूरे जिले के नौ प्रखंडों में जागरूकता फैलाएगा और लोगों को महिलाओं के अधिकारों के प्रति संवेदनशील बनाएगा।

प्रशासनिक बयान

उपायुक्त नितिश कुमार सिंह ने कार्यक्रम के दौरान कहा, "हम लोगों से उम्मीद करते हैं कि वे बेटियों को शिक्षा, सुरक्षा और सम्मान के समान अवसर प्रदान करें। प्रशासन ऐसे गैरकानूनी कृत्यों के विरुद्ध कठोर कदम उठाएगा।" इसी बीच, उप विकास आयुक्त रीना हांसदा ने सामाजिक बदलाव के लिए समुदाय को सक्रिय भूमिका निभाने पर बल दिया।

जनता पर प्रभाव

यह पहल ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के लोगों को बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ के संदेश से जोड़ेगी। एलईडी रथ के माध्यम से प्रदर्शित लघु फिल्में और जागरूकता संदेश लोगों में सामाजिक बुराइयों के प्रति सजगता बढ़ाएंगे, जिससे लंबे समय में महिलाओं की स्थिति बेहतर होगी।

आगे क्या होगा?

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि LED जागरूकता रथ नियमित रूप से 9 प्रखंडों का भ्रमण करेगा और कार्यक्रमों को निरंतरता दी जाएगी। स्थानीय अधिकारियों को अनुरोध है कि वे सक्रियता दिखाते हुए इस अभियान को प्रभावशाली और व्यापक बनाएं।

निष्कर्ष

सरायकेला में बेटियों के कल्याण एवं संरक्षण के लिए यह अभियान नई ऊर्जा लेकर आया है। प्रशासन एवं जनता की सहभागिता से यह पहल सफल होगी और समाज में महिलाओं के अधिकारों की स्थिति और मजबूत होगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

  • बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान क्या है?
    यह सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या, बाल विवाह, और महिलाओं के प्रति भेदभाव को रोकना है।
  • LED जागरूकता रथ का क्या महत्व है?
    यह रथ लोगों तक बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से संबंधित संदेश और वीडियो पहुंचाता है, जिससे जागरूकता बढ़ती है।
  • सरायकेला में यह अभियान कब शुरू हुआ?
    हाल ही में उपायुक्त द्वारा LED जागरूकता रथ रवाना करने के साथ इस अभियान को अधिक गति दी गई है।
  • इस अभियान में किस तरह की भागीदारी जरुरी है?
    सामाजिक स्तर पर आम जनता का सहयोग, अधिकारियों की सक्रियता और जनप्रतिनिधियों का समर्थन इस अभियान की सफलता के लिए आवश्यक है।
  • सरकार भ्रूण लिंग जांच जैसी गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ क्या कदम उठाती है?
    ऐसे मामलों में PCPNDT अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई की जाती है। प्रशासन भी इस तरह की सूचनाओं के लिए आम जनता से सीधे संपर्क में रहता है।
विज्ञापन
AD 5
Jब
Author
JSRNews ब्यूरो
JSRNews ब्यूरो JSRnews.com की टीम के सदस्य हैं। जमशेदपुर और झारखंड की ताज़ा खबरें, स्थानीय मुद्दे और विकास की रिपोर्टिंग में विशेषज्ञ।
स्थानीय वीडियो खेल
WhatsApp Group से जुड़ें