रांची पुलिस ने किया साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, 5 गिरफ्तार और सैंकड़ों दस्तावेज जब्त
परिचय
JSRnews.com | Crime | 29 May 2026
रांची पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए राजधानी के चांदनी चौक इलाके में साइबर ठगी का खेल चलाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार कर उनसे सैंकड़ों बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
मुख्य बातें
- गोंदा थाना क्षेत्र के एक अपार्टमेंट में साइबर ठगी का गिरोह सक्रिय था।
- पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया।
- बरामद दस्तावेजों में 50 बैंक पासबुक, 26 डेबिट कार्ड, 8 चेकबुक, 13 मोबाइल फोन और 3 आधार कार्ड शामिल हैं।
- अरोपियों ने फर्जी दस्तावेजों से बैंक खाते खुलवाने और सिम कार्ड लेने की बात स्वीकारी।
- एक शख्स “निखिल भैया” नाम का गिरोह से जुड़ा बताया जा रहा है।
पृष्ठभूमि
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों के बीच रांची पुलिस ने जब सूचना मिली कि चांदनी चौक के रॉक व्यू अपार्टमेंट में एक गैंग साइबर ठगी की पाठशाला चला रहा है तो विशेष टीम बनाकर छापेमारी की। इस क्षेत्र में साइबर ठगी के मामलों में वृद्धि की खबरें पहले भी सामने आ चुकी हैं।
रांची पुलिस की कार्रवाई
एसएसपी राकेश रंजन के निर्देश पर गठित विशेष दल ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर काजल कुमार मंडल, आनंद कुमार, विक्की कुमार, शाकिब अंसारी और आर्यन कुमार को गिरफ्तार किया। तलाशी में भारी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज और मोबाइल फोन जब्त किए गए।
पुलिस के बयान
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपियों ने फर्जी पहचान पत्रों के माध्यम से बैंक खाते खुलवाए थे, जिनका इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम के लेन-देन के लिए किया जाता था। साथ ही, सिम कार्ड के लिए भी फर्जी कागजात का सहारा लिया जाता था।
अधिक जांच जारी
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में एक निखिल भैया नामक शख्स का नाम सामने आया है जो इस गिरोह का मुख्य संचालक माना जा रहा है। पुलिस इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी हुई है। डिजिटल जांच और दस्तावेजों की परख जारी है।
जनता पर प्रभाव
इस गिरफ्तारी से रांची में साइबर ठगी के मामलों में कड़े कदम उठाने की उम्मीद जगी है। आम जनता के लिए यह राहत की बात है कि पुलिस ने ऐसी बड़ी सफलता हासिल की है।
आगे क्या होगा?
पुलिस की जांच पूरी होने के बाद गिरोह से जुड़े अन्य सदस्य भी पकड़े जाएंगे। साथ ही साइबर अपराधों को रोकने के लिए जागरूकता अभियान तेज होंगे।
निष्कर्ष
रांची पुलिस की यह कार्रवाई साइबर अपराध पर काबू पाने में एक बड़ा कदम साबित होगी। फर्जी दस्तावेजों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों को रोकने में यह उपलब्धि महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
सामान्य प्रश्न (FAQ)
- 1. रांची पुलिस ने कब ये कार्रवाई की?
छापेमारी की तारीख 2026 में है, हाल ही में हुई है। - 2. कितने आरोपी गिरफ्तार हुए?
पांच आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं। - 3. क्या दस्तावेज जब्त हुए?
पुलिस ने 50 बैंक पासबुक, 26 डेबिट कार्ड, 8 चेकबुक, और कई मोबाइल फोन और आधार कार्ड बरामद किए। - 4. गिरोह का मुख्य संचालक कौन है?
पूछताछ में “निखिल भैया” नामक शख्स का नाम सामने आया है। - 5. पुलिस आगे क्या कदम उठाएगी?
पुलिस डिजिटल जांच और पूछताछ जारी रखेगी तथा अन्य आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी करेगी।


