रांची आईएसबीटी परियोजना की डीपीआर में तकनीकी खामियां, देरी बढ़ी
रांची में प्रस्तावित इंटर स्टेट बस टर्मिनल (आईएसबीटी) परियोजना का इंतजार और लंबा हो गया है। शहरी विकास विभाग ने तकनीकी खामियों को कारण बताते हुए परियोजना की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) वापस लौटा दी है। यह कदम योजना के अनुमोदन में देरी का प्रमुख कारण बन गया है।
JSRnews.com | Local | 28 May 2026
जानकारी के अनुसार विभाग ने डीपीआर में कई तकनीकी और संरचनात्मक कमियां पाई हैं। इनमें निर्माण डिजाइन, यातायात प्रबंधन, और अन्य आवश्यक मानकों का अधूरापन शामिल है। इन खामियों के चलते प्रोजेक्ट को फिलहाल मंजूरी नहीं दी जा सकी है। संबंधित एजेंसी को निर्देश दिया गया है कि वे डीपीआर में आवश्यक सुधार करके पुनः प्रस्तुत करें।
रांची आईएसबीटी परियोजना में फिर से देरी
बहुचर्चित आईएसबीटी परियोजना लंबित रही है, जिसे लेकर राजधानी के लोग लंबे समय से उम्मीद लगाए बैठे हैं। नया बस टर्मिनल बनने से रांची की ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार और यात्रियों को आधुनिक सुविधाएं मुहैया होने की संभावना थी। लेकिन तकनीकी कमियों के कारण परियोजना बार-बार अटकती गई है।
सूत्रों के अनुसार विभाग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में निर्माण के डिज़ाइन और यातायात प्रबंधन के तरीकों पर आपत्तियां जताई गई हैं। साथ ही कुछ जरूरी मानकों के अधूरा रह जाने पर भी चिंता प्रकट की गई है।
शहरवासियों को आईएसबीटी के लिए इंतजार करना होगा
डीपीआर की वापसी और परियोजना में और देरी से राजधानी के नागरिकों की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। वर्तमान में बस संचालन और पार्किंग व्यवस्था में लगातार समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं, जिनका समाधान आईएसबीटी परियोजना से किया जाना था।
शहरी विकास विभाग ने स्पष्ट किया है कि संशोधित डीपीआर प्राप्त होने के बाद ही परियोजना की अगली प्रक्रिया शुरू की जाएगी। तब तक आईएसबीटी के निर्माण पर अंतिम निर्णय टाला जाएगा।
इस प्रकार, रांची आईएसबीटी परियोजना की लंबित स्थिति ने ट्रैफिक व्यवस्थाओं और यात्रियों की सुविधा के लिए एक बड़ा सवाल चिन्ह खड़ा कर दिया है।


