रांची में दो नए सब स्टेशन से बिजली आपूर्ति होगी बेहतर, कम होगी ट्रिपिंग और लो-वोल्टेज
परिचय
JSRnews.com | Local | 30 May 2026
राजधानी रांची में दो नए विद्युत उपकेंद्रों के निर्माण से शहर और उसके आसपास के इलाकों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था में सुधार की उम्मीद है। ये उपकेंद्र लो-वोल्टेज और बार-बार बिजली कटौती जैसी समस्याओं को कम करने के लिए बनाए जा रहे हैं।
मुख्य बिंदु
- कोकर और जामचुआं में 10-10 एमवीए क्षमता वाले सब स्टेशन तैयार हैं।
- कोकर उपकेंद्र से लगभग 30 हजार लोगों को बेहतर बिजली मिलेगी।
- लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग जैसी समस्याओं में कमी आएगी।
- ग्रामीण और औद्योगिक क्षेत्रों को भी लाभ पहुंचेगा।
- स्मार्ट ग्रिड के माध्यम से अतिरिक्त 35 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
पृष्ठभूमि
रांची में बढ़ती बिजली मांग ने विद्युत विभाग को नए उपकेंद्र स्थापित करने के लिए प्रेरित किया है। पुराने सब स्टेशनों में बरसात, गर्मी और बढ़े हुए लोड के कारण कई समस्याएं सामने आती रही हैं।
नवीनतम अपडेट
कोकर और जामचुआं के उपकेंद्र निर्माण अंतिम चरण में हैं। इनके चालू होने से शहर के घनी आबादी वाले इलाकों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सप्लाई बेहतर होगी।
अधिकारिक बयान
बिजली विभाग ने बताया है कि नए सब स्टेशन और स्मार्ट ग्रिड सिस्टम मिलकर बिजली व्यवस्था को भरोसेमंद बनाएंगे और भविष्य की मांग की पूर्ति में सहायक होंगे।
जनता पर प्रभाव
बिजली की गुणवत्ता और स्थिरता में सुधार से घरेलू, व्यावसायिक तथा औद्योगिक उपयोगकर्ताओं को राहत मिलेगी। लो-वोल्टेज और बार-बार कटौती की समस्या कम होगी।
अगले कदम
नए उपकेंद्रों को शीघ्र चालू करने का लक्ष्य है ताकि गर्मी के मौसम में बढ़े लोड को बेहतर तरीके से संभाला जा सके। विभाग स्मार्ट ग्रिड के संचालन को और सुदृढ़ करने पर काम कर रहा है।
निष्कर्ष
रांची में विद्युत उपकेंद्रों की नई स्थापना से बिजली आपूर्ति में स्थिरता और गुणवत्ता आएगी, जिससे शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों के उपभोक्ताओं को विशेष लाभ होगा। यह पहल रांची को एक आधुनिक और विश्वसनीय बिजली नेटवर्क प्रदान करेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
- नई सब स्टेशन से किसे लाभ होगा? - कोकर, जामचुआं सहित आस-पास के लगभग 30 हजार से अधिक लोगों को लाभ मिलेगा।
- क्या बिजली कटौती की समस्या पूरी तरह समाप्त हो जाएगी? - नई व्यवस्था से कटौती और लो-वोल्टेज में काफी कमी आएगी, लेकिन पूरी समाप्ति की गारंटी नहीं है।
- स्मार्ट ग्रिड का क्या रोल है? - स्मार्ट ग्रिड से अतिरिक्त 35 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराई जा रही है जो लोड संतुलन में मदद करती है।


