रांची में बड़ी सफलता: 5 लाख के इनामी नक्सली रामदेव उरांव ने किया आत्मसमर्पण
परिचय
रांची में झारखंड पुलिस ने उग्रवाद के खिलाफ चल रहे अभियान में एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। 5 लाख रुपये का इनामी नक्सली और 'झांगुर ग्रुप' का सरगना रामदेव उरांव पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है।
JSRnews.com | Crime | 31 May 2026
मुख्य तथ्य
- रामदेव उरांव ने अपने दो सहयोगियों के साथ आत्मसमर्पण किया।
- पुलिस को दो ऑटोमैटिक हथियार, 45 जिंदा कारतूस और दो मैगजीन प्राप्त हुए।
- रामदेव 29 थानों में दर्ज 29 मामलों में वांछित था।
पृष्ठभूमि
रामदेव उरांव 'झांगुर ग्रुप' का एक कुख्यात सरगना है, जो कई वर्षों से कानून व्यवस्था के लिए चुनौती बना हुआ था। उसकी तलाश झारखंड पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा लंबे समय से की जा रही थी। उसे विभिन्न जगहों पर हुई कई हिंसात्मक घटनाओं से जोड़ा जाता है।
नक्सली संगठन की गतिविधियां
नक्सली संगठन झारखंड में लंबे समय से सक्रिय है, जो स्थानीय क्षेत्रों में अपनी पकड़ बनाए हुए है। आतंकवादी घटनाओं और हिंसा के जरिए वे क्षेत्र में असामाजिक गतिविधियां अंजाम देते रहे हैं।
ताजा अपडेट
हाल ही में रामदेव उरांव ने थाना अधिकारियों के समक्ष आत्मसमर्पण किया, साथ ही अपने दो सहयोगियों सुभाष उरांव और प्रसाद उरांव को भी पेश किया। इस दौरान उन्होंने दो ऑटोमैटिक हथियार और कई जिंदा कारतूस पुलिस को सौंपे।
अधिकारिक बयान
पुलिस अधीक्षक ने कहा, 'रामदेव उरांव का आत्मसमर्पण नक्सली गतिविधियों को बड़ा झटका देगा। उनसे पूछताछ जारी है, जिससे संगठन के अन्य सदस्यों की लोकेशन और योजनाओं का पता चल सकता है।'
जनता पर प्रभाव
यह आत्मसमर्पण स्थानीय जनता के लिए एक राहत की खबर है, जो नक्सलवाद की वजह से वर्षों से असुरक्षित महसूस कर रहे थे। इससे क्षेत्र में शांति बहाल होने की उम्मीद बढ़ी है।
आगे क्या होगा?
पुलिस इस आत्मसमर्पण के बाद नक्सली नेटवर्क के खिलाफ और सख्त कार्रवाई करने की योजना बना रही है। रामदेव उरांव और सहयोगियों से की जा रही पूछताछ से कई महत्वपूर्ण सूचनाएं सामने आ सकती हैं।
निष्कर्ष
रामदेव उरांव का आत्मसमर्पण झारखंड पुलिस के लिए एक बड़ी कामयाबी है, जो राज्य में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान को मजबूती देगा। इससे नक्सली संगठन को गंभीर नुकसान होगा और क्षेत्र की सुरक्षा बेहतर होगी।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- रामदेव उरांव कौन है?
रामदेव उरांव झारखंड के कुख्यात नक्सली सरगना हैं, जिन पर 5 लाख रुपये का इनाम घोषित था। - रामदेव ने कब आत्मसमर्पण किया?
उन्होंने हाल ही में रांची पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया है। - आत्मसमर्पण में क्या हथियार पुलिस को मिले?
पुलिस को दो ऑटोमैटिक बंदूकें, 45 जिंदा कारतूस और दो मैगजीन मिल गई हैं। - इस आत्मसमर्पण का नक्सली संगठन पर क्या असर होगा?
यह आत्मसमर्पण संगठन के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है और इससे अन्य सदस्यों की पकड़ मजबूत हो सकती है। - पुलिस आगे क्या कार्रवाई करेगी?
पुलिस आत्मसमर्पण करने वालों से पूछताछ कर अन्य नक्सलियों तक पहुंचने की कोशिश करेगी।


