रक्षाबंधन पर लक्ष्मी कुमारी पांडे की प्रेरक कहानी: शहीद भाई की बटालियन को राखी भेजना
JSRnews.com | Local | 18 Jul 2026
परिचय
रक्षाबंधन के त्योहार के शुभ अवसर पर, झारखण्ड के सिंहभूम मंडल में एक अनूठी कहानी उभर कर सामने आई है। लक्ष्मी कुमारी पांडे, जो कि अमर शहीद किशन दुबे की बहन हैं, हर साल भाई की याद में उसकी बटालियन को राखी भेजती हैं। यह भावना उनके परिवार के त्याग और देशभक्ति की गहरी छवि प्रस्तुत करती है।
मुख्य अंश
- अमर शहीद किशन दुबे की बहन लक्ष्मी कुमारी पांडे रक्षाबंधन पर भाइयों की बटालियन को राखी भेजती हैं।
- भारतीय डाक विभाग की टीम ने उनके परिवार के त्याग को सम्मानित किया।
- लक्ष्मी ने देशवासियों से अपील की कि वे सीमा पर तैनात सैनिकों को राखी भेजकर उनका मनोबल बढ़ाएं।
पृष्ठभूमि
9 जुलाई 2015 को देश की सेवा करते हुए अमर शहीद किशन दुबे ने वीरगति प्राप्त की। उनके बहादुर बलिदान ने पूरे परिवार और समाज को देशभक्ति के प्रति और अधिक समर्पित किया। उनके परिवार ने इस बलिदान को न केवल याद रखा है बल्कि हर साल इसे सम्मानित करने का एक अद्भुत माध्यम भी अपनाया है।
शहीद भाई की बटालियन को राखी भेजने की परंपरा
लक्ष्मी कुमारी पांडे ने बताया कि राखी केवल एक रेखा नहीं है, बल्कि यह सीमा पर तैनात वीर जवानों के लिए विश्वास, सुरक्षा और स्नेह का प्रतीक है। इस भावना से प्रेरित होकर वे अपनी राखियां बटालियन के सैनिकों तक पहुंचाती हैं और डाक विभाग इसे सुनिश्चित करता है।
ताजा अपडेट
भारतीय डाक विभाग की सिंहभूम मंडल टीम ने लक्ष्मी कुमारी पांडे के घर जाकर इस नेक कदम की सराहना की और उनके परिवार के त्याग को सार्वजनिक किया। सेवानिवृत्त जनसंपर्क निरीक्षक अमरेंद्र कुमार सिंह भी इस कार्यक्रम में उपस्थित थे, जिन्होंने इस प्रेरक पहल को जन्म दिया।
आधिकारिक बयान
डाक विभाग ने कहा है कि वे इस प्रकार के सम्मानजनक कार्यों में हमेशा आगे रहेंगे ताकि शहीदों और उनके परिवारों का साहस और समर्पण सराहा जा सके। विभाग का प्रयास है कि राखियां प्रति वर्ष सीमा पर समय से पहुंचें।
जनता पर प्रभाव
इस कहानी ने समाज में एक नई प्रेरणा और भाईचारे की भावना को जन्म दिया है। लक्ष्मी कुमारी की अपील से अन्य बहनें भी सीमा पर तैनात जवानों को राखी भेजने लगी हैं, जिससे सैनिकों का मनोबल बेजोड़ बढ़ा है।
आगे क्या होगा?
डाक विभाग आगामी वर्षों में इस पहल को और व्यापक बनाएगा और साथ ही देश की अन्य बहनों को भी इस अभियान से जोड़ने की योजना बना रहा है ताकि जवानों का उत्साह निरंतर मजबूत हो।
निष्कर्ष
लक्ष्मी कुमारी पांडे की यह भावनात्मक कहानी हर भारतीय के लिए गर्व और प्रेरणा का स्रोत है। शहीदों के त्याग को सम्मान देने वाली यह परंपरा देशभक्ति की भावना को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
- शहीद किशन दुबे कौन थे? वे एक बहादुर सैनिक थे, जिन्होंने 2015 में देश की रक्षा करते हुए वीरगति प्राप्त की।
- लक्ष्मी कुमारी पांडे कौन हैं? वे शहीद किशन दुबे की बहन हैं जो हर साल भाई की बटालियन को राखी भेजती हैं।
- डाक विभाग की भूमिका क्या है? यह सुनिश्चित करना कि राखियां सीमा पर सैनिकों तक समय पर पहुंचें।
- राखी भेजने का महत्व क्या है? यह सैनिकों के मनोबल और देशभक्ति की भावना को मजबूती देता है।
- क्या अन्य बहनें भी इस अभियान में शामिल हो सकती हैं? हाँ, लक्ष्मी कुमारी पांडे सभी बहनों से अपील करती हैं कि वे इस पहल में हिस्सा लें।



