पूर्वी सिंहभूम में नशा मुक्ति अभियान के तहत हरिणा मेले में विशेष जागरूकता कार्यक्रम
JSRnews.com | Local | 19 Jun 2026
परिचय
पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त के निर्देशन में नशा मुक्ति अभियान 10 जून से 25 जून तक जारी है। इस अभियान के हिस्से के रूप में शुक्रवार को प्रसिद्ध हरिणा मेले में एक व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य समाज को नशामुक्त बनाने के प्रयासों को गति देना है।
मुख्य पहलू
- हरिणा मेले में नशा विरोधी जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक सम्पन्न।
- बैनर, पोस्टर द्वारा नशे के नुकसान संबंधी संदेश।
- श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों को नशा से होने वाले सामाजिक, आर्थिक एवं स्वास्थ्य संबंधी नुकसान की जानकारी।
- समाज में नशामुक्ति के लिए सामूहिक प्रयासों की अपील।
पृष्ठभूमि
पूर्वी सिंहभूम जिले में नशा के बढ़ते प्रभाव और सामाजिक व आर्थिक असमंजस के कारण जिला प्रशासन ने नशा मुक्ति अभियान की शुरुआत की है। यह अभियान उत्पाद एवं मद्य-निषेध विभाग के सहयोग से चलाया जा रहा है जिसका लक्ष्य जिला के हर कोने तक जागरूकता पहुंचाना है।
नशा मुक्ति अभियान का विस्तार
इस अभियान के तहत 10 जून से 25 जून तक विभिन्न स्थानों पर लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना प्रमुख उद्देश्य है। विशेषकर त्योहारों एवं मेलों जैसे सार्वजनिक आयोजनों में इस अभियान के संदेशों का प्रभाव ज्यादा होता है।
ताजा जानकारी
शुक्रवार को आयोजित कार्यक्रम में उत्पाद विभाग के सहायक आयुक्त के नेतृत्व में टीम ने मेला परिसर में नशा विरोधी संदेश लगाए। श्रद्धालुओं से खुले संवाद के दौरान उनके सवालों के जवाब दिए गए और नशा छोड़ने के उपायों की जानकारी साझा की गई।
सरकारी बयान
उपायुक्त कार्यालय ने कहा कि ‘‘नशा हमारे समाज के लिए खतरा है। इस अभियान का उद्देश्य जनता को इसके दुष्प्रभावों से अवगत कराना और एक स्वस्थ समाज का निर्माण करना है।’’ विभाग के अधिकारी भी लगातार जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करते रहेंगे।
जनता पर प्रभाव
मेला में आए लोगों ने कार्यक्रम को सराहा और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लिया। लोगों ने अपने क्षेत्र में भी नशा मुक्ति का संदेश फैलाने का वचन दिया है, जिससे यह अभियान व्यापक रूप लेने लगा है।
आगे क्या होगा?
जिला प्रशासन ने भरोसा जताया है कि यह अभियान नियमित रूप से जिले के विभिन्न हिस्सों में चलता रहेगा। लोगों की सीधे भागीदारी से यह पहल अधिक प्रभावी और स्थायी साबित होगी। आगामी दिनों में ग्रामीण इलाकों में भी इस अभियान को मजबूत किया जाएगा।
निष्कर्ष
पूर्वी सिंहभूम का नशा मुक्ति अभियान समाज में जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हरिणा मेले में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम ने दिखाया कि सही दिशा में प्रयास कर नशे के खिलाफ मजबूत सामाजिक प्रतिरोध बनाया जा सकता है।
सामान्य प्रश्न
- नशा मुक्ति अभियान कब से कब तक चला?
यह अभियान 10 जून से 25 जून तक निरंतर चलाया जा रहा है। - हरिणा मेले में जागरूकता कार्यक्रम का उद्देश्य क्या था?
श्रीहरिणा मेले में नशा के दुष्प्रभावों के बारे में श्रद्धालुओं को जागरूक करना और उन्हें नशामुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करना। - अभियान का मुख्य संचालन कौन कर रहा है?
यह अभियान उत्पाद एवं मद्य-निषेध विभाग के सहायक आयुक्त के नेतृत्व में चलाया जा रहा है। - आगे क्या योजनाएं हैं?
संपूर्ण जिले में इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाएंगे। - जनता की भागीदारी कितनी महत्वपूर्ण है?
जनता की सक्रिय भागीदारी से ही इस अभियान को सफल और प्रभावी बनाया जा सकता है।



