पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया अलर्ट: 1059 संक्रमित, 4 मौतें, 54 गांवों में अभियान तेज
JSRnews.com | Local | 05 Jul 2026
परिचय:
पूर्वी सिंहभूम जिले में मच्छरजनित बीमारी मलेरिया ने गंभीर तस्वीर प्रस्तुत की है। इलाके में संक्रमण तेजी से फैल रहा है जिससे अब तक 1,059 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 4 मौतें हुई हैं। जिले के 54 संवेदनशील गांवों में स्वास्थ्य विभाग ने सघन जांच अभियान शुरू कर दिया है।
प्रमुख बातें:
- जिले में 1,059 मलेरिया संक्रमित और 4 मौतें
- 54 गांवों में व्यापक जांच अभियान
- 5,251 लोगों की जांच, 219 नए मरीज पाए गए
- 125 डॉक्टर व 200 स्वास्थ्यकर्मी तैनात
- फॉगिंग, कीटनाशक छिड़काव जारी
पृष्ठभूमि:
मलेरिया पूर्वी सिंहभूम सहित झारखंड के कई जिलों में बार-बार फैलती रही है। इस बार तेज बारिश और जलजमाव ने मच्छरों के प्रजनन को बढ़ावा दिया है। नालियों एवं जल निकासी की कमी भी संक्रमण के बढ़ने में सहायक हुई। विशेषकर ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में यह चुनौती घातक नजर आ रही है।
हाल की जानकारी:
स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अब तक 5,251 लोगों की जांच की, जिनमें से 219 नए मरीज मिले। प्रखंडवार जांच में पोटका में 56, मुसाबनी में 77 और डुमरिया में 62 नए मामले सामने आए हैं। 73 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं जिनमें से कई बच्चों समेत गंभीर हैं।
आधिकारिक बयान:
सिविल सर्जन डॉ. साहिर पाल ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को अभियान तेज करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि गांव-गांव जाकर तुरंत जांच और उचित इलाज सुनिश्चित किया जाए। मिशन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उन्होंने उपचार के साथ लोगों को जागरूक करने के लिए नुक्कड़ नाटक और जनसंपर्क कार्यक्रम शुरू करने को कहा है।
जनता पर प्रभाव:
मलेरिया फैलाव से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में डरा-धड़ा माहौल है। पानी जमा होने से मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे परिवारों को खास सावधानी बरतनी जरूरी हो गई है। अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ स्वास्थ्य सेवा पर दबाव बढ़ा रही है।
आगे क्या होगा:
स्वास्थ्य विभाग ने संवेदनशील इलाकों में लगातार निगरानी टीमों को तैनात किया है। फॉगिंग, कीटनाशक स्प्रे एवं जनजागरूकता अभियान जारी रहेंगे। प्रशासन ने लोगों से घरों के आस-पास जलजमाव न होने देने और बुखार आने पर तुरंत जांच कराने की अपील की है।
निष्कर्ष:
पूर्वी सिंहभूम में मलेरिया का प्रकोप चिंता का विषय है। प्रशासनिक सतर्कता और जन सहभागिता से संक्रमण को कम करना संभव है। सावधानी एवं उपचार समय पर लेना जोखिम घटा सकता है।
सामान्य प्रश्न (FAQ):
- प्रश्न: मलेरिया से बचाव कैसे करें?
उत्तर: मच्छरदानी का उपयोग, जलजमाव रोक, कीटनाशक छिड़काव जरूरी हैं। - प्रश्न: संक्रमित पाए जाने पर क्या करें?
उत्तर: तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच और उपचार कराएं। - प्रश्न: अभियान किस प्रकार चलाया जा रहा है?
उत्तर: 54 गांवों में घर-घर जांच और फॉगिंग चल रही है। - प्रश्न: मलेरिया के प्रमुख कारण क्या हैं?
उत्तर: बारिश के बाद जलजमाव, सफाई की कमी और मच्छरदानी न उपयोग प्रमुख कारण हैं। - प्रश्न: सरकारी सहायता कितनी उपलब्ध है?
उत्तर: सभी अस्पतालों में दवाएं उपलब्ध हैं, प्रशासन पूरी तैयारी में है।



