पोटका में PDS घोटाला, ग्रामीणों ने लाइसेंस रद्द करने की मांग की
झारखंड के जमशेदपुर इलाके में स्थित पोटका प्रखंड की कोवाली पंचायत में जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत अनियमितता का मामला सामने आया है। यहाँ के राशन कार्डधारियों ने PDS दुकान संचालक ललिता खंडापातर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों ने न केवल इस घोटाले के खिलाफ डटे रहने का संकल्प लिया है, बल्कि दुकान का लाइसेंस रद्द करने की भी मांग उठाई है।
JSRnews.com | Local | 29 May 2026
ग्रामीणों के अनुसार, काशीडीह गांव की PDS दुकान से पंचायत के अधिकांश लाभुक राशन लेते हैं, लेकिन दिसंबर 2025 से मार्च 2026 तक का राशन भले ही अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाया है। शिकायत करने वालों ने बताया कि दुकान संचालक दुकान में न रहकर बिचौलिये दिलीप खंडापातर को दुकान का संचालन सौंप देती हैं, जो लाभुकों के साथ दुर्व्यवहार करता है।
फिंगरप्रिंट आधारित ई-पॉश मशीन के माध्यम से राशन लेने आए लाभुकों को फिंगरप्रिंट दर्ज करने के बाद पर्ची भले ही मिल जाती है, लेकिन राशन अगले महीने देने का आश्वासन देकर उन्हें वापस भेज दिया जाता है। इस तरह हर महीने राशन रोककर काला बाजारी की जाती है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है।
ग्रामीणों ने इस संबंध में पोटका प्रखंड विकास पदाधिकारी और आपूर्ति पदाधिकारी को लिखित शिकायत भी दी। जांच के बाद विभाग ने अनियमितता पाते हुए उक्त दुकान को बरखास्त कर दिया है। हालांकि, अभी तक चार महीनों का लंबित राशन ग्रामीणों को नहीं मिला है।
ग्रामीणों की मांग है कि तत्काल प्रभाव से लंबित राशन उनके बीच वितरित किया जाए और निलंबित दुकानदार ललिता खंडापातर का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द किए जाने के साथ-साथ कोवाली पंचायत में नई PDS दुकान के लिए नया लाइसेंस जारी किया जाए ताकि राशन वितरण में पारदर्शिता और अनुशासन कायम हो सके।
यह मामला पोटका के ग्रामीणों के लिए बड़ा संकट बन चुका है। राशन वितरण में अनियमितता और काला बाजारी से प्रभावित लाभुकों की संख्या बढ़ रही है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति और स्वास्थ्य दोनों पर विपरीत असर पड़ रहा है। प्रशासन से उम्मीद है कि इस मामले में जल्द कार्रवाई करके जरूरतमंदों को उनके हक का राशन उपलब्ध कराया जाएगा।


